राजस्थान में औद्योगिक क्षेत्र:-

औद्योगिक आधारभूत संरचना विकास हेतु राजकीय सहायता:-
राजस्थान की औद्योगिक नीतियाँ:
-

प्रथम औद्योगिक नीति:-

द्वितीय औद्योगिक नीति:-

तृतीय औद्योगिक नीति:-

चतुर्थ औद्योगिक नीति:-

राजस्थान मे निवेश प्रोत्साहन योजनाएं:-
राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना, 2003:-

राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना, 2010:-

राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना, 2014:-

  1. मुद्रांक शुल्क एवं भू-रूपांतरण शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट।
  2. विद्युत कर, मण्डी शुल्क एवं भूमि कर में 50 प्रतिशत की छूट। (7 वर्षों के लिए)
  3. 30 प्रतिशत निवेश अनुदान व 20 प्रतिशत रोजगार सृजन अनुदान। (7 वर्षों के लिए)
  4. टेक्सटाईल क्षेत्र के लिए 5 से 7 प्रतिशत ब्याज अनुदान 5 वर्ष तक।
  5. टेक्सटाईल, एग्रो प्रोसेसिंग, फूड प्रोसेसिंग एवं बायोटेक्नोलॉजी इकाइयों को ईटीपी स्थापना पर 20 प्रतिशित पूँजी अनुदान।

राजस्थान विजन 2020:-

राजस्थान विशेष निवेश क्षेत्र अधिनियम, 2016:-

एकल खिड़की स्वीकृति/अनुमति प्रणाली (सिंगल विण्डो क्लियरेन्स सिस्टम):-

पंचवर्षीय योजनाओं के अंतर्गत औद्योगिक विकास:-

प्रथम पंचवर्षीय योजना (1951-1956):–

द्वितीय पंचवर्षीय योजना (1956-1961):–

तृतीय पंचवर्षीय योजना (1961-1966):–

सातवीं पंचवर्षीय योजना:–

आठवीं पंचवर्षीय योजना:–

नौवीं पंचवर्षीय योजना:–

  1. राज्य के शुद्ध घरेलू उत्पाद का 16% भाग निर्माण क्षेत्र से प्राप्त करना।
  2. राज्य के साधनों का अनुकूलतम प्रयोग करना।
  3. रोजगार के अतिरिक्त पर्याप्त अवसर प्रदान करना।
  4. राज्य के उद्योगों की तकनीकी क्षमता में वृद्धि करना।
  5. मानवीय संसाधनों के विकास पर ध्यान देना।

दसवीं पंचवर्षीय योजना:–

ग्यारहवीं पंचवर्षीय योजना:–

बारहवीं पंचवर्षीय योजना:–

राजस्थान के प्रमुख वृहद् उद्योग:-
सूती वस्त उद्योग (Cotton Textile):-

सीमेंट उद्योग (Cement Industry):-

चीनी उद्योग (Sugar Industry):-

दी मेवाड़ शुगर मिल लि., भोपालसागर (चित्तौडगढ़)- 1932 में निजी क्षेत्र में स्थापित यह राज्य की पहली चीनी मिल है।
राजस्थान स्टेट गंगानगर शुगर मिल्स लि., श्री गंगानगर (RSGSM)- यह 1945 में बीकानेर इंडस्ट्रियल कॉरपोरेशन लि. के नाम से स्थापित की गई।
दी मेवाड़ शुगर मिल लि., भोपालसागर (चित्तौडगढ़)- यह मिल क्षेत्र के गन्ना उत्पादकों के हितार्थ सहकारी क्षेत्र में 1695 में स्थापित की गई थी।

नमक उद्योग (Salt Industry):-

काँच उद्योग (Glass Industry):-

  1. हाइटैक प्रिसिजन ग्लास फैक्ट्री धौलपुर- यह गंगानगर शुगर मिल्स की सहायक कम्पनी है। इसमें शराब की बोतलों का निर्माण किया जाता है। यह अभी बंद पड़ी है।
  2. धौलपुर ग्लास वर्क्स- यह निजी क्षेत्र की कम्पनी है।
  3. सेमकोर ग्लास इण्डस्ट्रीज, कोटा- यह टी.वी. की पिक्चर ट्यूब का निर्माण करती है।
  4. सेंट गोबेन कम्पनी, भिवाड़ी, अलवर में एशिया का सबसे बड़ा फ्लोट ग्लास संयंत्र स्थापित किया है।
  5. घीलोट (नीमराना, अलवर) में रीको द्वारा सिरेमिक जोन बनाया जा रहा है।
  6. वर्ष 2015 में अजमेर जिले के सथाना (मसूदा तहसील) में सिरेमिक एवं कांच उद्योग के लिए विशेष औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना की गई है।

वनस्पति घी उद्योग (Vegetable Oil Industry):-

केन्द्रीय सरकार के उपक्रम:-
हिन्दुस्तान जिंक लि. (उदयपुर):-

हिन्दुस्तान कॉपर लि. (खेतड़ी):-

हिन्दुस्तान मशीन टूल्स, अजमेर (HMT):-

सांभर साल्ट्स लि.:-

इन्स्ट्रूमेंटेशन लि., कोटा:-

मॉडर्न बेकरीज:-

राजस्थान ड्रग्स एण्ड फार्मास्यूटिकल्स लि. जयपुर:-

राज्य के प्रमुख लघु, कुटीर, खादी ग्रामोद्योग

राज्य के प्रमुख लघु, कुटीर, खादी ग्रामोद्योग

क्र.सं.

लघु, कुटीर, खादी ग्रामोद्योग

स्थान

1

लकड़ी के खिलौने

उदयपुर, सवाई माधोपुर

2

रसील/वुडन फर्नीचर

बीकानेर/चित्तौड़गढ़

3

पापड़ भुजिया

बीकानेर

4

लकड़ी का नक्काशीदार फर्नीचर

बाड़मेर

5

मटके, सुराही

रामसर (बीकानेर)

6

वुडन/पेटेंड फर्नीचर

किशनगढ़ (अजमेर)

7

सरसों का इंजन छाप तेल

भरतपुर

8

आम पापड

बाँसवाड़ा

9

सरसों का वीर बालक छाप तेल

जयपुर

10

मेहंदी

सोजत

11

बादला एवं मोठडे

जोधपुर

12

कुप्पों पर मुनबत्ती का काम

बीकानेर

13

तार कशी के जेवर

नाथद्वारा

14

नमदे की दरियाँ

टोंक

15

गोटा किनारी

खण्डेला (सीकर)

16

नांदणे (घाघरे की छपी फड़द)

भीलवाड़ा

17

ब्ल्यू पॉटरी

जयपुर, नेवटा (सांगानेर)

18

शीशम की फर्नीचर

हनुमानगढ़/गंगानगर

19

चमड़े की मोजडियाँ

जोधपुर, जयपुर, नागौर

20

कागजी टेरीकोटा

अलवरु

21

सुनहरी टेराकोटा

बीकानेर

22

कठपुतलियाँ

उदयपुर

23

थेवा कला

प्रतापगढ़

24

फड चित्रण

शाहरपुरा (भीलवाड़ा)

25

रामदेवजी के घोड़े

पोकरण (जैसलमेर)

26

कृषिगत औजार

गजसिंहपुर (श्रीगंगानगर)

27

मिनिएचर पेटिग्स

जोधपुर, जयपुर, किशनगढ़

28

आजम प्रिण्ट

आकोला (चित्तौड़गढ़)

29

अजरक व मलीर प्रिण्ट

बाड़मेर

30

लाख की पाटरी, मोण्डे

बीकानेर

31

चुनरी

जोधपुर

32

पीतल पर मुरादाबादी नक्काशी का काम

जयपुर

33

मसूरिया व कोटा डोरिया

कैथून (कोटा)/मांगरोल (बाराँ)

34

मिट्‌टी के खिलौने

मोलेला (नाथद्वारा), बस्सी (चित्तौड़गढ़)

35

पत्थर की मूर्तियाँ (संगमरमर)

जयपुर

36

पत्थर की मूर्तियाँ (लाल पत्थर)

थानागाजी (अलवर)

37

गरासियों की फाग (आंठनी)

सोजत

38

ऊनी बरडी, पट्‌टू एवं लोई

जैसलमेर

39

पेचवर्क व चटापटी का कार्य

शेखावटी

40

पाव रजाई

जयपुर

41

जस्ते की मूर्तियाँ व वस्तुएँ

जोधपुर

42

खेंसले

लेटा (जालौर)

43

दरियाँ

टाकला (नागौर)

44

ऊनी कंबल

गडरा रोड (बीकानेर) बीकानेर

45

खेस

चौमू (जयपुर)

46

लाख का काम

जयपुर

47

मीनाकारी एवं कुदन कार्य

जयपुर

48

कोफ्तागिरी व तहनिशा कार्य

जयपुर

49

पेपरमेशी (कुट्‌टी) का नाम

जयपुर, उदयपुर

50

सूंघनी नसवार

ब्यावर

51

लकड़ी की कावड़

बस्सी (चित्तौड़गढ़)

52

लहरिया एवे पोमचा

जयपुर

53

लकड़ी के झूले

जोधपुर

54

हाथीदाँत एवं चंदन पर खुदाई एवं पेटिग्स

जयपुर

55

रमकड़ा (सोप स्टोन के तराशें हुए खिलौने)

गलियाकोट (डुंगरपुर)

56

गलीचे

जयपुर, बीकानेर

राज्य स्तरीय औद्योगिक संस्थाएँ:-
निवेश संवर्द्धन ब्यूरो (BIP):–

कार्यक्रम का नाम

आयोजित तिथि

आयोजित स्थल

इनवेस्ट नॉर्थ – 2019

29-30 अगस्त, 2019

बेंगलुरू

टेकोटैक्स – 2019

29-31 अगस्त, 2019

मुम्बई

मेक इन इंडिया वर्कशॉप – 2019

30 अक्टूबर, 2019

नई दिल्ली

आई.आई.टी.एफ. – 2019

14-27 नवंबर, 2019

नई दिल्ली

एम.एस.एम.ई. कॉनक्लेव – 2019

19 दिसंबर, 2019

जयपुर

 

राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं विनियोजन निगम लिमिटेड (रीको):–

रीको द्वारा विकसित विशेष पार्क्स:-

निगम द्वारा प्रारम्भ की गई महत्वपूर्ण गतिविधियां:-
इण्डिया स्टोनमार्ट-2019:-

ग्लोबल स्टोन टेक्नोलॉजी फोरम-2019:-

राजस्थान लघु उद्योग निगम लिमिटेड (राजसीको):-

राजस्थान वित्त निगम (आर. एफ. सी.):-

  1. सामान्य परियोजना ऋण योजना
  2. सेवा क्षेत्र हेतु योजना
  3. विशेष सेवा क्षेत्र योजना
  4. एकल खिड़की योजना (₹200 लाख तक परियोजना लागत की लघु एवं एसएसआई इकाईयों के लिए)
  5. अर्हता प्राप्त पेशेवरों हेतु योजना
  6. स्विच ओवर ऋण योजना
  7. प्राकृतिक आपदाओं हेतु योजना
  8. सौर ऊर्जा परियोजनाओं के वित्त पोषण के लिए योजना

दिल्ली-मुम्बई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर:-

खादी एवं ग्रामोद्योग-

राजस्थान में खनिज क्षेत्र:-
राजस्थान में खनिज संसाधन:-

राजस्थान राज्य खान एवं खनिज लिमिटेड (आर.एस.एम.एम.एल ):-

तेल एवं प्राकृतिक गैस:-

  1. बाड़मेर- सांचोर बेसिन- (बाड़मेर एवं जालौर जिले)
  2. जैसलमेर बेसिन- (जैसलमेर जिला)
  3. बीकानेर- नागौर बेसिन- (बीकानेर, नागौर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ एवं चूरू जिले)
  4. विंध्ययन बेसिन – (कोटा, बारां, बून्दी, झालावाड़ जिले तथा भीलवाड़ा एवं चित्तौड़गढ़ जिलों का कुछ हिस्सा ) राज्य में।

मंगला तेल क्षेत्र बाड़मेर

राजस्थान रिफाईनरी परियोजना:-