-  दशराज्ञ युद्ध :
   उल्लेख : ऋग्वेद के 7 वें मंडल में मिलता है।
   कहाँ? – रावी नदी (पौरूष्णी) नदी के तट पर
   किसके मध्य :- ? भरत राजा सुदास व दश जनों के मध्य
   Note:- भरत राजा सुदास "त्रित्सु" वंश से संबंधित थे
   कारण? राजा सुदास ने "विश्वामित्र" को राजपुरोहित के पद से हटाकर "महर्षि वशिष्ठ" को अपना नया राजपुरोहित नियुक्त किया
   महत्वपूर्ण :- विश्वामित्र ने अपमानित होकर "मेध" की अध्यक्षता में 10 जनों का संगठन बनाया।  
-  इस संगठन का प्रमुख नेता : विश्वामित्र थे, इन्होंने भरत राजा सुदास के विरूद्ध रावी नदी के तट पर युद्ध लड़ा,
-  इस युद्ध में "राजा सुदास" विजयी रहें।
-  युद्ध में शामिल दस जन क्रमश: पुरू, अनूप, दुर्हयु, तुर्वस-आर्य कबीले थे
-  अकिन (अनिल), पक्थ, भलानस, शिवी, विषाणीनी- अनार्य कबीले थे।

राजनैतिक जीवन :-                                                                                         

  
महत्वपूर्ण :-
ऋग्वेद में विश शब्द : 171 बार    

        जन शब्द : 275 बार
        राष्ट्र शब्द : 1 बार
Note: ऋग्वेदिक काल में राजा – भूमि का स्वामी नहीं होकर वह केवल युद्ध का स्वामी – उसकी हैसियत – कबीले के मुखिया व संरक्षक के रूप में होती थी – जनस्य गोप्ता कहा गया है।
   आर्यों की प्रमुख संस्थाएँ :-
   1. विद्थ :- आर्यों की सबसे प्राचीनत्तम संस्था
-  यह विद्या व ज्ञान से संबंधित थी
-  इसमें महिलाओें को भाग लेने का अधिकार था।
-  ऋग्वेद में विदथ का 122 बार उल्लेख मिलता है।