वैदिक सभ्यता
भाग-3

2.  यजुर्वेद –

(i)  कृष्ण यजुर्वेद – पद्य और गद्य दोनों में है। यह दक्षिण भारत में सर्वाधिक मान्य है।

(ii) शुक्ल यजुर्वेद – केवल मंत्र (पद्य)। उत्तर भारत में प्रचलित। सबसे प्रामाणिक शाखा। इसे वाजसनेय शाखा भी कहा जाता है।

 

3.  सामवेद -

4.  अथर्ववेद -

(i) निरुक्त (कान)  (ii) कल्प (हाथ)

(iii) ज्योतिष (आँख)  (iv) शिक्षा (घ्राण/नाक)

(v) व्याकरण (मुख)  (vi) छन्द(पैर)

वेद

पुरोहित

1. ऋग्वेद

होता/होतृ

2. यजुर्वेद

अध्वर्यु

3. सामवेद

उद्गाता

4. अथर्ववेद

ब्रह्मा/ब्राह्मण