वैदिक सभ्यता
भाग-2
वैदिक साहित्य –
वेद –
नोट - यजुर्वेद, सामवेद व अथर्ववेद उत्तर वैदिक काल की रचना है।
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वेद |
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ऋग्वेद |
यजुर्वेद |
सामवेद |
अथर्ववेद |
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ऋक = ऋचा → श्लोक → मंत्र → देवताओं की स्तुति सृष्टि या मानव का प्राचीनतम ग्रंथ भारोपिय भाषा 10562 श्लोक 1028 सुक्त (1017+11 बाल खिल्य) 10 मण्डल - पुरुषसुक्त - चारवर्णों 2-8 सबसे प्राचीनतम 1, 9, 10 - नवीनतम मण्डल पुरोहित → होता/होतृ |
यजुष - कर्मकाण्ड, हवन यज्ञ पद्य + गद्य = चम्पु पुरोहित - अध्वर्यु 2 शाखाएँ - (i) कृष्ण यजुर्वेद (ii) शुक्ल यजुर्वेद |
साम् - गायन संगीतवेद भारतीय संगीत का जनक पुरोहित - उद्गाता सबसे कम ऐतिहासिक महत्व |
अथर्व - जादू/टोना/टोटका लोकप्रिय धर्मप्रतिनिधि सबसे नवीनतम वेद पुरोहित - ब्रह्मा |
1. ऋग्वेद –
- 'अतो मा सद्गमय' का उल्लेख ऋग्वेद
- गायत्री मंत्र का उल्लेख - रचना - विश्वकर्मा जी द्वारा यह तीसरे मण्डल में है देवीसुक्त में उल्लेख।
- जैन तीर्थंकरों जैसे - ऋषभदेव व अरिष्टिनेमी का उल्लेख
नोट :- ऋग्वेद के 2 से 7वें मंडल को वंशमंडल कहा जाता है तथा 1 व 10वां मंडल सबसे अंत में जोड़े गए नवीनतम मंडल है।