सड़क परिवहन :-

सड़कों का वर्गीकरण :-

  1. राष्ट्रीय राजमार्ग
  2. राज्य राजमार्ग
  3. मुख्य जिला सड़कें
  4. अन्य जिला सड़कें
  5. ग्रामीण सड़कें

वर्तमान वर्गीकरण :-
एक्सप्रेस-वे :-

राष्ट्रीय राजमार्ग :-

Mile Stone (मील का पत्थर) का प्रतीक चिह्न पीला होता है, जिस पर जगह का नाम और दूरी लिखी होती है।

राज्य राजमार्ग :-

मुख्य जिला सड़कें :-

ग्रामीण सड़कें :-

राज्य में सड़कों की लंबाई (31 मार्च, 2019 तक) :-

राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक परिवर्तन :-

सम क्रमांक

विषम क्रमांक

स्वर्णिम चतुर्भुज योजना :-

उत्तर से दक्षिण का गलियारा :-

पूर्व से पश्चिम का गलियारा :-

राजस्थान के प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग :-

NH-3 (पुराना क्रमांक) (नया क्रमांक NH-44) :-

NH-8 (नया क्रमांक NH-48, 58) :-

NH-11 (नया क्रमांक 11, 21, 52) :-

NH-12 (नया क्रमांक-52) :-

NH-14 (नया क्रमांक 27, 62, 162) :-

NH-15 (नया क्रमांक 11, 62, 68) :-

NH-65 (नया क्रमांक 52, 58, 62) :-

NH-71B (नया क्रमांक 919) :-

NH-76 (नया क्रमांक 27):-

NH-79 (नया क्रमांक 48):-

NH-89 (नया क्रमांक 58, 62):-

NH-112 (नया क्रमांक 25):-

NH-113 (नया क्रमांक 56):-

NH-114 (नया क्रमांक 125):-

 

नये राष्ट्रीय राजमार्ग (NH):-

NH-11:-

NH-21:-

NH-52:-

NH-23:-

NH-25:-

NH-54:-

NH-27:-

NH-48:-

NH-58:-

NH-62:-

NH-62:-

विविध तथ्य:-

NHAI की परियोजना और राजस्थान :-

उत्तर से दक्षिण का गलियारा :-

पूर्व से पश्चिम का गलियारा :-

स्वर्णिम चतुर्भुज योजना :-

RIDCOR (रोड़ इन्फ्रास्ट्रक्चर डवलपमेंट कॉरपोरेशन ऑफ राजस्थान) :-

सड़क परिवहन :-

RIDCOR (रोड़ इन्फ्रास्ट्रक्चर डवलपमेंट कॉरपोरेशन ऑफ राजस्थान) :-

सड़क नीतियाँ :-

प्रथम सड़क नीति (1994) :-

सड़क नीति (2002) :-

सड़क सुरक्षा नीति (2017) :-

31वाँ सड़क सुरक्षा सप्ताह :-

एक्सप्रेस-वे इकोनॉमिक कॉरिडोर :-

चंबल एक्सप्रेस-वे :-

दिल्ली-वड़ोदरा ग्रीन-वे :-

सारथी एप :-

राज्य में सड़क परिवहन का प्रशासिनक वर्गीकरण :-

सीमा सड़क संगठन (Border Road Organization - BRO)  :-

प्रधानमंत्री सड़क योजना :-

मुख्यमंत्री सड़क योजना :-

राजस्थान में रेल परिवहन :-

रेलवे का वर्गीकरण :-

  1. पटरी के मध्य दूरी के आधार पर :–
  1. ब्रॉडगेज – दो पटरियों में मध्य दूरी 1.67 मीटर होती है। राजस्थान में लगभग 89.47% रेलमार्ग इसके अंतर्गत आता है।
  2. मीटरगेज – दो पटरियों के मध्य दूरी 1 मीटर होती है। राजस्थान में लगभग 9.05% रेलमार्ग इसके अंतर्गत आता है।
  3. नैरोगेज – दो पटरियों के मध्य की दूरी 0.62 मीटर होती है। राजस्थान में लगभग 1.47% रेलमार्ग इसके अंतर्गत आता है। राजस्थान का धौलपुर एकमात्र ऐसा जिला है जिसमें नैरोगेज रेलवे लाईन है।
  1. प्रशासनिक वर्गीकरण :-
  1. रेलवे जोन – राजस्थान में उत्तरी-पश्चिमी रेलवे जोन का मुख्यालय जयपुर में है।
  2. रेलवे मण्डल – अजमेर, जयपुर, जोधपुर और बीकानेर ये मण्डल उत्तरी-पश्चिमी रेलवे जोन के अंतर्गत आते हैं, जबकि कोटा मण्डल पश्चिमी-मध्य रेलवे जोन (जबलपुर) के अंतर्गत आता है।

 

राज्य में रेलामर्गों का संचालन :-

राजस्थान में रेलमार्गों का संचालन निम्न जोनों द्वारा किया जाता है –

  1. उत्तरी-पश्चिमी रेलवे जोन – इसका मुख्यालय जयपुर में स्थित है। इसके अंतर्गत 4 रेलवे मण्डल आते हैं – जयपुर, जोधपुर, बीकानेर और अजमेर।
  2. उत्तर-मध्य रेलवे जोन – इसका मुख्यालय इलाहाबाद में स्थित है।  इसके अंतर्गत 2 रेलवे मण्डल आते हैं – आगरा और झाँसी।
  3. पश्चिमी-मध्य रेलवे जोन – इसका मुख्यालय जबलपुर में स्थित है। इसके अंतर्गत 1 रेलवे मण्डल आता है - कोटा
  4. उत्तरी रेलवे जोन – इसका मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है। इसके अंतर्गत 1 रेलवे मण्डल आता है - अम्बाला
  5. पश्चिमी रेलवे जोन – इसका मुख्यालय मुंबई में स्थित है। इसके अंतर्गत 1 रेलवे मण्डल आता है – रतलाम

रेल परिवहन :-

तथ्य :-
रेलवे भर्ती मण्डल अजमेर में स्थित है।

जयपुर मेट्रो :-

जयपुर मेट्रो चरण :-

प्रथम चरण :-

द्वितीय चरण :-

NTES (National Train Enquiry System) :-

राज्य की पहली अन्त्योदय रेल (कम कीमत वाली) :- यह रेल 13 जुलाई, 2018 को बीकानेर से बिलासपुर के मध्य चलाई गई।

दर्रों से गुजरने वाले रेलमार्ग :-

  1. बर दर्रा – यह अजमेर-मारवाड़ रेलमार्ग के मध्य स्थित है।
  2. गोरमघाट दर्रा – यह जोधपुर-उदयपुर रेलमार्ग के मध्य स्थित है।
  3. हाथी दर्रा – यह जोधपुर-जयपुर रेलमार्ग के मध्य स्थित है।

वायु परिवहन :-

नागरिक हवाई अड्डे :-

  1. सांगानेर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा :-
  1. महाराणा प्रताप हवाई अड्डा :-
  1. जोधपुर हवाई अड्डा :-
  1. कोटा हवाई अड्डा :-
  1. किशनगढ़ हवाई अड्डा :-
  1. जैसलमेर हवाई अड्डा :-
  1. बीकानेर हवाई अड्डा :-

सैन्य हवाई अड्डे :-

राजस्थान में कुल 6 सैन्य हवाई अड्डे हैं, जो निम्न हैं –

  1. सूरतगढ़ सैन्य हवाई अड्डा – यह सूरतगढ़ (श्रीगंगानगर) में स्थित है।
  2. नाल हवाई अड्डा – यह बीकानेर जिले में स्थित है। यह एशिया का सबसे अच्छा भूमिगत हवाई अड्डा है।
  3. जैसलमेर हवाई अड्डा – यह जैसलमेर जिले में स्थित है।
  4. उतरलाईन हवाई अड्डा – यह बाड़मेर में जिले में स्थित है।
  5. जोधपुर हवाई अड्डा – यह जोधपुर जिले में स्थित है।
  6. फलोदी हवाई अड्डा – यह फलोदी (जोधपुर) में स्थित है। इस हवाई अड्डा पर हाल ही में तेजस की तैनाती की गई। तेजस का निर्माण HAL बेंगलुरू द्वारा वर्ष 1964 में किया गया। यह विश्व का सबसे हल्का स्वदेशी लड़ाकू विमान है।

हवाई पट्टियाँ :-

निजी पट्टियाँ –

  1. बाराँ – इसका संचालन अडानी ग्रुप द्वारा किया जाता है।
  2. कांकरोली (राजसमंद) – इसका संचालन जे.के. ग्रुप द्वारा किया जाता है।
  3. पिलानी (झुंझुनूँ) – इसका संचालन बिरला ग्रुप द्वारा किया जाता है।
  4. निवाई (टोंक) – इसका संचालन वनस्थली विद्यापीठ द्वारा किया जाता है।

ग्रीन फिल्ड हवाई अड्डा (प्रस्तावित) :-

  1. नीमराणा एयरपोर्ट – अब इसे कोटाकासिम (अलवर) में स्थानांतरित कर दिया गया है। यह एक एयरोट्रोलिस एयरपोर्ट होगा।
  2. शिवदासपुरा (जयपुर)
  3. गंगाणी (जोधपुर)

पाईपलाईन परिवहन :-

  1. जामनगर (गुजरात) से लोनी (उत्तर प्रदेश) तक :-
  1. हजीरा (गुजरात), बीजापुर (मध्यप्रदेश), जगदीशपुर (उत्तर प्रदेश) पाईपलाईन :-
  1. अंता (बारां) में गैस विद्युत ग्रह
  2. कोटा में चंबल फर्टीलाइजर
  3. कोटा में सेमकोर ग्लास वर्क्स
  1. पाईपलाईन परिवहन (कोटा) :-

Bullet Train :-