कच्छवाहा वंश

भारमल (1547-1574 ई.) या बिहारीमल

भगवन्त दास (1574-1589 ई.)

मानसिंह (1589-1614 ई.)

जयसिंह प्रथम या मिर्जा राजा जयसिंह (1621-1667 ई.)

महाराजा रामसिंह प्रथम (1667-1689 ई.) :-

महाराजा बिशनसिंह (1689-1700 ई.) :-

जयसिंह द्वितीय या सवाई जयसिंह (1700-1743 ई.)

सवाई ईश्वरी सिंह (1743-1750 ई.)

महाराजा सवाई माधोसिंह प्रथम (1750-1768 ई.)

सवाई प्रतापसिंह (1778-1803 ई.)

महाराजा जगतसिंह द्वितीय (1803-1818 ई.) :-

महाराजा जयसिंह तृतीय (1818-1835 ई.) :-

महाराजा रामसिंह द्वितीय (1835-1880 ई.)

सवाई माधोसिंह द्वितीय (1880-1922 ई.):-

सवाई मानसिंह द्वितीय (1922-1949 ई.)  

“अलवर का कच्छवाहा वंश”

प्रताप सिंह नरूका (1775-1790 ई.)

बख्तावर सिंह (1790-1815 ई.) :- 

महाराजा विनय सिंह (1815-57 ई.)

महाराजा शिवदानसिंह (1857-1874 ई.) :-

महाराजा मंगलसिंह (1874-1892 ई.)

महाराजा जयसिंह (1892-1933 ई.)

महाराजा तेजसिंह (1937-1948 ई.)

“शेखावटी के कच्छवाहा”