लाभ और हानि
(Profit & Loss)
• महत्त्व – लाभ-हानि के प्रश्न न केवल विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओें वरन् जीवन के विभिन्न पहलुओं में सामने आते हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं में इसमें से 1-2 प्रश्न अवश्य होते हैं।
• प्रश्नों की व्यापकता – सामान्य लाभ-हानि के अतिरिक्त, प्रतिशत लाभ, हानि, कय मूल्य, विक्रय मूल्य, कीमत के प्रतिशत उतार-चढ़ाव के बाद मूल्य, अमुक संख्या के लागत मूल्य के बराबर अमुक संख्या का विक्रय मूल्य, निश्चित लाभ पाने हेतु मूल्य कितना बढ़ाना पड़ेगा-आदि विभिन्न प्रकार के प्रश्न पूछे जा सकते हैं।
• हल करने क लिए मूलमंत्र – प्रश्नों को हल करने में सामान्य बोध के अतिरिक्त विशिष्ट प्रश्नों को हल करने हेतु अभ्यास अत्यावश्यक है। ध्यान दें लाभ/हानि की गणना सदैव लागत मूल्य पर होगी-विक्रय मूल्य पर नहीं।
C.P. \(\to\) लागत मूल्य = क्रय मूल्य (खरीद मूल्य) + मरम्मत/अन्य खर्च (यदि कोई हो)
S.P. \(\to\) विक्रय मूल्य
नियम –
1. यदि विक्रय मूल्य > लागत मूल्य तो लाभ होगा।
\(\therefore\) लाभ = विक्रय मूल्य – लागत मूल्य
![]()
2. यदि लागत मूल्य > विक्रय मूल्य हो तो हानि होगी।
\(\therefore\) हानि = लागत मूल्य – विक्रय मूल्य

3. यदि एक वस्तु r% लाभ पर बेची जाती है, तो विक्रय मूल्य = क्रय मूल्य
या क्रय मूल्य = विक्रय
मूल्य इसी तरह, यदि एक वस्तु r% हानि पर बेची जाती है, तो विक्रय मूल्य = क्रय मूल्य
या क्रय मूल्य = विक्रय मूल्य ![]()
4. लगातार लाभ : यदि A, B को कोई a% लाभ पर बेचता है तथा B इसे C को b% लाभ पर बेचता है या यदि a% तथा b% दो लगातार लाभ प्रतिशत है, तो कुल लाभ प्रतिशत = \(\left(a+b+\frac{a b}{100}\right) \%\)
यदि A कोई वस्तु B को a% लाभ पर बेचता है तथा B इसे C को b% लाभ पर बेचता है और यदि C ने x रु. अदा किए, तो A द्वारा दी गई राशि =
\(x \times\left(\frac{100}{100+a}\right)\left(\frac{100}{100+b}\right)\)
5. यदि a% तथा b% लगातार दो हानि % है तो कुल हानि % = \(\left(-a-b+\frac{a b}{100}\right) \%\)
6. यदि एक वस्तु पर पहले a% लाभ होता है, तब b% हानि होती है, तो कुल लाभ या हानि प्रतिशत होगा लाभ प्रतिशत = \(\left(a-b-\frac{a b}{100}\right) \%\)
(ऋणात्मक चिह्न हानि के लिए तथा धनात्मक चिह्न लाभ के लिए)
7. यदि किसी वस्तु पर क्रमश: a% हानि तथा b% लाभ हाेता है, तो कुल हानि % या लाभ % होगा -
हानि % या लाभ = \(\left(-a+b-\frac{a b}{100}\right) \%\)
(ऋणात्मक चिह्न हानि के लिए तथा धनात्मक चिह्न लाभ के लिए)
8. यदि x वस्तुओं का क्रय मूल्य, y वस्तुओं के विक्रय मूल्य के बराबर है, विक्रय मूल्य = x, क्रय मूल्य = y
\(\therefore\) लाभ % या हानि \(\%=\frac{x-y}{y} \times 100\)
9. x वस्तुओं को बेचने पर, y वस्तुओं के विक्रय मूल्य के बराबर लाभ या हानि होती है, तो लाभ % = \(\frac{y \times 100}{x-y}\), हानि % =\(\frac{y \times 100}{x+y}\)
10. यदि कोई व्यक्ति दो समान वस्तुओं को बेचता है तथा एक वस्तु पर उसे x% हानि होती है तथा दूसरी वस्तु पर x% लाभ होता है तो उसे सदैव हानि होगी।
हानि % = \(\frac{x^{2}}{100} \%\)
11. एक व्यक्ति अपनी वस्तुओं को x% लाभ/हानि पर बेचता है। यदि उसने अपनी वस्तुओं को R रु. पर बेचा होता और उसे प्राप्त लाभ/हानि y% होता तो वस्तुओं का क्रय मूल्य \(=\frac{R}{(y \pm x)} \times 100\)
'+' = यदि एक वस्तु पर लाभ तथा दूसरी वस्तु पर हानि होती है।
'–' = यदि दोनों वस्तुओं पर लाभ या हानि प्राप्त होती है।
12. एक दुकानदार 'a' वस्तुएँ x रु. में खरीदता है तथा 'b' वस्तुएँ y रु. में बेच देता है तो उसे प्राप्त लाभ/हानि होगी।
= लाभ/हानि = \(\left(\frac{a y-b x}{b x}\right) \times 100 \%\) या
13. 'a' वस्तुएँ, जिनका प्रत्येक मूल्य बराबर है का कुल मूल्य x रु. है तथा 'b' वस्तुओं का विक्रय मूल्य y रु. है तो इस दौरान प्राप्त लाभ तथा हानि प्रतिशत होगा \(\left(\frac{a y-b x}{b x}\right) \times 100 \%\)
('' दर्शाता है 'लाभ' तथा '–' दर्शाता है 'हानि')
14. यदि कोई बेईमान दुकानदार अपनी वस्तुओं को क्रय मूल्य पर बेचता है, परंतु सही वजन की जगह कम वजन का प्रयोग करता है तो उसका लाभ % = 
15. यदि A किसी वस्तु को B को r% लाभ/हानि पर बेचता है तथा B उसी वस्तु को C की r2% लाभ/हानि पर बेचता है तो C के द्वारा वस्तु का क्रय मूल्य होगा।
वस्तु का क्रय मूल्य C के लिए = A का क्रय मूल्य
\(\left(1 \pm \frac{r_{1}}{100}\right)\left(1 \pm \frac{r_{2}}{100}\right)\)
('+' तथा '–' लाभ तथा हानि के लिए प्रयोग होता है।)
16. कोई दुकानदार अपनी वस्तुओं को x% हानि पर क्रय मूल्य पर बेचता है, परंतु वह z ग्राम की जगह y ग्राम का इस्तेमाल करता है तो उसका लाभ या हानि % होगा -
\(\left[(100-x) \frac{z}{y}-100\right] \%\)