तंत्रिका कोशिका / न्यूरॉन के भाग -
(1) कोशिका काय (Cyton) :-
यह तंत्रिका तंत्र कोशिका का प्रमुख, अण्डाकार या गोलीय, केन्द्रीय भाग होता है।
ये पिण्ड अधिकांश CNS, मुख्यत: मस्तिष्क के धूसर द्रव्य में होते हैं।
(2) डेन्ड्राइटस (Dendrites) :-
संख्या में एक या अधिक कोशिका पिण्ड के निकट से ही ये अत्यधिक शाखान्वित होकर झाड़नुमा (bushy) हो जाते हैं।
(3) एक्सॉन :-
यह एक काफी लम्बा और लगभग समान मोटाई का बेलनाकार प्रवर्ध होता है।
एक्सॉन दो प्रकार के होते हैं -
(1) मायलिनेटिड तन्तु
(2) एमायलिनेटिड तन्तु
Note :-
न्यूरॉन में पुनरूद्भवन की क्षमता सबसे कम होती है ।
न्यूरॉन में कोशिका विभाजन (Cell division) नहीं होता है।
सिनेप्स (Synapse) -
दो समीपस्थ तंत्रिका कोशिकाओं के मध्य संबंध जिसमें एक न्यूरॉन के एक्सॉन के अंतिम सिरे समीपस्थ न्यूरॉन के डेन्ड्राइट्स के साथ बिना भौतिक सम्पर्क से जुड़े रहते हैं।
सिनेप्स द्वारा आवेगों की गति संभव है।
ये दो प्रकार के होते हैं -
(1) न्यूरोट्रांसमीटर्स (तंत्रि हॉर्मोन्स)
(2) न्यूरोइन हीबिटर्स (तंत्रिका रोधी हॉर्मोन्स)
न्यूरोट्रांसमीटर्स - ये सिनेप्स सूचनाओं या आवेग की गति को बढ़ाते हैं। उदाहरण - एसिटिलकोलीन, एपिनेफ्रिन, नॉर ऐपिनेफ्रिन
न्यूरोइन हीबिटर्स - ये सिनेप्स पर सूचनाओं या आवेगों की गति को धीमा कर देते हैं। उदाहरण - GABA (गामा अमीनो ब्यूटाइरिक अम्ल)
केन्द्रीय तंत्रिका तंत्र - इसके दो भाग होते हैं -
(1) मस्तिष्क (Brain)
(2) मेरुरज्जु (Spinal Cord)
मस्तिष्क -
यह केन्द्रीय तंत्र का मुख्य भाग होता है, जो कपाल में हड्डियों के बीच सुरक्षित रहता है।
सामान्य वयस्क मनुष्य में मस्तिष्क का वजन 1300-1400 ग्राम होता है।
कपाल गुहा में मस्तिष्क को सहारा देने वाली 3 झिल्लियों का आवरण होता है, जो तन्तुमय संयोजी उत्तक की बनी होती हैं जो इस प्रकार हैं -
दृढ़तानिका (Duramater)
जाल तानिका (Arachoid)
मृदुतानिका (Piamater)
जालतानिका व दृढ़तानिका के मध्य सब ड्यूरल अवकाश पाए जाते हैं, जिसमें सिरमी तरल भरा रहता है।
सेरब्रोस्पाइनल द्रव (CSF)
एरेक्नॉइड झिल्ली व पायामेटर के मध्य के स्थान को सब एरेक्नॉइड स्थान कहते हैं, जिसमें CSF (Cerebrospinal Fluid) भरा रहता है।
यह CNS को झटके से बचाता है।
यह मस्तिष्क को उतप्लावन अवस्था में बनाए रखता है।
यह खाद्य, अपशिष्ट, गैसों तथा अन्य पदार्थों के विनिमय हेतु माध्यम का भी कार्य करता है।
मस्तिष्क अस्थियों के आवरण से घिरा रहता है जिसका निर्माण 8 अस्थियों से बना होता है -
(1) फ्रण्टल (1)
(2) पेराईटल (2)
(3) टेम्पोरल (2)
(4) ऑक्सीपीटल (1)
(5) एथेमोइड (1)
(6) स्फीनॉइड (1)
Note :- ड्यूरामेटर, एरेक्नॉइड तथा पायामेटर तीनों झिल्लियाँ बाहरी चोटों तथा आघातों से मस्तिष्क की सुरक्षा करती है।
यदि मस्तिष्क आवरण (मेनिन्जेज) में वायरस या बैक्टीरिया का संक्रमण होता है तो मेनिन्जाइटिस रोग होता है।
मस्तिष्क की आन्तरिक संरचना (Internal Structure of Brain) :-