राजस्थान-सामान्य परिचय
- ऋग्वैदिक काल में राजस्थान के लिए ब्रह्मवर्त, रामायणकाल में वाल्मीकि ने मरुकान्तर शब्द का प्रयोग किया।
- राजस्थान शब्द का प्राचीनतम उल्लेख चित्तौड़गढ शिलालेख (घौसुण्डी) तथा बसंतसगढ़ शिलालेख (सिरोही) में मिलता है।
- राजस्थान के राजपुताना शब्द का सर्वप्रथम प्रयोग 1800 ई. में जार्ज थॉमस ने किया।
- राजस्थान के लिए राजस्थान शब्द का सर्वप्रथम प्रयोग कर्नल जेम्स टॉड ने अपनी पुस्तक ‘एनाल्स एण्ड एण्टीक्यूटीज ऑफ राजस्थान’ में 1829 ई. में किया।
- एकीकरण के दौरान राजस्थान शब्द का प्रयोग 25 मार्च 1948 को द्वितीय चरण के तहत पूर्व राजस्थान संघ के रूप में किया गया।
- विधिवत रूप से राजस्थान को राजस्थान नाम 26 जनवरी 1950 को एकीकरण के षष्ठम् चरण में दिया गया।
- राजस्थान का एकीकरण सात चरणों में 1 नवम्बर, 1956 को पूरा हुआ।
- एकीकरण के समय (1 नवम्बर 1956) राजस्थान में 26 जिले तथा पाँच संभाग थे।
- अप्रैल 1962 को मोहनलाल सुखाड़िया (तत्कालीन मुख्यमंत्री) ने संभागीय व्यवस्था को समाप्त कर दिया।
- 26 जनवरी, 1987 को हरिदेव जोशी (तत्कालीन मुख्यमंत्री) ने संभागीय व्यवस्था को पुन: प्रारम्भ कर अजमेर को छठा संभाग बनाया।
- 4 जून, 2005 को भरतपुर को राजस्थान का सातवां तथा नवीनतम संभाग घोषित किया गया।
- राजस्थान का 26 वां जिला- अजमेर (1 नवम्बर, 1956)
- राजस्थान का 27 वां जिला- धौलपुर (15 अप्रैल, 1982)
- राजस्थान का 28 वां जिला- बारां (10 अप्रैल, 1991)
- राजस्थान का 29 वां जिला- दौसा (10 अप्रैल, 1991)
- राजस्थान का 30 वां जिला- राजसमंद (10 अप्रैल, 1991)
- राजस्थान का 31 वां जिला- हनुमानगढ़ (12 जुलाई, 1994)
- राजस्थान का 32 वां जिला- करौली (19 जुलाई, 1997)
- राजस्थान का 33 वां जिला- प्रतापगढ़ (26 जनवरी, 2008)
- क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ा जिला- जैसलमेर
- क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे छोटा जिला- धौलपुर
- क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ा संभाग- जोधपुर
- क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे छोटा संभाग- भरतपुर