TSH (थायरॉइड प्रेरक हॉर्मोन्स) - यह थायरॉइड ग्रंथि की क्रियाशीलता को प्रभावित करता है।

ACTH (एड्रीनो कॉर्टिको ट्रॉपिक हॉर्मोन्स) - यह हॉर्मोन्स एड्रीनल ग्रंथि के कॉटेक्स भाग से हॉर्मोन्स के स्त्रवण को प्रेरित करता है।

गोनेडोट्रॉपिन हॉर्मोन्स - ये दो प्रकार के हॉर्मोन्स होते हैं-

  (i) FSH(फोलिकल प्रेरक हॉर्मोन्स)

  (ii) LH (ल्यूटिनाइजिंग हॉर्मोन्स) 

ल्यूटीयोट्रॉपिक / मैमोट्रॉपिन / मातृत्व हॉर्मोन्स - यह हॉर्मोन्स गर्भावस्था के दौरान मादाओं में स्तन ग्रंथियों के विकास को प्रेरित करता है तथा इसी हॉर्मोन्स के प्रभाव में स्तन ग्रंथियों में दुग्ध निर्माण होता है इसलिए इसे लेक्टोजेनिक हॉर्मोन्स भी कहते हैं।

मेटाबोलिक हॉर्मोन्स - ये हॉर्मोन्स कार्बोहाइड्रेट एवं वसा उपापचय से संबंधित हॉर्मोन्स है।