बावड़ियाँ

बावड़ियाँ :-

-  राज्य में बावड़ियों का शहर – बूँदी।

-  बावड़ी निर्माण में सर्वाधिक दक्ष कलाकार भीनमाल (जालोर) के थे।

-  बावड़ी निर्माण का कार्य करने वाले व्यक्ति डागा बावड़ा कहलाते थे।

-  बावड़ियाँ का वास्तुकार/शिल्पी  कागरिया कहलाता था।

1.  चाँद बावड़ी :- आभानेरी (दौसा)

-  निर्माण – चांद नामक राजा ने

-  यह राजस्थान की सबसे गहरी बावड़ी है।

-  यह राजस्थान की 'तिस्मिला बावड़ी' कहलाती है।

-  यह बावड़ी मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है।

-  इस बावड़ी के किनारे हर्ष मंदिर, हर्षमाता मंदिर इत्यादि स्थित है।

2.  चाँद बावड़ी :- जोधपुर

-  निर्माण – चांद कंवर (राव जोधा की पत्नी)

-  इस बावड़ी को चौहान बावड़ी भी कहते हैं।

3.  खाण्डा बावड़ी :- जोधपुर

-  निर्माण – गुलाब राय (विजयसिंह की पत्नी)

4.  नौलखाँ बावड़ी :- डूँगरपुर

-  निर्माण – 1602 ई. में प्रिमल देवी/ताराबाई (आसकरण की पत्नी)

-  वास्तुकार – लीलाधर

-  इस बावड़ी के निर्माण में अत्यधिक खर्चा होने के कारण यह नौलखाँ बावड़ी कहलाई।

5.  रानी जी की बावड़ी :- बूँदी

-  निर्माण – लाडकंवर नाथावती (अनिरूद्ध सिंह की पत्नी)

-  इस बावड़ी को जलिया – भगलिया बावड़ी भी कहा जाता है।

-  यह गीतों के लिए प्रसिद्ध बावड़ी है।

-  इस बावड़ी को भुआजी-भतीजी बावड़ी भी कहा जाता है।

6.  अनार बावड़ी :- बूँदी

-  निर्माण – अनार देवी (शत्रुसाल की पत्नी)

-  इस बावड़ी को बगीचा बावड़ी भी कहा जाता है।

7.  भावाला बावड़ी :- बूँदी

-  निर्माण – भावला देवी

8.  दुधा बावड़ी/महल :- बूँदी

9.   दूध बावड़ी :- माउंट आबु (सिरोही)

10.  काकाजी की बावड़ी :- बूँदी

-  निर्माण – आलादेवी (सरदार सिंह की पत्नी)

11.  हाड़ी रानी की बावड़ी :- टोडारायसिंह गांव – टोंक

12.  चमना बावड़ी :- भीलवाड़ा

-  निर्माण – चमना नामक गणिका के कहने पर उम्मेदसिंह ने करवाया।

13.  लवाण बावड़ी :- दौसा

-  इसे डाकणियाँ बावड़ी भी कहा जाता है।

14.  हरामखौर बावड़ी :- चित्तौड़गढ़

15.  चोर बावड़ी :- उदयपुर

16.  एक चट्टान बावड़ी – मण्डोर, (जोधपुर)

-  इस बावड़ी को रावण की चंवरी भी कहा जाता है।

-  इसे चंवरी बावड़ी भी कहते हैं।

17.  तुअर जी की बावड़ी - जोधपुर

18.  पन्नाराम की बावड़ी - जोधपुर

19.  पन्ना-मीणा बावड़ी – आमेर, (जयपुर)

नोट:  पन्ना-शाही तालाब - धौलपुर

20.  पाताल-तोड़ बावड़ी - धौलपुर

21.  मेड़तणी बावड़ी – झुँझुनूँ

  निर्माण – बरात कंवर ने अपने पति शार्दुलसिंह की स्मृति में। 

22.  नाव कपुरिया बावड़ी - बूँदी 

23.  नादर घुंस बावड़ी - बूँदी

24.  लसकारिया बावड़ी - बूँदी

25.  जच्चा बावड़ी – हिण्डौन (करौली)

26.  नारायणी माता कुण्ड - अलवर

27.  मांजी बावड़ी – आमेर, जयपुर

28.  चुली बावड़ी - जयपुर

29.  चार घोड़ों की बावड़ी - जयपुर

30.  भीकाजी बावड़ी - अजमेर

31.  दाहर बावड़ी - अजमेर

32.  झाझमरामपुरा बावड़ी - दौसा

33.  राजा रसालू की बावड़ी - दौसा

34.  आलु कुबाणियाँ की बावड़ियाँ - दौसा

35.  गंगोद कुण्ड – आहड़, (उदयपुर)

36.  गोमुख कुण्ड - चित्तौड़गढ़

37.  सूर्यमुख कुण्ड - चित्तौड़गढ़

38.  खातण की बावड़ी - चित्तौड़गढ़

39.  घी-तेल की बावड़ी - चित्तौड़गढ़

40.  ख्वाजा जी की बावड़ी - उदयपुर

41.  बाटाडूँ कुआँ – बाड़मेर

  निर्माण – गुलाबसिंह

  इसे रेगिस्तान का जलमहल कहा जाता है।

42.  चाँदन नलकूप – जैसलमेर

  इसे 'थार का घड़ा' कहते हैं।

43.  बाई जी की बावड़ी – बनेड़ा (भीलवाड़ा)

44.  नाजर जी की बावड़ी - जोधपुर

45.  जालप बावड़ी – जोधपुर

46.  पर्चा बावड़ी – रामदेवरा, जैसलमेर

47.  घोसुण्डी बावड़ी - चित्तौड़गढ़

  निर्माण – श्रृंगार देवी