लोक नृत्य

1. गैर

गैरों के प्रकार -

मोटे रूप में चार प्रकार है -

(1) डांडिया गैर :-

(2) आंगिया गैर/आंगी-बांगी :-

(3) चंग गैर :-

(4)    तलवार गैर (एक हाथ में तलवार एक हाथ में म्यान) :-

2. गींदड़ नृत्य

3. नेजा नृत्य

4. झेला नृत्य

5. बम/बमरसिया नृत्य

6. ईला-ईली नृत्य

7. घूमर नृत्य

घूमर तीन प्रकार का होता है :-

(1) घूमर - साधारण स्त्रियों द्वारा किया जाने वाला नृत्य।

(2) लूर - गरासिया स्त्रियों द्वारा किया जाने वाला नृत्य।

(3) झूमरियों - छोटी बालिकाओं द्वारा किया जाने वाला नृत्य।

म्हाने घूमर छै नखराली ऐ माय।

घूमर रमवा म्है जास्यां ओ रजरी ।।

8. कालबेलिया नृत्य

कालबेलिया जाति के चार प्रमुख नृत्य :-

(1) शंकारिया नृत्य -

(2) पणिहारी नृत्य -

(3) इण्डोणी नृत्य -

(4) बागड़िया नृत्य -

9. घुड़ला नुत्य

घुड़लो घूमेला जी घूमेला

घुड़ले रे बांध्यो सूत घुड़लो घूमेला जी घूमेला

पाड़ोसण जायो पूत घुड़लो घूमेला जी घूमेला

सवागण बारे आव घुड़लो घूमेला जी घूमेला

मोत्यां रा आखा लाव घुड़लो घूमेला जी घूमेला

10. वालर नृत्य

(1) एक प्रकार जिसमें केवल गरासियाँ महिलाएँ ही भाग लेती हैं।

(2) दूसरे प्रकार में गरासिया स्त्री एवं पुरुष दोनों भाग लेते हैं।

11.भैरव नृत्य 

12. भवाई नृत्य

13. अग्नि नृत्य

14. तेरहताली नृत्य

(1) अनाज कूटना (2) उसे साफ करना (3) चक्की में पीसना (4) आटा गूंदना (5) आटे से रोटले पोना (6) दूध दूहना (7) दही बिलोना (8) मक्खन निकालना (9) चरखा चलाना (10) सूत लपेटना (11) नेजा बुनना (12) सिर पर कलश रखना (13) खेत में खड़ी पकी फसल काटना। इस प्रकार के तेरह प्रकार के हाव-भाव व्यक्त किये जाते हैं।

15. चरी नृत्य

16.झूमर नृत्य

17.बिछुड़ो नृत्य

तालेरिया रमती ने म्हाने बिच्छू घणे रो खायो सा

अर र र र र गई मर रे रे रे उतार साजन बिछुड़ो

म्हैं तो दड़ी खेलवा गई सा

चढ़ग्यो म्हाने वैरी बिछुड़ो

18. चकरी नृत्य

19. कच्छीघोड़ी नृत्य

20. मोहिली नृत्य

21. रणबाजा नृत्य

22. घूमर-घूमरा नृत्य

23.     गोगा नृत्य

24. ढोल नृत्य

25.फूंदी नृत्य

25. हुरंगा नृत्य

26. कत्थक नृत्य

27. पेजण नृत्य

28. नाहर नृत्य

29. चरकूला नृत्य

30. खारी नृत्य

31. थाली नृत्य

32. नौंटकी

33. सांग नृत्य

34. शूकर नृत्य