इतिहास

भाग - 02

परिभाषाएँ :- इतिहास क्या है?

(1) अतीत की घटनाओं का अध्ययन

(2) अतीत की घटनाओं का क्रमबद्ध अध्ययन

(3) अतीत की घटनाओं का क्रमबद्ध अध्ययन जिसके साक्ष्य मौजूद हो।

(4) अतीत की घटनाओं का वर्तमान की घटनाओं के साथ क्रमबद्ध अध्ययन जिसके साक्ष्य मौजूद हो।     

उपयुर्क्त चारों परिभाषाऐं इतिहास के संदर्भ में सटीक प्रतीत होती है।

 

इतिहास को तीन भागों में बाँटा जा सकता है –

1. प्रागैतिहासिक काल                    -         वह काल जिसके लिखित साक्ष्य नहीं हे।

2. आद्य / प्राचीन प्रागैतिहासिक        -         वह काल जिसके लिखित साक्ष्य मौजूद है

                                                            परन्तु अब तक पढ़ा नहीं जा सका है।

3. आधुनिक वर्तमान इतिहास          -         वह काल जिसके लिखित साक्ष्य मौजूद है

                                                            तथा उन्हें पढ़ लिया गया है।

प्रागैतिहासिक काल :- इसे उदघाटित करने का श्रेय - डॉ. प्राइम रोज को जाता है।

- वह काल, जिसके किसी भी प्रकार के लिखित साक्ष्य मौजूद नहीं है। सभी साक्ष्य पुरातात्विक है। (केवल पुरातात्विक साक्ष्य) / ज्ञात इतिहास से पूर्व का इतिहास

- 1842 में कर्नाटक के रायचूर जिले में लिंगसुगर नामक ग्राम से पहली बार पाषाणकालीन औजार प्राप्त हुए है। जैसे - पत्थर के तीर, छूरे फलक, खुरचनी इत्यादि।

 

आद्य इतिहास :- वह काल जिसके लिखित साक्ष्य तो मौजूद है, परन्तु अब तक उन्हें पढ़ा नहीं जा सका है।

 

इतिहास आधुनिक वर्तमान :- वह काल जिसके लिखित साक्ष्य मौजूद है तथा उन्हें पढ़ लिया गया है।


प्रागैतिहासिक काल :- (साक्ष्य)






पाषाण काल : पत्थरों का युग

 

  - औजारों की बनावट के आधार पर सम्पूर्ण पाषाणकाल को तीन भागों में विभाजित किया गया है।