माध्य, माध्यिका एवं बहुलक माध्य ज्ञात करना
समान्तर माध्य ज्ञात करना :- जब केवल चर x के मान दिये हुए हों तो माध्य
जहाँ
के मानों का योगफल है-
1. क्रिकेट के एक खिलाड़ी ने 10 पारियों में क्रमश: 60, 62, 56, 64, 0, 57, 33, 27, 9 और 71 रन बनाए। उसके इन पारियों के रनों का औसत ज्ञात कीजिए।
Sol.

जब आँकड़े बारम्बारता बटन के रूप में हो अर्थात् x तथा f (बारम्बारता) के रूप में हो तो
माध्य \((\overline{\mathrm{x}})=\frac{\sum \mathrm{fx}}{\sum \mathrm{f}}=\frac{\sum \mathrm{fx}}{\mathrm{N}}\)
विधि :-
1. सर्वप्रथम दो स्तम्भों में क्रमश: x तथा f के मान लिख लेते है।
2. तीसरे स्तम्भ में x को f से गुणा करते है।
3. दूसरे स्तम्भ से \(\Sigma \mathbf{f}\) तथा तीसरे स्तम्भ से \(\sum f x\) ज्ञात करके सूत्र की सहायता से माध्य ज्ञात करते हैं।
2. निम्न बारम्बारता बंटन का माध्य ज्ञात कीजिए।
|
x |
f |
|
2 |
1 |
|
5 |
5 |
|
7 |
4 |
|
9 |
7 |
|
11 |
3 |
Sol.
|
x |
f |
fx |
|
2 |
1 |
2×1=2 |
|
5 |
5 |
5×5=25 |
|
7 |
4 |
7×4=28 |
|
9 |
7 |
9×7=63 |
|
11 |
3 |
11×3=33 |
| \(\sum f=20\) | \(\sum f x=151\) |
समान्तर माध्य = \(\overline{\mathrm{X}}=\frac{\sum \mathrm{fx}}{\sum \mathrm{f}}\)
\(=\frac{151}{20}=7.55\)
- जब आँकड़े वर्गीकृत बारम्बारता बटन के रूप में हो तो
माध्य \((\bar{x})=\frac{\sum f x}{\sum f}=\frac{\sum f x}{N}\)
विधि :-
1. सर्वप्रथम प्रत्येक वर्ग अन्तराल का माध्य ज्ञात करके मध्यमान x ज्ञात करते है। अगले स्तम्भ में f का मान लिख लेते हैं।
अन्य मान उपर्युक्त विधि से ज्ञात करके सूत्र की सहायता से माध्य ज्ञात करते हैं।
3. निम्न बारम्बारता बंटन का माध्य ज्ञात कीजिए।
|
वर्ग |
बारम्बारता |
|
25-35 |
6 |
|
35-45 |
10 |
|
45-55 |
8 |
|
55-65 |
12 |
|
65-75 |
4 |
Sol.
|
वर्ग (x) |
बारम्बारता (f) |
मध्यमान (x) |
(fx) |
|
25-35 |
6 |
30 |
6×30=180 |
|
35-45 |
10 |
40 |
10×40=400 |
|
45-55 |
8 |
50 |
8×50=400 |
|
55-65 |
12 |
60 |
12×60=720 |
|
65-75 |
4 |
70 |
4×70=280 |
समान्तर माध्य
\( \overline{\mathrm{X}}=\frac{\sum \mathrm{fx}}{\sum \mathrm{f}} \ =\frac{1980}{40}=49.5 \)
अत: समान्तर माध्य = 49.5
माध्यिका ज्ञात करना
माध्यिका :- यदि किसी चर राशि x के मानो को आरोही या अवरोही क्रम में रखकर मध्य पद लेते हैं तो वह माध्यिका कहलाता है।
1. यदि पदों की संख्या विषम हो तो मध्य में एक ही पद \(\frac{n+1}{2}\)वाँ होगा। अत: माध्यिका \(=\frac{n+1}{2}\)वाँ पद।
2. यदि पदों की संख्या सम हो तो मध्य में दो पद होंगे।
\(\frac{n}{2}\)वाँ तथा \(\frac{n}{2}+1\) वाँ।
माध्यिका इन पदों का औसत होगी।
4. निम्न आँकड़ों की माध्यिका ज्ञात कीजिए- 3, 7, 15, 25, 8, 22, 9
Sol.
आरोही क्रम:- 3, 7, 8, 9, 15, 22, 25
अत: माध्यिका = 9
5. निम्न आँकड़ों की माध्यिका ज्ञात कीजिए- 3, 6, 8, 10, 9, 12
Sol.
आरोही क्रम :- 3, 6, 8, 9, 10, 12
अत: माध्यिका = \(\frac{8+9}{2}=8.5\)
- अवर्गीकृत बारम्बारता बंटन से माध्यिका ज्ञात करना-
क्रियापद :-
1. संचयी बारम्बारता ज्ञात करना।
2. N/2 का मान ज्ञात करना। जहाँ \(\mathbf{N}=\sum \mathbf{f}\)
3. N/2 से ठीक बड़ी संचयी बारम्बारता के संगत चर का मान ही माध्यिका होगी।
6. निम्न बारम्बारता बंटन की माध्यिका ज्ञात कीजिए-
|
x |
f |
|
0 |
10 |
|
1 |
35 |
|
2 |
27 |
|
3 |
17 |
|
4 |
6 |
|
5 |
3 |
|
6 |
2 |
Sol.
|
x |
f |
संचयी बारम्बारता (cf) |
|
0 |
10 |
10 |
|
1 |
35 |
45 |
|
2 |
27 |
72 |
|
3 |
17 |
89 |
|
4 |
6 |
95 |
|
5 |
3 |
98 |
|
6 |
2 |
100 |
| \(\sum f=100\) |
यहाँ \(\mathbf{N}=\sum \mathbf{f}=100\)
\(\frac{N}{2}=\frac{100}{2}=50\) से ठीक बड़ी संचयी बारम्बारता 72 है, जिसके संगत चर का मान 2 है।
अत: माध्यिका = 2
- वर्गीकृत बारम्बारता बटन से माध्यिका ज्ञात करना-
क्रियापद :-
1. संचयी बारम्बारता ज्ञात करना।
2. N/2 का मान ज्ञात करना। जहाँ \(\mathbf{N}=\sum \mathbf{f}\)
3. N/2 से ठीक बड़ी संचयी बारम्बारता के संगत वर्ग अंतराल ज्ञात करना।
4. इस वर्ग अन्तराल के लिए निम्न सूत्र की सहायता से माध्यिका ज्ञात करते है-
माध्यिका = \((\mathrm{M})=\mathrm{I}+\left(\frac{\frac{\mathrm{N}}{2}-\mathrm{C}}{\mathrm{f}}\right) \times \mathbf{i}\)
जहाँ l= माध्यिका वर्ग की निम्न सीमा
N= कुल बारम्बारताओं का योग
C= माध्यिका वर्ग से ठीक पहले के वर्ग की संचयी बारम्बारता।
f= माध्यिका वर्ग की बारम्बारता
i= वर्ग अन्तराल
7. निम्न बारम्बारता बंटन की माध्यिका ज्ञात कीजिए-
|
x |
f |
|
0-8 |
42 |
|
8-16 |
30 |
|
16-24 |
50 |
|
24-32 |
22 |
|
32-40 |
8 |
|
40-48 |
5 |
Sol.
|
वर्ग (x) |
f |
(c.f.) |
|
0-8 |
42 |
42 |
|
8-16 |
30 |
72 |
|
16-24 |
50 |
122 |
|
24-32 |
22 |
144 |
|
32-40 |
8 |
152 |
|
40-48 |
5 |
157 |
| \(\mathbf{N}=\sum \mathbf{f}=157\) |
यहाँ N=157
\(\frac{N}{2}=\frac{157}{2}=78.5\) से ठीक बड़ी संचयी बारम्बारता 122 है जिसका संगत माध्यिका वर्ग अन्तराल 16-24 है।
अत: l=16, c=72, f=50 व i=8
अत: माध्यिका =
\( =1+\frac{\frac{N}{2}-c}{f} \times i \ =16+\frac{78.5-72}{50} \times 8 \ =16+\frac{6.5}{50} \times 8 \)
अत: माध्यिका = 16+1.04=17.04
बहुलक ज्ञात करना
बहुलक:- वह चर जिसकी बारम्बारता सर्वाधिक हो अर्थात् किसी श्रेणी का वह मूल्य जिसकी बारम्बारता सबसे अधिक होती है, बहुलक कहलाता है।
8. निम्न बंटन का बहुलक ज्ञात कीजिए-
2, 4, 5, 6, 2, 5, 5, 6, 6, 6, 7, 8
Sol. अंक 6 की बारम्बारता सर्वार्धिक (4) है।
अत: बहुलक 6 है।
(i) अवर्गीकृत बारम्बारता बंटन से बहुलक ज्ञात करना-
जिस विचर की बारम्बारता सबसे अधिक हो वही विचर बहुलक होता है।
9. निम्न बारम्बारता बंटनों का बहुलक ज्ञात कीजिए-
|
x |
f |
|
3 |
2 |
|
4 |
4 |
|
5 |
6 |
|
6 |
3 |
|
7 |
2 |
|
8 |
1 |
Sol. (i) अंक 5 की बारम्बारता सर्वार्धिक (6) है।
अत: बहुलक 5 है।
(ii) वर्गीकृत बारम्बारता बंटन से बहुलक ज्ञात करना-
क्रियापद-
(i) सर्वप्रथम बहुलक वर्ग ज्ञात करते है। जिस वर्ग की बारम्बारता सर्वाधिक होती है वह बहुलक वर्ग होता है।
(ii) बहुलक वर्ग की सहायता से निम्न सूत्र का प्रयोग करते हुए बहुलक ज्ञात करते है-
बहुलक = \(\mathrm{I}+\left(\frac{\mathrm{f}_{1}-\mathrm{f}_{0}}{2 \mathrm{f}_{1}-\mathrm{f}_{0}-\mathrm{f}_{2}}\right) \times \mathrm{i}\)
जहाँ l= बहुलक वर्ग की निम्न सीमा
f1= बहुलक वर्ग की बारम्बारता
f0= बहुलक वर्ग की बारम्बारता
f2= बहुलक वर्ग के ठीक बाद के वर्ग की बारम्बारता
i= वर्ग अन्तराल
10. निम्न बारम्बारता बंटन से बहुलक ज्ञात कीजिए-
|
वर्ग |
बारम्बारता |
|
52-55 |
10 |
|
55-58 |
20 |
|
58-61 |
25 |
|
61-64 |
10 |
Sol.
|
वर्ग |
बारम्बारता |
संचयी बारम्बारता |
|
55-55 |
10 |
|
|
55-58 |
20 |
\(\leftarrow f_{0}\) |
|
58-61 |
25 |
\(\leftarrow f_{1}\) |
|
61-64 |
10 |
\(\leftarrow f_{2}\) |
यहाँ सर्वाधिक बारम्बारता 25 वर्ग (58-61) की है।
अत: बहुलक वर्ग 58-61 है।
अत: l=58, f1=25, f0=20, f2=10 व i=3
अत: बहुलक
\( =\mathrm{I}+\left(\frac{\mathbf{f}_{1}-\mathbf{f}_{0}}{2 \mathbf{f}_{1}-\mathbf{f}_{0}-\mathbf{f}_{2}}\right) \times \mathbf{i} \ =58+\frac{25-20}{2 \times 25-20-10} \times 3 \ =58+\frac{5}{20} \times 3 \)
अत: बहुलक = 58+0.75= 58.75 सेमी.
माध्य, माध्यिका और बहुलक में सम्बन्ध
बहुलक= 3 (माध्यिका)-2 (माध्य)
11. किसी बारम्बारता बंटन का माध्य 38 है तथा माध्यिका 35 है। बहुलक ज्ञात कीजिए-
Sol. बहुलक= 3 (माध्यिका)-2 (माध्य)
= 3×35-2×38
= 105-76= 29
विक्षेपण के माप
(Measure of Dispersion)
- किसी श्रेणी के पदों का माध्य से बिखराव विक्ष्ज्ञैप्झा कहलाता है।
- किसी श्रेणी का विक्षेपण उसके विभिनन पदों के विचरण या अन्तर का माप है।
- विक्षेप के माप दो प्रकार के होते है-
1. निरपेक्ष माप :- विक्षेपण की सीमा या मात्रा बताने वाली संख्या निरपेक्ष होती है। विक्षेपण के वे माप जिनकी इकाई वही होती है जो चर के विभिन्न मानो की होती है वे निरपेक्ष माप कहलाते है।
2. सापेक्ष माप :- विक्षेपण का सापेक्ष माप निरपेक्ष माप व माध्य जिससे विक्षेपण किया गया है, का अनुपात होता है। इस प्रकार ज्ञात किये गये अनुपात को प्रतिशत के रूप में भी व्यक्त किया जा सकता है। सापेक्ष माप को विक्षेपण गुणांक भी कहते है।
- साधारणतया सांख्यिकी में विक्षेपण के निम्न माप काम में लिये जाते है:-
1. परास
2. चतुर्थक विचलन
3. माध्य विचलन
4. मानक विचलन एवं प्रसरण
परास:- श्रेणी के चर के उच्चतम मान एवं निम्नतम मान के अन्तर को परास कहते है।
परास गुणांक :- श्रेणी के चर के उच्चतम मान व न्यूनतम मान के अन्तर एवं उनके योग के अनुपात के बराबर होता है।
परास गुणांक = \(\frac{H-L}{H+L}\)
जहाँ H= उच्चतम मान, L= न्यूनतम मान है।
(i) चतुर्थक (Quartiles)
चतुर्थक परास :- किसी चर श्रेणी के तृतीय और चतुर्थकों के अन्तर को अन्तर चतुर्थक परास कहते है।
- ये परास की अपेक्षा अधिक प्रतिनिधित्व करने वाला माप है। इसे बंटन के मध्यवर्ती मूल्यों का परास भी कहते है।
- अन्तर चतुर्थक परास = Q3-Q1
- अन्तर चतुर्थक परास गुणांक = \(\frac{Q_{3}-Q_{1}}{Q_{3}+Q_{1}}\)
जहाँ
\( \mathbf{Q}_{1}=\ell+\frac{\frac{\mathbf{N}}{\mathbf{4}}-\mathbf{C}}{\mathbf{f}} \times \mathbf{i} \ \mathbf{Q}_{3}=\ell+\frac{\frac{3 \mathbf{N}}{\mathbf{4}}-\mathbf{C}}{\mathbf{f}} \times \mathbf{i} \)
जहाँ l= चतुर्थक वर्ग की निम्न सीमा
N= कुल बारम्बारता
f= चतुर्थक वर्ग की बारम्बारता
C= चतुर्थक वर्ग से ठीक पहले वर्ग की संचयी बारम्बारता
i= वर्ग अन्तराल
(ii) दशमक (Deciles)
दशमक परास :- चर श्रेणी की सम्पूर्ण बारम्बारताओं को दस समान भागों में विभाजित करने वाले विभाजन मूल्य को दशमक कहते है।
दशमक परास = D9-D1
जहाँ
\( \mathrm{D}_{1}=\ell+\frac{\frac{\mathrm{N}}{10}-\mathrm{C}}{\mathrm{f}} \times \mathrm{i} \ \mathrm{D}_{9}=\ell+\frac{\frac{9 \mathrm{N}}{10}-\mathrm{C}}{\mathrm{f}} \times \mathrm{i} \)
(iii) शतमक (Percentiles)
- शतमक परास :- चर श्रेणी की सम्पूर्ण बारम्बारताओं को 100 समान भागों में विभाजित करने वाले विभाजन मूल्य को शतमक परास कहते है।
शतमक परास = P90-P10
जहाँ
\( P_{10}=\ell+\frac{\frac{10 N}{100}-C}{f} \times i \ P_{90}=\ell+\frac{\frac{90 N}{100}-C}{f} \times \mathbf{i} \)
- चतुर्थक विचलन:- चतुर्थांकों के अन्तर का आधा होता है। अन्तर चतुर्थक परास का आधा मूल्य चतुर्थक विचलन होता है।
चतुर्थक विचलन = \(\frac{Q_{3}-Q_{1}}{2}\)
चतुर्थक विचलन गुणांक = \(\frac{Q_{3}-Q_{1}}{Q_{3}+Q_{1}}\)
(iv) माध्य विचलन
- माध्य विचलन ज्ञात करने से पूर्व माध्य, माध्यिका, बहुलक का ज्ञान आवश्यक है। इन्हें ज्ञात करने के बाद इनकी सहायता से माध्य विचलन ज्ञात किया जाता है।
- जब केवल x का मान दिया हुआ हो, तो
माध्य विचलन = \(\frac{\sum|\mathbf{x}-\overline{\mathbf{x}}|}{\mathbf{n}}\)
जहाँ \(\sum|\mathbf{x}-\overline{\mathbf{x}}|\) विचलनों का निरपेक्ष मान है।
12. एक कक्षा के 8 विद्यार्थियों का भार (किग्रा. में) 42, 47, 52, 47, 52, 47, 37, 60, 55, 38 है, माध्यिका से एवं मूल बिन्दु 40 से माध्य विचलन ज्ञात कीजिए।
Sol. (i) आँकड़ों को आरोही क्रम में रखने पर 37, 38, 42, 47, 47, 52, 55, 60
पदों की संख्या= 8 है।
अत: माध्यिका = चौथे और पाँचवे पद का औसत = \(\frac{47+47}{2}=47\)
(ii) मूल बिन्दु = 40
| \((x)\) | \(|\mathbf{x}-\mathbf{M}|\) | \(|x-40|\) |
|
37 |
10 |
3 |
|
38 |
5 |
2 |
|
42 |
0 |
2 |
|
47 |
0 |
7 |
|
47 |
5 |
7 |
|
52 |
5 |
12 |
|
55 |
8 |
15 |
|
60 |
12 |
20 |
|
योग |
\(|\mathbf{x}-\mathbf{M}|=\mathbf{4 9}\) | \(|\mathbf{x}-\mathbf{4 0}|=\mathbf{6 8}\) |
(i) माध्यिका से लिया गया माध्य विचलन
\(=\frac{|\mathbf{x}-\mathbf{M}|}{\mathbf{N}}=\frac{\mathbf{4 9}}{8}=61.25\)
(ii) मूल बिन्दु 40 से लिया गया माध्य विचलन
\(\frac{|\mathbf{x}-\mathbf{4 0}|}{\mathbf{N}}=\frac{68}{8}=8.5\)
(Note- माध्यिका से लिया गया माध्य विचलन सबसे कम होता है।)
- जब x एवं f के मान दिये हुए हों तो माध्य विचलन
\(=\frac{\sum \mathbf{f}|\mathbf{x}-\overline{\mathbf{x}}|}{\sum \mathbf{f}}\)
(v) मानक विचलन
- मानक विचलन- श्रेणी के विभिन्न चर मूल्यों के समान्तर माध्य से प्राप्त विचलन के वर्गों के समान्तर माध्य के वर्गमूल को मानक विचलन कहते है।
जब आँकड़े अवर्गीकृत हो-
मानक विचलन
\( =(\sigma)=\sqrt{\frac{\sum\left(\mathbf{x}_{\mathbf{i}}-\overline{\mathbf{x}}\right)^{2}}{\mathbf{n}}} \ =\sqrt{\sum \frac{\mathbf{x}_{\mathbf{i}}^{2}}{\mathbf{n}}\left(\frac{\sum \mathbf{x}_{\mathbf{i}}}{\mathbf{n}}\right)^{2}} \)
जब आँकड़े बारम्बारता बंटन के रूप में हो-
\((\sigma)=\sqrt{\frac{\sum f_{i} x_{i}^{2}}{N}-\left(\frac{\sum f_{i} x_{i}}{N}\right)^{2}}\)
मानक विचलन गुणांक = \(\frac{\sigma}{\overline{\mathbf{x}}}\)
प्रसरण :- माध्य से लिये गये विचलनो के वर्गोँ के माध्य को प्रसरण कहते है।
प्रसरण = \(\left(\sigma^{2}\right)=\frac{\sum\left(x_{i}-\bar{x}\right)^{2}}{n}\)
विचरण गुणांक = \(\frac{\sigma}{\bar{x}} \times 100\)