चार प्रमुख दिशाएं
उत्तर, दक्षिण, पूरब तथा पश्चिम हैं, जिसे निम्न आरेख द्वारा प्रदर्शित किया गया है-

इसके अतिरिक्त चार अन्य दिशाएं भी होती हैं, जो इन प्रमुख दिशाओं के मध्य से गुजरती हैं। ये दिशाएं हैं - उत्तर -पूर्व, उत्तर-पश्चिम, दक्षिण-पश्चिम, दक्षिण-पूर्व।
इन्हें निम्न आरेख द्वारा प्रदर्शित किया गया है-

किसी दिशा में चलते हुए दाईं ओर एवं बाएं ओर मुड़ने संबंधी अवधारणाओं का ज्ञान भी आवश्यक है यदि हम किसी दिशा की ओर मुख करके चल रहे हैं और हमें दाईं ओर मुड़ना हो तो हमें घड़ी की सुई के चलने की दिशा में (Clockwise) 90° का कोण बनाते हुए मुड़ना चाहिए, इसी प्रकार यदि हमें किसी दिशा में चलते हुए बाएँ ओर मुड़ना हो, तो हमें घड़ी की सुई के चलने के विपरीत दिशा (Anti-clockwise) में 90° का कोण बनाते हुए मुड़ना चाहिए।

पाइथागोरस प्रमेय का प्रयोग
दिशा संबंधी प्रश्नों के अंतर्गत परीक्षार्थियों से दिशा और दूरी दोनों पूछी जा सकती है। दूरी को ज्ञात करने के लिए प्रारंभिक बिन्दु और अन्तिम बिन्दु के बीच एक सीधी रेखा खींचकर दूरी को ज्ञात किया जा सकता है।
कभी-कभी प्रारम्भिक बिन्दु और अन्तिम बिंदु के बीच जब हम सीधी रेखा खींचते हैं, तो एक समकोण त्रिभुज जैसा आकार बन जाता है तब इस दूरी को ज्ञात करने के लिए पाइथागोरस प्रमेय का प्रयोग किया जाता है। इस प्रमेय के अनुसार

SE2 = (SB)2+ (BE)2
यदि SB = 4 सेमी.
तथा BE = 3 सेमी. हो, तो
(SE)2 = (4)2+(3)2
(SE) 2 = 16 + 9 = 25
(SE) 2 = (5)2
SE = 25 सेमी.
Type - I
घड़ी की दिशा में या विपरीत दिशा में मुड़ने संबंधी
इस टाइप में घड़ी की दिशा व घड़ी की विपरीत दिशा अर्थात् वामावर्त व दक्षिणावर्त संबंधी प्रश्न पूछे जाते हैं।
Type - II
दिशाओं के नामों में परिवर्तन से संबंधित
इसमें आठों दिशाओं के परिवर्तन से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं।
Type - III
प्रारम्भिक दिशा ज्ञात होने पर अंतिम दिशा ज्ञात करना तथा दिशा और दूरी ज्ञात करना या केवल दूरी ज्ञात करना
Type - IV
प्रारम्भिक दिशा ज्ञात करना - अंतिम दिशा ही होने पर प्रारम्भिक
Type - V
सापेक्षिक स्थिति का अर्थ है एक के सापेक्ष दूसरे की स्थिति सापेक्षिक स्थिति से संबंधित प्रश्न को हल करने के लिए दो बातें आवश्यक हैं-
(1) व्यक्ति या वस्तु का मुख उत्तर दिशा की ओर मानेंगे अत:

उस व्यक्ति या वस्तु के बाएं माने पश्चिम की ओर तथा व्यक्ति या वस्तु के दाएं माने पूरब की ओर होगा।
(2) दो व्यक्ति या वस्तुओं के बीच दूरी न दी होने पर सभी दूरियों को एक समान मानेंगे तभी सही दिशा ज्ञात हो सकेगी।
Type - VI
सूर्योदय के समय :- छाया हमेशा पश्चिम में दिखेगी, परन्तु परछाई या छाया की स्थिति आदमी के सापेक्ष बतायी जाती है। सूर्योदय के समय छाया आदमी के सापेक्ष निम्न प्रकार से दिखती है।
मुख परछाई
पू. पीछे
प. सामने
उ. बाएं
द. दाएं

मुख परछाई
पू. सामने
प. पीछे
उ. दाएं
द. बाएं
