Human development index –HDI (मानव विकास सूचकांक):-

- विभिन्न देशो के विकास के स्तर की गणना करने हेतु मानव विकास सूचकांक जारी किया जाता है।

- किसी भी देशों में निवास करने वालों की विकास की स्थिति जानने हेतु मानव विकास सूचकांक जारी किया जाता है।

- UNO की एजेन्सी (UNDP) संयुक्त राष्ट्र  विकास कार्यक्रम द्वारा मानव विकास सूचकांक जारी किया जाता है।

- UNDP – Union development programme

 स्थापना – 1965

 मुख्यालय – न्यूयार्क

- UNDP द्वारा पहली बार HDI 1990 में भारत के  अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन तथा पाकिस्तान के अर्थशास्त्री  महबूत-उल-हक की सिफारिश पर जारी किया गया।

- मानव विकास सूचकांक (HDI) तीन आधारों पर जारी किया  जाता है-

1 जीवन प्रत्याशा (life expectancy)

2 शिक्षा – education

3 प्रतिव्यक्ति आय – per capital income

HDI निकालने का सूत्र

अर्थात गुणोत्तर माध्य विधि से HDI ज्ञात किया जाता है।

 HDI का मान 0 से 1 होता है

- 0 का अर्थ किसी देश का HDI कमजोर है और 1 का अर्थ है किसी देश का HDI अच्छा है।

HDI प्राप्तांक आधार पर देशों का वर्गीकरण

1 अति उच्च HDI वाले देश – 800-1

2 उच्च HDI वाले देश – .700-0.799

3 मध्यम HDI वाले देश – .551-.699

4 निम्न HDI वाले देश – 0-.550 से कम

 UNDP द्वारा जारी HDI -2019

- रिपोर्ट – 9 दिसम्बर 2019

 शामिल देश – 189

प्रथम स्थान – नार्वे

अंतिम स्थान – नाइजर

भारत की स्थिति:-

- 189 देशों में भारत की 129वीं रैंक

- प्राप्तांक 0.647 अर्थात् भारत मध्यम HDI वाले देशों में  शामिल है।

- गत वर्ष से 1 अंक का सुधार हुआ है।

- 2018- 130वीं रैंक – प्राप्तांक 0.640

 2017 – 131 वीं रैक – प्राप्तांक 0.640

- ब्रिक्स समूह देशों में भारत का प्रदर्शन खराब रहा है।

- BRICS – ब्राजील, रूस, भारत, चीन, साउथ अफ्रीका

- सार्क देशों में श्रीलंका व मालदीव का प्रदर्शन भारत से अच्छा  रहा।

- सार्क देश- श्रीलंका, मालदीव, भारत, बांग्लादेश, भूटान,  नेपाल, अफगानिस्तान, पाकिस्तान

- 2010 में मानव विकास सूचकांक में परिवर्तन किया  गया-

 चार प्रकार के सूचकांक जारी किये जाते है:-

1   मानव विकास सूचकांक (HDI)

2   असमानता समायोजन मानव विकास सूचकांक (IHDI)

3   लैगिंक असमानता सूचकांक (G.I.I)

4   बहुआयामी गरीबी सूचकांक (MPI)

1 मानव विकास सूचकांक (HDI)

HDI तीन आधार पर निकाला जाता है-

1  जीवन प्रत्याशा

2  शिक्षा–स्कूल जाने योग्य वर्ष और स्कूल में बिताये गये   वर्ष

3  जीवन स्तर

- गणना का आधार समांतर माध्य की जगह गुणोत्तर माध्य को  माना गया।

- P.C.I की गणना हेतु GDP की जगह GNP को स्वीकार  किया गया।

2 असमानता समायोजन मानव विकास सूचकांक  (IHDI) :-

 HDI के तीनो आधारो पर प्राप्त असमानता का समायोजन  करने हेतु IHDI की गणना की जाती है।

3 लैंगिक असमानता सूचक  (GII) :-

 आधार-

 1   प्रजनन दर (15-19 आयु वर्ष)

 2   श्रम भागीदारी दर (LPR)

 3   स्वास्थ्य स्तर- मातृ मृत्यु दर (MMR) (प्रति लाख जीवित  जन्म पर)

 4   बहुआयामी गरीबी सूचकांक (M.P.I.)

- गरीबी के कारण प्राप्त होने वाली वंचना की गणना की जाती  है।

- हाउसहोल्ड सर्वे के आधार पर गणना में M.P.I 2020 में  शामिल देश 107 थे जिसमें भारत की रैंक 62वीं रही।