आहारनाल के विभिन्न भाग :-
ग्रसनी (Phanrynx) –
- मुख गुहा के अंतिम सिरे पर भोजन पथ एवं श्वसन पथ एक दूसरे को क्रॉस करते हैं, दोनों का ये जंक्शन बिंदु ग्रसनी कहलाता है।
- इसके ऊपरी भाग पर युवुला पाया जाता है जो कि भोजन को निगलते समय आंतरिक नासा छिद्र (Internal Nares) को बंद करता है।
- ग्रसनी (Phanrynx) के निचले हिस्से में जहाँ श्वासनली/Trachea पाई जाती है, इसके सिरे पर एपिग्लॉटिस/कण्ठच्छद पाया जाता है, जो कि भोजन को निगलने के दौरान श्वासनली को बंद कर देता है।
ग्रसिका (gullet) ग्रासनली/ Oesophgus:-
- ये ग्रसनी के अंतिम भाग से भोजन को आमाशय (Stomach) में ले जाती है। यहाँ किसी भी प्रकार का पाचन तो नहीं होता लेकिन यहाँ होने वाली क्रमाकुंचनी गतियों (Peristalsis) के कारण भोजन आगे गति करता है।
आमाशय (Stomach):- ये ‘J’ आकार का थैलेनुमा अंग है। जिसके 4 भाग होते है, जो निम्न है-
- फण्डस (शीर्षस्थ भाग)
- कार्डिया (हृदय की ओर)
- बॉडी (मध्य का सबसे बड़ा भाग)
- पाइलोरस (अंतिम संकरा भाग)
- आमाशय (Stomach) की आंतरिक दीवारें मोटे स्तर से बनी, ताकि ये स्वयं को जठर रस (Gastric Juice) की उच्च अम्लीयता से सुरक्षित रख पाता है।
- अंतिम पाइलोरस पर एक वॉल्व पायलोरिक वॉल्व पाया जाता है, जो आमाशय से अर्धपचित भोजन (काईम/Chyme) को छोटी आँत की तरफ जाने देता है।
छोटी आँत/Small intestine:-
- मानव की आहार नाल का सबसे लंबा भाग (लगभग 7 मीटर) लेकिन इसकी मोटाई कम एवं अत्याधिक कुंडलित होती है।
इसके 3 भाग इस प्रकार हैं-
- ड्यूडीनम
- जेजुनम
- इलियम
- इलियम के अंतिम भाग पर इलियोसीकल वॉल्व पाया जाता है, जो कि छोटी आँत में पचे हुए भोजन (Chyle/काईल) को बड़ी आँत के सीकम वाले भाग में जाने देता है।
बड़ी आँत/Large intestine:-
- आहारनाल का अंतिम भाग जो मोटाई में अधिक लेकिन लंबाई कम।
- इसे भी 3 भागों में बांटा गया है-
- सीकम
- कोलन
- रेक्टम
- बड़ी आँत के प्रारंभिक भाग सीकम के पास एक अवशेषी अंग अपेन्डिक्स पाया जाता है, जो हमारे पूर्वजों में सेल्युलोज के पाचन से संबंधित था।
- बड़ी आँत का अंतिम भाग रेक्टम/मलाशय आगे गुदा/Anus से जुड़ता है, जहाँ अपचित भोजन को मल/Stool के रूप में शरीर से बाहर त्याग दिया जाता है।
आहारनाल से संबंधित पाचन ग्रंथियाँ:-
- आहारनाल में भोजन की पाचन क्रिया से संबंधित 2 प्रकार की ग्रंथियाँ पाई जाती हैं-
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आंतरिक/internal पाचन ग्रंथियाँ
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बाह्य/External पाचन ग्रंथियाँ
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ये आहारनाल की विभिन्न संरचनाओं की दीवारों में ही पाई जाती है।
जैसे- आमाशय की दीवारों में – जठर ग्रंथियाँ
छोअी आँत की दीवारों में – ब्रूनर्स ग्रंथियाँ, श्लेष्म ग्रंथियाँ, लिबरकुहन की दरारें आदि।
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ये आहारनाल से बाहर स्थित हैं, लेकिन अपने स्त्रवण/Secretion आहारनाल तक पहुँचाती हैं।
जैसे- लार ग्रंथियाँ/Salivary glands, यकृत/liver, अग्नाशय (Pancreatic)
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