ऋग्वेदिक आर्थिक जीवन:

सिचाई दो प्रकार से की जाती थी-

  1. स्वंयजा: वर्षा के पानी/तालाब के माध्यम से सिंचाई

  2. खत्रिनमा: कृत्रिम साधनों से जैसे: कुए से सिचाई (खनित्रमा)

उत्तरवैदिक काल (1000ई.पू-600 ई.पू.)

राजनैतिक जीवन:

रत्निन: राजा को प्रशासन में सहायता देने हेतु उसके प्रमुख सहयोगियों का समूह:

रत्निन नाम:

रत्निन के कार्य:

राजा (सम्राट)

सर्वोच्च प्रशासक

पुरोहित 

राजा का प्रमुख सलाहकार जिसे कर से मुक्ति प्राप्त थी

महिषी

राजा की सबसे प्रिय रानी (पटरानी)

युवराज

राजा का उत्तराधिकारी

सूत      

राजा का रथवान (सारथी) युद्ध के समय राजा का उत्साहवर्धन

सेनानी

प्रमुख सेनापति युद्ध की लूट में सेनानी का हिस्सा होता था