'न्याय' शब्द ग्रीक भाषा के 'Syllogism' शब्द का हिन्दी शब्दार्थ है। इसके विषय में महान ग्रेटफ्राइड लेबनीज ने कहा है कि न्याय मानव मन की एक महत्त्वपूर्ण और अति सुन्दर खोज है, जबकि काण्ट का कहना है कि न्याय की छन्नी में कुतर्क बड़े आराम से छनकर बाहर हो जाता है।

 Syllogism का अर्थ है 'एक साथ कहना'। इस प्रकार न्याय वह प्रक्रिया है, जिसके द्वारा दो विचारों अथवा दो तर्कवाक्यों को एक साथ लेकर इसमें एक तार्किक निष्कर्ष निकाला जाता है। इस प्रकार 'न्याय' एक निगमित तर्क है और इसमें दो आधार वाक्यों या कथनों (Premises) से एक निष्कर्ष या तर्कानुमान (Conclusion of Inference) निकाला जाता है।

एक न्याय वाक्य तभी वैध (Valic) माना जायेगा, जब निष्कर्ष आधारिकताओं में निहित हो। यदि एक न्याय वाक्य में निष्कर्ष में ऐसी बात कही है, जो आधारिकताओं में निहित नहीं है, तो वह अवैध (Invalid) माना जायेगा।

न्याय के प्रश्नों को हल करने के लिए नीचे दिए गए महत्त्वपूर्ण पदों (Terms) को समझना आवश्यक है -

1.   कथन (Proposition) – यह एक प्रकार का तर्क वाक्य है, जो पदों के बीच सम्बन्ध बताता है। कथन के तीन भाग होते हैं -

      (i) उद्देश्य (Subject)

      (ii) विधेय (Predicate) और

      (iii) दोनों के बीच सम्बन्ध अर्थात् मध्य पद (Middle term)

2.   पद (Term) – ऐसे शब्द (Word) या शब्द समूह (Combination of word), जो किसी वाक्य में उद्देश्य और विधेय के रूप में प्रयुक्त होते हैं, ऐसे शब्द को 'पद' कहते हैं।

      जैसे - काजल अच्छी लड़की है।

      यहाँ काजल, अच्छी एवं लड़की तीनों अलग-अलग पद हैं।

3.   उद्देश्य पद (Subject Term) – ऐसा पद, जिनके विषय में कोई बात कही गयी हो, उसे उद्देश्य पद कहते हैं।

      जैसे - काजल अच्छी लड़की है।

      यहाँ 'काजल' के विषय में कहा जा रहा है कि वह एक अच्छी लड़की है। अत: 'काजल' इस वाक्य का उद्देश्य पद है।

4.   विधेय पद (Predicate Term) – किसी के विषय में कही गयी बात, जो कि उसकी विशेषता को व्यक्त करती है, उसे 'विधेय पद' कहते हैं।

      जैसे - काजल अच्छी लड़की है।

      यहाँ 'अच्छी लड़की' के द्वारा काजल की विशेषता व्यक्त की गयी है।

      अत: इस वाक्य में 'अच्छी लड़की' विधेय पद है।

5.   मध्य पद (Middle Term) – ऐसे पद, जो दिए गए दो कथनों के दोनों वाक्यों में सर्वनिष्ठ (Common) हों तथा दोनों कथनों के बीच सम्बन्ध स्थापित करते हों, ऐसे पद को मध्य पद कहते हैं।

      जैसे - सभी लड़के विद्यार्थी हैं। सभी विद्यार्थी भारतीय हैं।

      यहाँ 'विद्यार्थी' दोनों कथनों में सर्वनिष्ठ (Common) है। अत: 'विद्यार्थी' मध्य पद है।

 

तार्किक वाक्यों का वर्गीकरण

(Classification of Proposition)

किसी भी तार्किक वाक्य का जब हम प्रयोग करते हैं, तो उस वाक्य में 'सभी या कुछ' (All of Some), हाँ या ना (Yes or No) का प्रयोग अवश्य ही करते हैं।

यहाँ 'सभी' सर्वव्यापी (Universal) और 'कुछ' विशिष्ट (Particular) परिमाण को व्यक्त करते हैं तथा 'हाँ' सकारात्मक (Affirmative) तथा 'ना' नकारात्मक (Negative) गुण को व्यक्त करते हैं।

I. सर्वव्यापी (Universal)

            ऐसे कथन या वाक्य, जिसमें संपूर्ण बात उद्देश्य के बारे में कही जाए, ऐसे वाक्य को सर्वव्यापी वाक्य या कथन कहते हैं। इन वाक्यों में पहले - सभी, प्रत्येक, हर कोई, सब दशा में, हर हालत में, सदा, निश्चित रूप में, कोई नहीं (All, Every, Each, Any, In all case, Always, Certainty, Absolutely, Necessarity) आदि का प्रयोग किया गया होता है। सर्वव्यापी कथन दो प्रकार के होते हैं -

1.   सर्वव्यापी सकारात्मक (Universal Affirmative) – ऐसे वाक्य या कथन, जिनके पहले - सब, सभी, प्रत्येक, हर एक, हर कोई, राम, मोहन, पेन, पेंसिल (All, Evry, Each, Any, Alone, Only, He, She, I, You, This, That, It, Ram, Mohan, Pen, Pencil) तथा वाक्य में है या हैं (Is or Are) आदि शब्दों का प्रयोग किया गया हो, ऐसे वाक्य को 'सर्वव्यापी सकारात्मक वाक्य' कहते हैं। इसे तर्क वाक्य में 'A' से निरूपित किया जाता है। जैसे - सभी व्यक्ति बुद्धिमान हैं।

 

2.   सर्वव्यापी नकारात्मक (Universal Negative) – ऐसे वाक्य, जिनके पहले कोई नहीं, एक भी नहीं, नहीं (No, None, Not) आदि में से कोई एक शब्द लगा हो, ऐसे कथन या वाक्य को सर्वव्यापी नकारात्मक कथन या वाक्य कहते हैं। इसे तर्कवाक्य में 'E' से निरूपित किया जाता है। जैसे - कोई व्यक्ति बुद्धिमान नहीं है।

II. अंशव्यापी (Particular)

            ऐसे वाक्य, जिनमें उद्देश्य के कुछ अंश के विषय में कहा जाता हो, ऐसे वाक्य को 'अंशव्यापी' कहते हैं। इन वाक्यों के पहले - कुछ, कभी-कभी, कुछ हालत में, थोड़े, अनेक, बड़ी संख्या में, बहुसंख्यक, अल्पसं,यक, बहुत, अधिक, अधिकतर, सामान्यतया, साधारणतया, बहुधा, किसी सब, आधा, कुछ थोड़ा (Some Some times, In some case, A few, The few, Many, In large number, Majority, Most, Mostly, Generally, Usually, Frequently, Occasionally, Often, Perhaps, Nearly, Always, Several, All most all, Half) इत्यादि में से कोई एक अंशव्यापी कथन दो प्रकार के होते हैं।

1.   अंशव्यापी सकारात्मक (Particular Affirmative) – ऐसे वाक्य, जिनके पहले - कुछ, थोड़े से, थोड़ा, अनेक, अधिक (Some, A few, The few, Many, More) तथा वाकय में है या हैं (Is or Are) आदि शब्द प्रयुक्त किये गए हों, तो ऐसे वाक्य को अंशव्यापी सकारात्मक कथन या वाक्य कहते हैं। इसे तर्कवाक्य में 'I' से निरूपित किया जाता है। जैसे - कुछ व्यक्ति बुद्धिमान हैं।

2.   अंशव्यापी नकारात्मक (Particular Negative) – ऐसे वाक्य या कथन, जिनमें कुछ + नहीं (Some + Not, All + Not, Each + Not, Every + Not, Any + Not, Always + Not) का प्रयोग किया गया हो, तो ऐसे वाक्य को अंशव्यापी नकारात्मक कथन या वाक्य कहते हैं। इसे तर्कवाक्य में 'O' से निरूपित किया जाता है। जैसे - कुछ व्यक्ति बुद्धिमान नहीं है।

एकल कथन पर आधारित निष्कर्ष –

I.    यदि कथन पूर्णत: सकारात्मक हो, तो निष्कर्ष पूर्णत: सकारात्मक होगा।

II.   यदि कथन पूर्णत: नकारात्मक हो, तो निष्कर्ष पूर्णत: नकारात्मक होगा।

III. यदि कथन अंशत: सकारात्मक हो, तो निष्कर्ष अंशत: सकारात्मक होगा।

IV. यदि कथन अंशत: नकारात्मक हो, तो निष्कर्ष अंशत: नकारात्मक होगा।

 

न्याय निगमन के प्रश्नों को वेन आरेख के माध्यम से

हल करने की विधियाँ

1.      कथन :

         I.  सभी कलम पेन्सिल हैं।

         II. सभी पेन्सिल पुस्तक हैं।

         वेन आरेख :
        

         अनुमान :

         (1)

         (2)

         (3)

         (4)

         (5)

2.      कथन :

         I.  सभी कुत्ते जानवर हैं।

         II. सभी गायें जानवर हैं।

         वेन आरेख :
      
  

         अनुमान :

         (1) कुछ जानवर कुत्ते हैं।

         (2) कुछ जानवर गायें हैं।

         (3) कुछ कुत्ते गाय हो भी सकते हैं और नहीं भी।

3.      कथन :

         I.  सभी कुत्ते जानवर हैं।

         II. कुछ जानवर गायें हैं।

         वेन आरेख :

        

         अनुमान :

         (1) कुछ जानवर कुत्ते हैं।

         (2) कुछ गायें जानवर हैं।

         (3) कुछ कुत्ते गाय हो भी सकते हैं और नहीं भी

4.      कथन :

         I.  कुछ छात्र खिलाड़ी हैं।

         II. सभी खिलाड़ी लड़के हैं।

         वेन आरेख :

        

         अनुमान :

         (1) कुछ खिलाड़ी छात्र हैं।

         (2) कुछ लड़के खिलाड़ी हैं।

         (3) कुछ छात्र लड़के हैं।

         (4) कुछ लड़के छात्र हैं।

5.      कथन :

         I.  सभी कम्प्यूटर लैपटॉप हैं।

         II. कुछ कम्प्यूटर पेजर हैं।

         वेन आरेख :

        

         अनुमान :

         (1) कुछ लैपटॉप कम्प्यूटर हैं।

         (2) कुछ पेजर कम्प्यूटर हैं।

         (3) कुछ लैपटॉप पेजर हैं।

         (4) कुछ पेजर लैपटॉप हैं।

6.      कथन :

         I.  सभी कम्प्यूटर लैपटॉप हैं।

         II. कुछ पेजर लैपटॉप हैं।

         वेन आरेख :

        

         अनुमान :

         (1) कुछ लैपटॉप कम्प्यूटर हैं।

         (2) कुछ लैपटॉप पेजर हैं।

         (3) कुछ कम्प्यूटर पेजर हो भी सकते हैं और कहीं भी।

7.      कथन :

         I.  कुछ कलम पेन्सिलें हैं।

         II. कुछ पेन्सिल पुस्तकें हैं।

         वेन आरेख :

        

         अनुमान :

         (1) कुछ पेन्सिल कलम हैं।

         (2) कुछ पुस्तक पेन्सिल हैं।

         (3) कुछ कलम पुस्तकें हो भी सकते हैं और नहीं भी।

8.      कथन :

         I.  सभी किताबें कॉपी हैं।

         II. कोई कॉपी कलम नहीं हैं।

         वेन आरेख :

        

         अनुमान :

         (1) कुछ कॉपी किताब हैं।

         (2) कोई कलम कॉपी नहीं है।

         (3) कोई किताब कलम नहीं है।

         (4) कोई कलम किताब नहीं है।

9.      कथन :

         I.  कोई किताब कॉपी नहीं है।

         II. सभी कॉपी कलम हैं।

         वेन आरेख :

        

         अनुमान :

         (1) कोई कॉपी किताब नहीं है।

         (2) कुछ कलम कॉपी हैं।

         (3) कुछ कलम किताब नहीं है।

         (4) कुछ किताब कलम हो भी सकती हैं और नहीं भी।

10.   कथन :

         I.  कुछ लैम्प लालटेन हैं।

         II. कोई लालटेन बल्ब नहीं है।

         वेन आरेख :

        

         अनुमान :

         (1) कुछ लालटेन लैम्प हैं।

         (2) कोई बल्ब लालटेन नहीं है।

         (3) कुछ लैम्प बल्ब नहीं हैं।

         (4) कुछ लैम्प बल्ब हैं और कोई लैम्प बल्ब नहीं है, दोनों हो सकता है।