उत्तरवैदिक काल

आर्थिक जीवन-

- मुख्य व्यवसाय – कृषि व पशुपालन

- उतर वैदिक आर्य – लोहे से परिचित हुए

- लोहे को  - श्याम अयस/कृष्ण अयस कहा जाता था।

- ताँबे को – लोहित अयस कहा जाता था।

- अथर्ववेद में चाँदी का उल्लेख भी मिलता है।

तीन प्रकार की मुद्राएँ:-

- शतमान- उल्लेख शतपथ ब्राह्मण में

इसका प्रयोग केवल ब्राह्मणों को दक्षिणा देने में किया जाता था।

- वृष्णल

- पाद

- उत्तरवैदिक काल में श्रेणी प्रथा प्रचलित हुई।

- व्यवसायिक वर्ग हेतु- श्रेणी, गण, गणपति इत्यादि शब्दों का उल्लेख मिलता है।

- व्यवसायिक वर्ग के मुखिया को “श्रेष्ठिन” कहा जाता था।

- सार्थवाह:- व्यवसायिक वर्ग समुह के पथ प्रदर्शक को सार्थवाह कहा जाता था।

- कुसीदनी :- अत्यधिक ब्याज लेने वाला व्यक्ति (सूदखोर) कहलाता था।

- महाजनी प्रथा का भी उल्लेख मिलता है।

- कुसीद शब्द का प्रयोग “ऋण” हेतु किया गया है।

- बलि- उत्तरवैदिक काल में वैश्य वर्ण द्वारा राजा को दी जाने वाली भेंट व उपहार को “बलि” कहा गया।

वैदिक कालीन शब्दावली

शब्द                

अर्थ

उर्वरा               

जुता हुआ खेत/कृषि योग्य भूमि

वृक/उक्षन      

बैल

करीष/शकृत  

गोबर की खाद

सीता               

हल से बनी रेखाएँ

उर्दर                

अनाज मापने का पात्र

पर्जन्य             

बादल

तसर               

चरखा

अवि                

भेड़

अजा               

बकरी

पयस               

दूध

अष्टकर्णी         

गाय

- वैदिक सभ्यता मृदभांड संस्कृत थी।

मृदभांड 4 प्रकार के थे-
1. काले        
2. लाल                  
3. लाल और काल               
4. चित्रित धूसर (गेकआ मृदभांड),

नोट:- सर्वाधिक चित्रित धूसर मृदभांड प्राप्त होते है अत: इसे चित्रित धूसर-मृदभांड संस्कृति कहा जाता है।

सर्वाधिक चित्रित धूसर मृदभांड हरियाणा के भगवान पुरा से मिलते है।

महाजनपद काल

 

महाजनपद

राजधानी

वर्तमान स्वरूप

1.

अंग

चम्पा

भागलपुर बिहार

2.

मगध

गिरिव्रज राजगृह (राजगीर) पाटली पुत्र

पटना व गया (दक्षिणी बिहार)

3.

काशी

वाराणसी

वाराणसी

4.

कोशल

श्रावस्ती व अयोध्या

साकेत (उ.भाग)

अवध (U.P.)

5.

वज्जि (8) गणराज्य

वैशाली

बिहार का मुज्जफर नगर

6.

मल्ल (2) गणराज्य

कुशीनगर

देवरिया (U.P.)

7.

वत्स

कौशाम्बी

इलाहाबाद (U.P.)

8.

चेदि

शक्तिमति नगर

बुदेंलखण्ड

9.

कुरू

इन्द्रप्रस्थ

मेरठ व द.पू. हरियाणा

10.

पांचाल

अहिच्छत्र (उ.भाग) व

कांपिल्य (द.भाग)

बरेली (U.P. मथुरा)

11.

मत्स्य

विराटनगरी (बैराठ)

जयपुर, भरतपुर, अलवर,

12.

शूरसेन (शौरसेनेई)

मथुरा

ब्रज भूमि (U.P.)

13.

अश्मक

पोतन/पौदन्य (पोटली)

महाराष्ट्र

14.

अवन्ति

उज्जैन व महिष्मति

मालवा (M.P.)

15.

गांधार

तक्षशिला

वर्तमान पाक- तकक्षिला व पश्चिमोतर भाग

16.

कम्बोज

राजपुर (हाटक)

राजौरी (जम्मू - कश्मीर) हजारा पाकिस्तान

नोट:- अश्मक 16 महाजनपदों में एकमात्र महाजनपद जो दक्षिणी भारत में था।