कृषि (Pre)

-      भारत एक कृषि प्रधान देश है। जिसकी 54.6% जनसंख्या कृषि पर निर्भर करती है। परन्तु कृषि का GDP में योगदान बहुत कम है।

-      GVA (सकल मूल्य संवर्धन) में यह क्षेत्र 17% का योगदान रखता है।

-      भारत का कुल क्षेत्रफल 328.7 मिलियन हेक्टेयर Net sown area शुद्ध बोया गया क्षेत्र = 141.4 mi. Hec.

       Total Gross Crop Area सकल फसलकृत क्षेत्र = 208.9 mi. Hec.

-      भारत का शुद्ध बोया गया क्षेत्र कुल क्षेत्रफल का 43% है।

-      फसल गहनता = \(\frac{G C A}{N S A} \times 100\)     

-      भारत की फसल गहनता = 142%

-      Net irrigated area शुद्ध सिंचित क्षेत्र – 68.2 mi.Hec. यह शुद्ध बोये गये क्षेत्र का 48.23% है।

       अत: लगभग 52% (51.77%) NSA वर्षा पर निर्भर करता है।

       सिंचाई के साधन:-                 क्षेत्रफल          प्रतिशत

       कुआँ, नलकूप     – 64%          UP               G.J.

       नहर                  –  26%         UP               J&K

       तालाब               – 3 %           ध्र प्रदेश         T.N.

       अन्य                  – 7%

 

      

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निर्वाह कृषि :-

       इस कृषि का उद्देश्य मुनाफा कमाना नही होकर परिवार का भरण – पोषण करना होने से इसमें कम तकनीकों के साथ घरेलू श्रम का अधिक उपयोग किया जाता है। इस प्रकार की कृषि विकासशील देशों में होती है। इस कृषि के 2 प्रमुख प्रकार है।

A)   गहन निर्वहन कृषि:- यह कृषि अधिक जनसंख्या – घनत्व वाले क्षेत्रों में बोयी जाती है। कृषि जोतों का आकार छोटा होता है। कम तकनीक व घरेलू श्रम से उपयोग /उत्पादित की जाती है। 1 वर्ष में 1 से अधिक फसलें, गेहूँ, चावल, मक्का आदि प्रमुख फसल है।

ex.-  दक्षिया एशिया, द.पू. व पूर्वी एशिया।

B)   आदिम निर्वाह कृषि:- यह कृषि जनजातीय लोगों द्वारा परम्परागत तरीकों से की जाती है। यह कृषि 2 प्रकार की होती है।

       स्थानान्तरण कृषि:- यह कृषि उन क्षैत्रों में की जाती है जहाँ वर्षा अधिक होती है तथा वनस्पति की पुनर्विकास क्षमता भी अधिक होती है।

       वर्षा () = वनस्पति पुनर्विकास ()

       इस कृषि के अंतर्गत वनों में कुछ पेड़ो को काटकर जलाया जाता है तथा कृषि भूमि प्राप्त की जाती है। इस प्रकार प्राप्त भूमि पर 3 से 5 वर्षो तक कृषि करने के बाद भूमि की उत्पादकता कम होने के कारण कृषि को अन्य स्थान पर स्थानान्तरित किया जाता है। यह कृषि पर्यावरण के लिए हानिकारक होती है। इसे कर्तन व दहन Slash and bruin agrio भी कहते है।

क्षेत्रीय नाम :-

       क्षेत्र                                   नाम

       राजस्थान                          वालरा

                                               दजिया – मैदान

                                               चिमाता – पर्वत

       उ.पू. भारत                        झूमिंग

       ब्राजील                              रोका

       श्रीलंका                              चेन्ना

       मलेशिया, इण्डोनेशिया       लदांग

       थाइलैण्ड                            तुमुरी

चलवासी (Nomadic) :-

       यह कृषि शुष्क व अर्द्धशुष्क क्षेत्रों में की जाती है। इसमें पशुपालन किया जाता है। इसमें स्थानीय लोग अपने पशुओं के साथ चारे तथा जल की तलाश में एक स्थान से दूसरे स्थान पर प्रवास करते है।

       यह कृषि भारत में मुख्यत: पश्चिमी राजस्थान तथा J&K में की जाती है।

       अफ्रीका – सहारा मरुस्थल

वाणिज्यिक कृषि:-

       इस प्रकार की कृषि में अधिक निवेश के साथ बहुत बड़े भू-भाग पर कृषि की जाती है। इसमें तकनीकों व मशीनों का अधिक उपयोग करके मुनाफा कमाना प्रमुख उद्देश्य होता है।

       इसके अंतर्गत बडे स्तर पर उत्पादन किया जाता है। इसके 3 प्रकार है।

       अनाज कृषि

       रोपण कृषि

       मिश्रित कृषि     

 

नोट:- मूँग एवं मूँगफली खरीफ की फसल है। लेकिन पश्चिमी राजस्थान, उ.प. गुजरात में यह जायद में बोया जाता है।

 

फसल

मूल स्थान

मृदा

चावल

सिन्धु घाटी सभ्यता (भारत)

जलोढ़ मृदा

कपास

मिश्र (Egypt)

 काली मृदा / रेगूर मृदा

गेहूँ

मध्य एशिया

दोमट / पुरानी जलोढ़ मृदा

सरसों

मध्य एशिया

दोमट / पुरानी जलोढ़ मृदा

मक्का

मध्य अमेरिका

लाल-पीली मृदा

चाय

नोट :- चाय बौद्ध धर्म का पवित्र पेय पदार्थ है

टियानसेन पर्वतमाला (चीन)

लैटेराइट मृदा

कॉफी

इथोपिया / अबीसीनिया

लैटेराइट मृदा

गन्ना

भारत

जलोढ़ मृदा

रबर

ब्राजील

लैटेराइट मृदा

तम्बाकू

अरब

लाल-पीली मृदा

बाजरा

जिम्बाबे (अफ्रीका)

रेतीली-भूरी मृदा

 

 भारत की प्रमुख फसलें -

 खरीफ में सर्वाधिक उत्पादन - चावल

         - चावल भारत में वर्ष भर बोयी जाने वाली फसल है।

         - वर्ष भर सर्वाधिक उत्पादन की जाने वाली फसल चावल है।

- रबी - गेहूँ

- अनाज - चावल

- दलहन - चना

- तिलहन - मूँगफली

- व्यापारिक फसल - चाय

 

चावल - उष्ण - आर्द्र जलवायु की फसल है।

सर्वाधिक उत्पादन -

(1) पं. बंगाल

(2) उत्तर प्रदेश

(3) पंजाब - उत्पादकता में पंजाब का प्रथम स्थान है।

- चावल उत्पादन में चीन के बाद भारत का दूसरा स्थान है। लेकिन निर्यात में भारत प्रथम स्थान पर है।

- पं. बंगाल में चावल वर्ष भर बोया जाता है।

- ग्रीष्म काल - बोरा

- शीतकाल - औंस

- वर्षा काल - अमन

पद्मा, जमुना, जगन्नाथ, गोदावरी - चावल की अन्य किस्में है।

- छतीसगढ़ को चावल का कटोरा कहा जाता है।

- थंजाबुर (तमिलनाडु)- दक्षिण भारत का चावल का कटोरा (कावेरी डेल्टा)     

विश्व में सर्वाधिक कृषि क्षेत्र :- (प्रतिशत के आधार पर)

(1) भारत - 51 %

(2) USA -  20 %

(3) चीन - 11 %

(4) कनाड़ा - 5 %

   

गेहूँ - शीतोष्ण जलवायु की फसल

- हरित क्रान्ति से सर्वाधिक उत्पादन गेहूँ की फसल का बढ़ा है।

 

प्रमुख किस्में - मैक्सिकन, सोना, सोनालिका, सुजाता, लाल बहादुर, कल्याण।

गेहूँ के उत्पादन में प्रथम स्थान उत्तरप्रदेश का है उसके बाद पंजाब का स्थान आता है। लेकिन उत्पादकता में पंजाब का प्रथम स्थान है।

 

 

चाय - चीन का मूल पौधा है। - (टियानसेन पर्वत)

- बौद्ध धर्म का पवित्र पेय पदार्थ है।

- भारत में चाय का व्यवसायिक उत्पादन 1834-35ई.  में असमें में शुरु किया गया।

- भौगोलिक स्थिति -

(1) सूर्य की तिरछी / सुनहरी किरणें

(2) ढालू भूमि

(3) लैटेराइट मृदा

  

 

 

 

बाजरा - अफ्रीका - जिम्बाबे

- सर्वाधिक उत्पादक राज्य

(1) राजस्थान

(2) गुजरात

 

जौ -

- सर्वाधिक उत्पादक राज्य

(1) महाराष्ट्र

(2) गुजरात

 

नोट :- भारत विश्व में सर्वाधिक बाजरा उत्पादन करता है।

 

- दालों के उत्पादन में भारत में मध्यप्रदेश का प्रथम स्थान है।

चना - उत्पादन

(1) मध्यप्रदेश

(2) राजस्थान

 

मटर / मसूर - मध्यप्रदेश

 

सोयाबीन - सर्वाधिक प्रोटीन पाया जाता है।

- मालवा का पठार सोयाबीन के उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है।

- सर्वाधिक उत्पादन

(1) मध्यप्रदेश

(2) महाराष्ट्र

 

सरसों -

सर्वाधिक उत्पादन

(1) राजस्थान

(2) पंजाब

मूँगफली -

(1) गुजरात (राजकोट सर्वाधिक मूँगफली उत्पादक क्षेत्र)

(2) राजस्थान

          

कॉफी =

- मूल स्थान = इथोपिया (अबीसीनिया)

- भैगोलिक दशाऐं:-

1. कॉफी पूर्वी ढलानों पर की जाती है क्योंकि कॉफी के लिए सूर्य की सीधी किरणों की आवश्यकता होती है।

2. ढालू (सीढीनुमा खेती ) भूमि

3. लैटेराइट मृदा

- बाबा वूदन पहाड़ियाँ कर्नाटक में कॉफी उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है।

- ब्राजील विश्व में कॉफी उत्पादन में प्रथम स्थान पर है।

- विश्व का कॉफी बन्दरगाह = सेण्टोस बन्दरगाह (ब्राजील)

- ब्राजील में कॉफी की तीन किस्में पाई जाती है।

1. अरेबिका

2. रोबस्टा

3. लाइबेरिका

- अरेबिका और रोबस्टा का उत्पादन भारत में ही होता है।

- भारत का कॉफी बन्दरगाह = न्यू मैगलौर (कर्नाटक)

जूट = गोल्डन फाइबर (Golden Fibre) / सुनहरा रेशा

- विभाजन के डपरात्त भारत का बहुत बड़ा जूट उत्पादक क्षेत्र पूर्वी पाकिस्तान (बांग्लादेश) में चला गया ।

- पा. बंगाल 90% जूट उत्पादन करता है।

- बिहार, उड़ीसा तथा आंध्र प्रदेश में भी जूअ उत्पादन किया जाता है।

गन्ना = गन्ना उत्पादन में प्रथम स्थान उत्तर प्रदेश का है। लेकिन उत्तम किसम का गन्ना महाराष्ट्र में उत्पादित किया जाता है।

- चीनी के उत्पादन में महाराष्ट्र का प्रथम स्थान है।

- "चीनी का कटोरा" = उत्तर प्रदेश

(Central Drug Research Institute = luck noW 'UP')

हरित क्रान्ति =

1. उच्च उत्पादक क्षमता वाले बीजों का प्रयोग High Yeilding VarietySeeds (HYV)

2. गहन कृषि प्रणाली का उपयोग

3. सिंचाई साधनों का विस्तार

4. मशीनरी द्वारा खेती

5. रासायनिक खाद, कीटनाशकों का उपयेाग