राजस्थान के भौगोलिक क्षेत्र :-

 

  1. उत्तरी-पश्चिमी मरुस्थलीय क्षेत्र।
  2. मध्यवर्ती अरावली पर्वतमाला।
  3. पूर्वी मैदानी भाग।
  4. दक्षिणी-पूर्वी पठारी प्रदेश।
  1. शुष्क मरुस्थल (0-25 सेंटीमीटर वर्षा)
  2. अर्द्धशुष्क मरुस्थल (25-50 सेंटीमीटर वर्षा)

 

     

  1. बालुकास्तूप युक्त मरुस्थलीय क्षेत्र।
  2. बालुकास्तूप मुक्त मरुस्थलीय क्षेत्र।

 

 

अर्द्धशुष्क मरुस्थलीय क्षेत्र:-

व्याख्या :- सेम की समस्या दरअसल, राजस्थान के नहरी इलाकों हनुमानगढ़, गंगानगर और बीकानेर के कई इलाकों में सेम की समस्या है। यहां नहरों के पानी के रिसाव के कारण आसपास की जमीन दलदली हो गई और इस वजह से वहां खेती नहीं हो सकती। राजस्थान का हजारों किमोमीटर का एरिया का समस्या से प्रभावित है।

  1. दक्षिणी-पश्चिमी अरावली।
  2. मध्यवर्ती अरावली।
  3. उत्तरी-पूर्वी अरावली।
  1. फुलवारी की नाल – उदयपुर
  2. सोमेश्वर की नाल – राजसमन्द
  3. केवड़ा की नाल – उदयपुर
  4. हाथी गुड़ा की नाल – राजसमन्द
  5. झिलवा/पगल्या की नाल –पाली में मेवाड़ व मारवाड़
  1. कछवाली दर्रा
  2. पीपली दर्रा
  3. उदाबरी का दर्रा
  4. स्वरूप घाट दर्रा
  5. बर दर्रा
  6. परवेरिया का दर्रा
  7. शिवपुर घाट
  8. देबारी का दर्रा

प्रश्न   यदि अरावली पर्वतमाला की स्थिति उत्तर-पश्चिम से दक्षिण- पूर्व की ओर होती तो राजस्थान की जलवायु पर क्या प्रभाव दृष्टिगोचर होता?

उत्तर  वर्षा नहीं होती।

 

प्रश्न   यदि अरावली पर्वतमाला राजस्थान में विद्यमान नहीं होती तो क्या प्रभाव दृष्टिगोचर होता?

उत्तर  राजस्थान में मरुस्थलीय क्षेत्र का विस्तार हो जाता है।

  1. चम्बल बेसिन
  2. बनास बेसिन
  3. माही बेसिन
  4. बाणगंगा बेसिन

भौगोलिक क्षेत्र

जलवायु

उत्तर-पश्चिम मरुस्थलीय क्षेत्र

अरावली पवर्तमाला

पूर्वी मैदानी भाग

दक्षिण-पूर्वी पठार

शुष्क एवं अर्द्धशुष्क

उपआर्द्र

आर्द्र

अति आर्द्र

  1. अरावली पर्वतमाला
  2. दक्षिण-पूर्वीय पठारी प्रदेश
  3. पूर्वी मैदानी भाग
  4. उत्तर-पश्चिम मरुस्थलीय क्षेत्र
  1. यौद्धेय - श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़
  2. विराट/ढूँढाड़ – जयपुर, दौसा, टोंक
  3. कुरू प्रदेश – अलवर का समीपवर्ती प्रदेश
  4. मेवात प्रदेश – अलवर, भरतपुर का क्षेत्र
  5. शूरसेन – भरतपुर, धौलपुर, करौली
  6. मत्स्य संघ – अलवर, भरतपुर, धौलपुर, करौली का पूर्वी भाग
  7. डाँग क्षेत्र – धौलपुर, करौली
  8. रणत प्रदेश – रणथम्भौर
  9. हय-हय क्षेत्र – कोटा, बूँदी का क्षेत्र
  10. हाड़ौती क्षेत्र – कोटा, बूँदी, बाँरा, झालावाड़
  11. जांगल प्रदेश – बीकानेर
  12. अहिच्छत्रपुर – नागौर
  13. मारवाड़/गुर्जर प्रदेश/ गुर्जरात्रा – जोधपुर, पाली
  14. माँड – जैसलमेर
  15. श्रीमाल – बाड़मेर (प्राचीन काल में) तथा भीनमाल (वर्तमान में)।
  16. वल्ल/दुंगल – जैसलमेर, बाड़मेर
  17. थली – चूरू के सरदार शहर का पश्चिम भाग था पश्चिम मरुस्थलीय क्षेत्र
  18. जाबालीपुर/सुवर्ण गिरी प्रदेश – जालौर
  19. चन्द्रावती – सिरोही तथा आबू – प्रदेश (अर्बूद का क्षेत्र)
  20. मेवाड़ – उदयपुर, राजसमन्द, चित्तौडग़ढ, भीलवाड़ा
  21. शिवि एवं किवी/ मेदपाट/ प्राग्वाट – मेवाड़ का क्षेत्र
  22. ऊपरमाल – बिजौलिया व चित्तौड़गढ़ के मध्य का क्षेत्र।
  23. छप्पन का मैदान – बाँसवाड़ा व प्रतापगढ़ के मध्य का क्षेत्र।
  24. वाँगड़ – डूँगरपुर व बाँसवाड़ा का सम्मिलित क्षेत्र।
  25. सेवल / देवलिया – डूँगरपुर व बाँसवाड़ा का बीच का क्षेत्र
  26. बाँगड़ – नागौर व चूरू का कुछ क्षेत्र।
  27. भोराट का पठार – कुम्भलगढ़ (1224 मीटर) व गोगुन्दा (840 मीटर) के बीच का क्षेत्र।
  28. लसाड़िया का पठार -  उदयपुर की जयसमन्द झील का पूर्वी भाग।
  29. देशहरो – जरगा व रागा पहाड़ियों (उदयपुर) के बीच का पहाड़ी क्षेत्र।
  30. खेराड़/मालखेराड़ – भीलवाड़ा तहसील का जहाजपुर क्षेत्र एवं टोंक का कुछ सम्मिलित क्षेत्र।
  31. भोमट क्षेत्र – डूँगरपुर, बाँसवाड़ा, उदयपुर व सिरोही का वह पहाड़ी क्षेत्र जहाँ पर भील जनजाति निवास करती है।
  32. भाखर – सिरोही क्षेत्र में नुकीली व उबड़-खाबड़ पहाड़ियों का स्थानीय नाम।