सूईयों की प्रवृत्तियाँ
2. एक बार एक दूसरे के विपरीत होती है – इस परिस्थिति में
30 मिनट का अंतर होगा तथा 180° का कोण बनेगा
3. दो बार एक दूसरे से समकोण बताती है – इस परिस्थिति में 15 मिनट का अंतर होगा और 90° का कोण होगा
सूईयों के बीच कोण
उदा. 4 बजकर 40 मिनट पर दोनों सूइयों के बीच कितने अंश का कोण होगा?
(a) 120° का कोण (b) 100° का कोण
(c) 90° का कोण (d) 130° का कोण [b]
व्याख्या –
4 बजकर 40 मिनट पर घंटे की सुई 4 के निशान से कुछ आगे होगी और मिनट की सुई 8 के निशान पर होगी। 4 और 8 के निशान के बीच 20 मिनट की दूरी होती है और 20 मिनट = 120° होगी, परंतु घंटे वाली सुई 4 के निशान से कुछ आगे होगी, घंटे की सुई 1 मिनट में \(\frac{1°}{2}\) आगे बढ़ती है। अत: 40 मिनट में घंटे की सुई
\(40 \times \frac{1}{2} \Rightarrow 20^{\circ}\) आगे बढ़ेगी।

\(\therefore \) दोनों सूइयों के बीच का कोण = 120° - 20° = 100°
तेज (fast) एवं मंद (slow) घड़ियाँ
उदा. रमेश की घड़ी रविवार को दोपहर 3 बजे सही समय से 5 मिनट पीछे थी और मंगलवार को दोपहर 3 बजे सही समय से 3 मिनट आगे थी। इसने ठीक समय कब दिखाया?
(a) सोमवार 7 बजे सुबह
(b) सोमवार 9 बजे रात
(c) मंगलवार 7 बजे सुबह
(d) मंगलवार 9 बजे सुबह [b]
व्याख्या – रविवार दोपहर 3 बजे 5 मिनट पीछे थी और मंगलवार दोपहर 3 बजे 3 मिनट आगे थी। इस प्रकार घड़ी ने कुल मिलाकर (5 + 3) या 8 मिनट आगे हुई।
रविवार दोपहर 3 बजे से मंगलवार दोपहर 3 बजे तक में कुल 48 घंटे हुए।
प्रत्येक 24 घंटे में अर्थात् एक दिन में
1. प्रत्येक घण्टे में घड़ी की दोनों सूइयाँ एक बार आपस में मिलती है। लेकिन 12 घण्टे में 11 बार तथा 24 घण्टे में 22 बार आपस में मिलती है।
2. प्रत्येक घण्टे में दोनों सूइयाँ केवल एक बार एक दूसरे के विपरीत होती है। लेकिन 12 घण्टे में 11 बार तथा 24 घण्टे में 22 बार एक दूसरे के विपरीत होती है।
3. प्रत्येक घण्टे में दोनों सूइयाँ दो बार एक दूसरे से समकोण बनाती है, लेकिन 12 घण्टे में दोनों सूइयाँ 22 बार अर्थात् 24 घण्टे में दोनों सूइयाँ 44 बार परस्पर समकोण बनाती है।
4. 24 घण्टे में 44 बार एक सीध में होती है।
(A) 22 बार जब मिलती है तथा
(B) 22 बार जब एक दूसरे के विपरीत होती है।
1. जब एक दूसरे को पार न करना पड़े –हम जानते हैं कि मिनट की सुई जब 60 मिनट की दूरी तय करती है, तब घंटे की सूई 5 मिनट की दूरी तय करती है। अत: मिनट तथा घंटे की सूइयों के गतियों का अनुपात 60 : 5 अथवा 12 : 1 होगा। सूइयाँ अपनी गतियों के अनुपात में ही दूरियाँ तय करेंगी।
\(\therefore\) घंटे की सूई द्वारा तय दूरी HM
\(=\frac{60}{12+1} \times 1=\frac{60}{13}\) मिनट \(=4 \frac{8}{13}\)
मिनट
\(\therefore\) प्रारंभ में दोनों सूइयों के बीच दूरी = HM\(=4 \frac{8}{13}\) मिनट
अत: दोनों सूइयाँ आपस में स्थान परिवर्तन तब करेंगी, जब घंटे की सुई मिनट की सुई से \(4 \frac{8}{13}\) मिनट पीछे हो।
2. जब एक दूसरे को पार करना पड़े
ध्यान दें – उपर्युक्त विवेचन से स्पष्ट है कि :
1. घड़ी की सूइयों की आपसी स्थिति में परिवर्तन तभी होगा, जब उनके बीच की दूरी \(\frac{60}{13}\) मिनट (या \(4 \frac{8}{13}\) मिनट)
2. यह दूरी घंटे की सुई से दक्षिणावर्त दिशा में मिनट की सुई तक मापी जाती है।
3. स्थिति परिवर्तन की प्रक्रिया में जब सुईयाँ एक दूसरे को n बार पार करती है तो ये मिलकर (n+1) × 60 मिनट की दूरी तय करती है।
4. जब सूइयाँ एक दूसरे को n बार पार करके आपसी स्थिति में परिवर्तन कर लें तो उनके बीच की दूरी (n+1) ×\(\frac{60}{13}\) मिनट के बराबर होती है।