सिरोही के चौहान

लुम्बा

शिवभान/शिभान s/o रायमल –

 सहसमल – शिवमान का पुत्र था।

लाखा – 1451 में सिरोही का शासक बना।

जगमाल – लाखा का पुत्र

सुरताण देवड़ा –

 बेरीसाल – इसके समय दुर्गादास राठौड़ ने सिरोही राज्य के कालिंद्री ग्राम में अजीत सिंह को शरण दी थी। जहाँ गौराधाय ने उन का पालन-पोषण किया         था। कालिंद्री के जयदेव ब्राहृण के घर अजीत सिंह को छोड़ा गया था। (मुकुन्दराव खींची के माध्यम से)

शिवसिंह – इसने 11 सितम्बर 1823 ई. को अंग्रेजों के साथ सहायक सन्धि की थी। सहायक सन्धि करने वाला राजूपाने का अंतिम शासक था।