औद्योगिक प्रदेशों
ग्रेट ब्रिटेन के औद्योगिक प्रदेश
इसके अधिकांश उद्योग आयातित कच्चे माल पर आधारित हैं । औद्योगिक प्रदेशों का विस्तार ब्रिटेन के कोयला क्षेत्रों से सम्बन्धित है लेकिन वर्तमान में यहाँ उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों की मांग, पुराने यन्त्रों तथा श्रमिकों की समस्या के कारण औद्योगिक अवसान हो रहा है । वर्तमान में ब्रिटेन यूरोपीय आर्थिक समुदाय का सदस्य बन गया एवं उत्तरी सागर से गैस एवं तेल प्राप्त पाइन लाइनों से जुड़ गया है।
मिडलेंड्स क्षेत्र
यह ब्रिटेन की सबसे बड़ी औद्योगिक पेटी है जिसका प्रमुख औद्योगिक केन्द्र बर्मिंघम है । इसके विकास के प्रमुख कारण यहाँ पर विद्यमान कोयला क्षेत्र थे, लेकिन इसकी केन्द्रीय स्थिति के कारण भी सर्वाधिक विकास हुआ है । यह लौह-इस्पात निर्माण का मुख्य क्षेत्र है जहाँ धुएं की इतनी सघनता रहती है कि इस क्षेत्र को ब्लैक कण्ट्री कहते हैं। इस क्षेत्र में बर्मिंघम के अतिरिक्त डडेल, बोल्बरहेम्पटन, वेट ब्रोमविच आदि अन्य बड़े केन्द्र हैं ।
यहाँ रेलमार्गें तथा सड़क परिवहन का सघन जाल विकसित है ।तापीय ऊर्जा के अतिरिक्त तेल भी आयात किया जाता है । इस प्रदेश में एक पिन से लेकर बड़े जहाजों का निर्माण किया जाता है। दक्षिणी स्टेफोर्डशायर कोयला क्षेत्र ऊर्जा आपूर्ति का बड़ा क्षेत्र है । वारविकशायर कोयला क्षेत्र के निकट अवस्थित कावेन्ट्री ऑटोमोबाइल उद्योग का प्रमुख केन्द्र है । ब्रिटिश लीलेण्ड का मुख्यालय यहीं है जो ब्रिटेन का सबसे बड़ा ऑटोमोबाइल संगठन है ।रग्बी में लोकोमाटिव कारखाने हैं ।
कावेन्ट्री के उत्तर में लिसेस्टरशायर कोयला क्षेत्र है जिसके समीप बर्टन-ऑन-टेण्ट ``नामक ब्रिटेन का सबसे बडा मद्य निर्माण कस्बा स्थित है । अन्य औद्योगिक केन्द्रें में वस्त्र एवं इंजीनियरिंग के लिए डबी हौजरी, तम्बाकू व फार्मास्यूटिकल के लिए नॉटिंघम प्रसिद्ध है । स्टेफोर्डशायर के दक्षिण में ` स्टॉक-ऑन-टेण्ट ` पोटरी के लिए प्रसिद्ध है ।
उत्तरी पूर्वी इंग्लैण्ड
इसे डरहम-नार्थम्बरलैण्डं क्षेत्र भी कहते हैं । यह ग्रेट ब्रिटेन का भारी इंजीनियरिंग उद्योगों का महत्वपूर्ण क्षेत्र है, जो डरहम-नार्थम्बरलैण्ड कोयला क्षेत्र के समीप स्थित है। कोयला क्षेत्र के निकट ही स्वीलैण्ड की पहाड़ियों से लौहा मिलता है । कोयला लौहा की उपलब्धता से ही यहाँ लौह इस्पात उद्योग का विकास हुआ है, जिसका सकथ सामुद्रिक `यान्त्रिक, संरचनात्मक इंजीनियरिंग, जलयान व काँच उद्योग से स्थापित हुआ है । ये उद्योग अब मुख्यतः तेल और कोयला के आयात पर निर्भर हैं । टायन नदी पर स्थित न्यू कैंसिल में जलयान व परिवहन यन्त्र उद्योग. डार्लिंगटन में रेल इंजन. स्टॉकअन में इंजीनियरिंग, मिडिल्सबरो में लौहा-इस्पात, गाटेसहेड में संरचनात्मक इंजीनियरिंग, सुन्दरलैण्ड में सामुद्रिक इंजीनियरिंग, हार्टेपुल में जलयान तथा बर्मिंघम में रसायन,उर्वरक, ड्ऱग व कृत्रिम रेशा उद्योग स्थापित हुए हैं ।
ग्रेटर लन्दन औद्योगिक प्रदेश
यह ग्रेट ब्रिटेन का सबसे बड़ा औद्योगिक संकुल है जो टेन्स नदी के एस्चुअरी पर अवस्थित है । लन्दन इंग्लैण्ड की राजधानी एवं बन्दरगाह है । लन्दन अंतर्राष्ट्रीय स्तर का व्यापारिक केन्द्र है । लन्दन में धातु उद्योग, रसायन, विद्युत का सामान, सुगन्ध, प्रसाधन, प्रकाशन, मुद्रण तथा विलासी वस्तुओं का उत्पादन होता है । ब्रिटेन का यही एकमात्र औद्योगिक प्रदेश है जहाँ कोयला नहीं मिलता है। इसके विकास में इसके सहारे उपनगरीय क्षेत्र के विकास की मुख्य भूमिका रही है ।
मध्यवर्ती स्कॉटलैण्ड औद्योगिक प्रदेश
इस प्रदेश को स्कॉटिश औद्योगिक प्रदेश के नाम से भी जाना जाता है। ग्लासगो यहाँ का मुख्य केन्द्र है। यहाँ लौहा इस्पात बनाया जाता है । ग्लासगो के अतिरिक्त मदर वेल, कोटब्रिज केन्द्रों पर भी इस्पात बनाया जाता है । यह औद्योगिक प्रदेश क्लाइड घाटी में फैला है. जहाँ ग्लासगो से ग्रीनोक तक जलपोत निर्माण किया जाता है । क्लाइड घाटी के सहारे कुछ विशेष उद्योगों का विकास हुआ है जिनमें पोर्ट ग्लासगो में जलपोत निर्माण, डम्बर्टन में इंजीनियरिंग उद्योग. क्लाइड बैंक में सिलाई मशीन, रूदरग्लेन में रसायन और नरेफ्wये में सामुद्रिक इंजीनियरिंग आदि उद्योग मिलते हैं ।
लंकाशायर औद्योगिक प्रदेश
यह पिनाइन पर्वत श्रेणी के पश्चिम में लंकाशायर औद्योगिक प्रदेश स्थित है । लंकाशायर क्षेत्र से ब्रिटेन का सर्वाधिक कोयला निकाला जाता है । यह प्रदेश ब्रिटेन के सूती वस्त्र उद्योग का मूल क्षेत्र है । लीवरपूल व मैनचेस्टर लंकाशायर औद्योगिक प्रदेश के महत्वपूर्ण नगर हैं । मेनचेस्टर सूती वस्त्र उद्योग के लिए विश्व प्रसिद्ध केन्द्र है । विगत दशक से यहाँ सूती वस्त्र उद्योग धीरे- धीरे कमजोर होता जा रहा है तथा अन्य उद्योग विकसित हो रहे हैं । लंकाशायर क्षेत्र में विकसित अन्य उद्योगों में जलयान उद्योग (लीवरपूल एवं बक्रेनहेड ). सागरीय इंजीनियरिंग रसायन (विडेन्स रनकार्न तथा बारिगंटन ), प्लास्टर उद्योग ( ब्रोमबोरी व मेनचेस्टर ), भारी रसायन उद्योग ( मेनचेस्टर शिप केनाल ) काँच उद्योग ( सेंट हेलेन्स ) व ऐलेसमेरे पोर्ट पर तेल शोधन आदि प्रमुख हैं ।
बैलफास्ट औद्योगिक प्रदेश
यह आयरलैण्ड का प्रमुख औद्योगिक प्रदेश है जहाँ जलपोत निर्माण तथा सन उद्योगों का विकास हुआ है । इन उद्योगों के लिए आवश्यक कच्चा माल आयात किया जाता है ।
दक्षिणी वेल्स औद्योगिक प्रदेश
इस प्रदेश में कार्डिफ, स्वान्सी व टालबर केन्द्रों पर उद्योग धन्धे विकसित हुए हैं । ये केन्द्र इस्पात व धातु उद्योगों की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं । न्यूपोर्ट. लानेली पोर्ट, टालवट व मारगम में बड़े लौहा के कारखाने हैं । टिन प्लेट बनाने के लिए स्वान्सी तथा इंजीनियरिंग सामान के लिए कार्डिफ प्रसिद्ध है । स्थानीय कोयला खानों का इस औद्योगिक प्रदेश के विकास में प्रमुख योगदान रहा है ।
उत्तरी पश्चिमी औद्योगिक प्रदेश
इसे कम्बरलैण्ड औद्योगिक प्रदेश भी कहते हैं। यह पिनाइन पर्वत श्रेणी के उत्तर पश्चिमी में स्थित हैं । यह पश्चिमी लेक डिस्ट्रिक का भाग है जहाँ बैसे प्रमुख औद्योगिक केन्द्र है । इस प्रदेश के विकसित उद्योगों में लौहा तथा जलयान उद्योग प्रमुख है ।
यार्कशायर औद्योगिक प्रदेश
यह यार्कशायर, नाटिंघम शायर तथा डर्मीशायर कस्बों में फैला हुआ है जो ब्रिटेन में विश्व का बसे बड़ा ऊनी वस्त्र निर्माण करने वाला क्षेत्र है । यहाँ पर एअरी एवं केलडर नदी घाटी में यह उद्योग अधिक विकसित है । कोयला यार्कशायर से प्राप्त होता है क्योकि यहाँ कोयला भी प्रचुर मात्रा में है । स्थानीय दृश्टि से यहाँ पेनाइन नदी बहती है, जिससे स्वच्छ जल प्राप्त होता है एवं इसी नदी घाटी में पायी जाने वाली भेड़ ( पेनाइन किस्म ) विश्व प्रसिद्ध है । ऊनी वस्त्र उद्योग के अतिरिक्त निर्माण उद्योग एवं सूती वस्त्र उद्योग में काम में आने वाली मशीनों का निर्माण होता है ।
फ्रांस के औद्योगिक प्रदेश
पेरिस औद्योगिक प्रदेश
पेरिस फ्रांस की राजधानी होने के साथ-साथ एक सघन बसा हुआ महानगर है जो यूरोप के पश्चिम में स्थित है । पेरिस में सघन जनसंख्या के कारण स्थानीय बाजार तथा पर्याप्त कुशल श्रमिकों की सुविधा उपलब्ध है । तटवर्तीय क्षेत्र में स्थित होने के कारण विश्व बाजार से कच्चा पदार्थ जल यातायात द्वारा आयात किया जाता है तथा निर्मित पदार्थें का निर्यात कर दिया जाता है । पेरिस में मोटर गाड़ी, वायुयान, बिजली के सामान, इस्पात उद्योग, कृषि एन, मीटर, घड़ियाँ सूती वस्त्र तथा रेशमी वस्त्र, पोशाक निर्माण, रंग-रोगन. मुद्रण एवं छपाई उद्योग, सौन्दर्य प्रसाधन पदाथों का निर्माण आदि उद्योग का सघन जाल पाया जाता है।
लॉरेन सार औधोगिक प्रदेश
स्थानीय खनिज पदार्थें की प्राप्ति के आधार पर इस प्रदेश का विकास हुआ है । यहाँ सार क्षेत्र में कोयला तथा लारेन क्षेत्र में पर्याप्त कच्चा लौहा पाया जाता है जिसके कारण इस क्षेत्र में भारी धातु उद्योगों की प्रधानता है।
फ्रांस के उत्तरी भाग में नान्सी से लक्जेम्बर्ग, सार तक इस औद्योगिक प्रदेश का विस्तार पाया जाता है । भारी उद्योगों के लोंगवी वे मेट्ज, वेरदून, नान्सी, सारबिल, टाउल प्रमुख औद्योगिक केन्द्र हैं । इसके अतिरिक्त काँच का तथा चीनी मिट्टी के बर्तनों का निर्माण लुनेविले में, सूती वस्त्र एपीलाल, ऊनी वस्त्र ` सेवर्न और स्ट्रागबर्ग में, सूती वस्त्र, रासायनिक पदार्थों के लिए बेलफोर्ट, मुलहाउस, कोलमार आदि प्रमुख केन्द्र हैं ।
मध्यवर्ती पठार औद्योगिक प्रदेश
फ्रांस का सेंट एटीन औद्योगिक केन्द्र युद्ध से सम्बन्धित पदार्थें के निर्माण की दृष्टि से विश्व प्रसिद्ध केन्द्र है ।
रोन घाटी औद्योगिक प्रदेश
लियोन्स, अलाइस तथा ग्रेनोबुल प्रमुख औद्योगिक केन्द्र हैं ।
एम्सटर्डम-रॉटरडम औद्योगिक प्रदेशः यूरोप की राइन तथा क्यूज नदियाँ इसी क्षेत्र में होकर प्रवाहित होती हुई समुद्र में गिरती हैं जिसके कारण यहाँ कच्चे पदार्थें की कमी होते हुए भी निर्यातित पदार्थें के आधार पर उद्योगों की स्थापना की गयी है । तेल शोधन, चीनी उद्योग, रबर, चमड़ा उद्योग इस क्षेत्र के प्रमुख उद्योग हैं जिनके प्रमुख केन्द्र ब्रुसेल्से, एन्टवर्प, एम्सटर्डम हैं जो यूरोप के प्रमुख नगर तथा बन्दरगाह हैं ।
भूमध्यसागरीय तटवर्ती औद्योगिक क्षेत्रः जल यातायात की सुविधा होने के कारण इस क्षेत्र में अधिकतर उद्योग आयातित पदार्थें पर आधारित है। अधिकतर कच्चे पदार्थ अन्य देशों से आयात किया जाता है । इस क्षेत्र में पेट्रो शोधन तथा रसायन उद्योगों की अधिक प्रधानता है । इसी क्षेत्र में फ्रांस का मार्सेलीस औद्योगिक केन्द्र है । जहाँ पेट्रोल तथा रसायन उद्योगों की प्रधानता पायी जाती है । इसी क्षेत्र में इटली के औद्योगिक प्रदेश स्थित हैं ।
इटली के औद्योगिक प्रदेश
इटली एक ऐसा देश है जहाँ कोयला तथा लौह अयस्क दोनों खनिजों की कमी पायी जाती है लेकिन, जल विद्यूत शक्ति के अधिक विकास के कारण कोयला की कमी पूर्ति हो जाती है तथा लौह अयस्क आयात किया जाता है । इटली के उद्योगों की अधिक सख्या उत्तरी भाग मैं स्थित पो नदी की घाटी में है जहाँ लोम्बार्डी. पीडमाण्ट तथा लिगुरिया में सम्पूर्ण देश के तीन-चौथाई उद्योग अवस्थित हैं। कच्चे पदार्थों की कमी के कारण यहाँ का लौह इस्पात उद्योग कम विकसित हुआ है । अधिकतर कच्चे पदार्थ विदेशों से आयात किए जाते हैं जिसके कारण परिवहन मार्गों पर स्थित नगरों में ही उद्योगों का अधिक विकास हुआ है । तूरिन, मिलान, वेनिस, ब्रोसिया. बेरोना, जेनोआ, रोम ` नेपिल्स, `` लोरेंस प्रमुख औद्योगिक केन्द्र हैं । रेशमी, ऊनी तथा सूती वन्त्रों के लिए मिलान. मोटर-गाड़ियाँ, वायुयान, मशीन निर्माण के लिए तूरिन, लौह इस्पात उद्योग मोन्जा में, धातु निर्माण-ब्रोसिया में, सिलाई मशीनों का निर्माण पावीया में तथा वाद्य यन्त्र के लिए क्रेमोना प्रमुख औद्योगिक केन्द्र हैं । विश्व में फियेट मोटर गाड़ी निर्माण के लिए इटली का तूरिन नगर विश्व प्रसिद्ध है जहाँ से यह मोटर गाड़ी विश्व के अन्य देशों में निर्यात की जाती है ।
जर्मनी के औद्योगिक प्रदेश
हथकरघा उद्योग जर्मनी का एक विकसित प्राचीन उद्योग था जो लगभग सभी नगरों में फैला हुआ था । औद्योगिक क्रान्ति के बाद जर्मनी में भारी धातु निर्माण उद्योग, मशीनरी निर्माण तथा रसायन उद्योगों के लिए विश्व में प्रमुख देश बन गया । वर्तमान में जर्मनी के निम्नांकित औद्योगिक प्रदेश मुख्य हैं-
रूर औद्योगिक प्रदेशः इसके साथ जनसंख्या की दृष्टि से यह क्षेत्र सघन बसा हुआ है । इस क्षेत्र में स्थित एसेन, डार्टमण्ड तथा डुइजेलडोर्फ ऐसे नगर हैं जिसकी जनसंखा 5 लाख से भी ऊपर पायी जाती है रूर प्रदेश मुख्य रूप से विश्व में लौह इस्पात तथा इंजीनियरिंग उद्योगों के लिए प्रसिद्ध है । लौह इस्पात उद्योग रूर प्रदेश के उत्तरी भाग में राइन नदी पर स्थित डूइसबर्ग से डार्टमुण्ड ` के मध्यवर्ती भाग में कोयला की खानों के समीप स्थित है । लौह इस्पात का मुख्य केन्द्र एसेन है जहाँ सधन उद्योग अवस्थित हैं । वुपरताल, सीजबुर्ग, रीडर, डोरमागेन, कोलोन- आखेन इस क्षेत्र के प्रमुख वस्त्र निर्माण उद्योग केन्द्र हैं । ओवेन्स रासायनिक उद्योगों का मुख्य केन्द्र है जहाँ औषधि निर्माण रसायन, बाखद, रंगाई सामान आदि उद्योग पाए जाते हैं ।
ऊपरी राइन औद्योगिक प्रदेश : राइन नदी की घाटी के ऊपरी भाग में जर्मनी के मध्यवर्ती भाग से स्विट्जरलैण्ड के पश्चिमी भाग के मध्यवर्ती क्षेत्र में स्थित औद्योगिक क्षेत्र को ऊपरी राइन औद्योगिक प्रदेश कहते हैं । कोयला तथा लौह अयस्क की कमी के कारण इस क्षेत्र में भारी उद्योगों की कमी पायी जाती है लेकिन कुशल श्रमिक तथा जल विद्युत शक्ति का विकास, स्वच्छ जल की प्राप्ति उद्योग स्थापना के प्रमुख अनुकूल कारक हैं । फेंकफर्ट, मात्रोहाइग ` स्टूटोगार्ट, स्ट्रासबर्ग, ज्यूरिख इस क्षेत्र के प्रमुख औद्योगिक केन्द्र हैं । मोटर गाड़ी उद्योग, चमड़े के पदार्थ तथा वस्त्र, निर्माण उद्योग फ्रेंकफर्ट-मोत्सर में शीशे, सिरेमिक, सूक्ष्म ऑप्टीकल यन्त्र, लुग्दी तथा कागज निर्माण उद्योग, मात्रोहाइग में रासायनिक उद्योग, लुडविग में अवस्थित है । रूर प्रदेश के बाद जर्मनी में इस औद्योगिक प्रदेश का उद्योगों की संख्या तथा उत्पादन मूल्य की दृष्टि से दूसरा स्थान है ।
यूरोप के अन्य औद्योगिक प्रदेश
साम्ब्रे कैम्पाइन औद्योगिक प्रदेश : यह औद्योगिक प्रदेश यूरोप के मध्यवर्ती आन्तरिक भाग में साम्ब्रेम्यूज तथा कैम्पाइन कोयला उत्पादक क्षेत्रों में स्थित है जिसका विस्तार फ्रांस के उत्तर में स्थित औसेज नगर बेल्जिमय में होकर नीदरलैण्ड के दक्षिणी भाग तथा जर्मनी के आखेर नगर के मध्यवर्ती भाग में स्थित हैं । इस औद्योगिक प्रदेश में फ्रांस के लीले, लैन्ज, दन्कक्र ` आंजिन, देनाइन, वेलेनाजिएन्नीज, हॉवमाण्टे. प्यूमाण्टे. बेल्जियम के मोन्स चार्लराय. नामूर, लीज, नीदरलैण्ड का मास्ट्रिच तथा जर्मनी का आखेन प्रमुख औद्योगिक नगर है । उत्तम कोकिंग कोयला की प्राप्ति तथा लारेन. नारमण्डी से कच्चे लौह अयस्क की सुविधा के कारण यहाँ लौह इस्पात उद्योगों का अधिक विकास हुआ है । साम्बे, म्यूज नदियाँ इस औद्योगिक प्रदेश में होकर प्रवाहित होती हैं जिनसे स्वच्छ जल की प्राप्ति तथा जल परिवहन आदि सुविधाएँ प्राप्त हैं। इस क्षेत्र का लीज बन्दूक तथा पिस्तौल निर्माण के लिए विश्व प्रसिद्ध है । चालेराम में, शीशा, वरवीयर में वस्त्र उद्योग की प्रधानता है । वस्त्र निर्माण के कारण बेल्जियम के इस क्षेत्र को लेण्डर्स कहा जाता है जिसका प्रमुख केन्द्र घैन्ट नगर है
ऊपरी साइलेशिया औद्योगिक प्रदेश : यह प्रदेश यूरोप के साइलेशिया कोयला उत्पादक क्षेत्र में स्थित है जहाँ से उत्तम कोटि का कोकिंग कोयला प्राप्त होता है । इस प्रदेश का विस्तार मुख्य रूप से पोलैण्ड देश में चेक गणराज्य के मध्य एवं ऊपरी भाग, स्लोवाकिया और ओडर नदी घाटी के ऊपरी भाग तक इसका विस्तार पाया जाता है । कोयला के अतिरिक्त इस क्षेत्र में लौह अयस्क, इस्पात, जस्ता तथा शीशा भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है जिसके कारण इस क्षेत्र में भारी धातु उद्योग तथा लौह इस्पात उद्योग अधिकाधिक संख्या में स्थापित किए गए हैं । यहाँ मुख्य रूप से लौह इस्पात, इंजीनियरिंग उद्योग, रेलगाड़ियों के वैगन निर्माण उद्योग तथा वस्त्र उद्योगों का जाल फैला हुआ है । वारसा पोलैण्ड की राजधानी, प्रमुख महानगर तथा विस्चुला नदी तट पर स्थित होने के कारण पोलैण्ड का प्रमुख औद्योगिक केन्द्र बन गया है। यहाँ वस्त्र निर्माण, इंजीनियरिंग, रासायनिक तथा खाद्य पदार्थों के निर्माण उद्योग अधिक संख्या में अवस्थित हैं।
उत्तरी अमेरिका के औद्योगिक प्रदेश
सयुंक्त राज्य अमेरिका
उद्योगों का सघन जाल इस देश के उत्तरी पूर्वी क्षेत्र में सर्वाधिक हैं ।
पिट्सबर्ग क्लीवलैण्ड औद्योगिक प्रदेश : संयुक्त राज्य अमेरिका के मध्य-पश्चिमी क्षेत्र में पेन्सिलवानिया से विस्कासिन तथा मिशीगन झील क्षेत्र के दक्षिण में ओहीयो नदी के मध्यवर्ती क्षेत्र में यह औद्योगिक प्रदेश स्थित है । यहाँ लौह इस्पात उद्योगों की प्रधानता है जहाँ लौह इस्पात उद्योग के पिट्सबर्ग, यग्संटाउन, हीलिंग, जाहान्सटाउन, स्टेनेहेनविले, वीवर फाल्स, क्लीवलैण्ड, कोलम्बस, केण्टन, लुइजविले, रॉकफार्ड, शीनव, लीट डेट्रायट आदि प्रमुख केन्द्र हैं । लौह इस्पात उद्योग के अतिरिक्त वर्तमान समय में इस प्रदेश में मोटर गाड़ी निर्माण, कृषि यंत्र निर्माण तथा रसायन उद्योगों का विकास होता जा रहा है। इरी झील के तटवर्ती भाग में स्थित बफैलो एक प्रमुख औद्योगिक केन्द्र बन गया है । एक्रन रबर उद्योग केन्द्र के रूप में संसार में प्रसिद्ध है ।
मध्य अटलांटिक तटीय औद्योगिक प्रदेशः संयुक्त राज्य अमेरिका के न्यूजर्सी, न्यूयार्क के पूर्वी भाग में, कोलम्बिया, पेंसिलवानिया का पूर्वी भाग, पूर्वी मरीलैण्ड, वर्जिनिया प्रांत के पूर्वी भाग में तथा चेसापीक की खड़ी के दक्षिण क्षेत्र में स्थित उद्योगों तक इस औद्योगिक प्रदेश का विस्तार पाया जाता है । इस औद्योगिक प्रदेश के न्यूयार्क तथा न्यूजर्सी क्षेत्र में वस्त्र निर्माण ( पोशाक निर्माण ) उद्योग प्रमुख है। न्यूयार्क के, मेनहट्टन द्वीप पर हल्के उद्योगों की प्रधानता है ।
न्यू इंग्लैण्ड औद्योगिक क्षेत्रः संयुक्त राज्य अमेरिका के कनेक्टकिट राडे आइलैण्ड, मैसाचुएट्स न्यू हैम्पशायर, मैन प्रान्तों में स्थित औद्योगिक क्षेत्र न्यू इंगलैण्ड औद्योगिक प्रदेश के अन्तर्गत आते हैं । फालरिवर ब्रोस्टन, प्राविडेन्स न्यू बेडफोर्ड, लावेल, मेनचेस्ब्र, वर्सेस्टर, सिंप्रगफील्ड, हाटफोर्ड, लारेन्स, न्यूहेविविन जिजपार्टे इस क्षेत्र के प्रमुख औद्योगिक केन्द्र हैं । न्यू इंग्लैण्ड प्रदेश के पूर्वी भाग में स्थित बोस्टन, मेरीमाक घाटी प्राबिडेन्स, फालरिवर न्यू बेडफार्ड, में चमड़ा तथा महीन वस्त्रों के निर्माण उद्योगों को प्रधानता है लेकिन आधुनिक समय में यहाँ मशीन निर्माण, परिवहन सामान, रसायन तथा विद्युत उपकरणों के निर्माण से सम्बन्धित उद्योगों की सर्वाधिक स्थापना की जा रही है । न्यू इंग्लैण्ड औद्योगिक क्षेत्र के पश्चिम में स्थित सिप्रंगफील्ड हाटफोर्ड, ब्रिजपोर्ट, न्यू हैवन, न्यू ब्रिस्टल केन कनेस्टीकर घाटी में स्थित हैं । यह प्रदेश ताँबा निर्माण उद्योग की दृष्टि से संयुक्त राज्य अमेरिका का मुख्य क्षेत्र है । इस क्षेत्र में प्राविडेन्स के जलपोत, बोस्टन में जूते निर्माण रबर, फालीरबर-सूती वस्त्र, लारेंस-लाबल-नामुआ में ऊनी वस्त्र ` बुर्सटर में कम्बल, वाल्टन में घड़ियाँ आटेलबोरो में आभूशण, मेरीडन में चाँदी के सामान, स्ट्राफोर्ड में हेलीकाप्टर आदि, अलग- अलग उद्योगों के केन्द्र हैं। न्यू इंग्लैण्ड प्रदेश तटीय क्षेत्र में स्थित होने तथा यूरोप से आने वाली प्रवासी यूरोपियनों के लिए प्रथम आवासीय क्षेत्र के रूप में विकसित होने के कारण उद्योगों की स्थापना तथा उत्पादन दोनों दृष्टियों से प्राचीन काल से ही महत्वपूर्ण रहा है ।
न्यूयार्क राज्यः न्यू इंग्लैण्ड क्षेत्र के अलबानी केन्द्र से बफेलो के मध्यवर्ती भाग में एक लघु उप-औद्योगिक प्रदेश स्थित है जिसे मध्य न्यूयार्क राज्य का औद्योगिक प्रदेश नाम से जाना जाता है । इस क्षेत्र के ट्राय में पोशाक उद्योग, ग्लोवर्सविले-जान्सटाउन में दस्ताने निर्माण उद्योग, रसायन निर्माण से सम्बन्धित सामान, कैमरा, सूक्ष्म यन्त्र, शीशे निर्माण उद्योगों की प्रधानता है ।
अन्य औद्योगिक प्रदेश
दक्षिण-पूर्वी प्रदेश : केरोलिना, जार्जिया, टेनेसी, अलबामा, टेक्सास राज्य जो संयुक्त राज्य अमेरिका के दक्षिण-पूर्वी भाग में स्थित हैं एक मुख्य लघु औद्योगिक प्रदेश हैं । इस क्षेत्र में सर्वाधिक उद्योग वस्त्र निर्माण से सम्बन्धित हैं जहाँ ऊनी, सूती, रेशमी तथा रेषम वस्त्रों का निर्माण होता है । बर्मिघम इस क्षेत्र का प्रमुख उद्योग केन्द्र है जो अलबामा राज्य में स्थित है । यहाँ लौहा इस्पात, मशीन निर्माण तथा कृषि कार्य से सम्बन्धित यन्त्रों के निर्माण उद्योगों की प्रधानता है ।
नोइसविले और कार्नविले वस्त्र निर्माण उद्योग के प्रमुख केन्द्र हैं जो टेन्नेसी नदी की घाटी में स्थित है । यहाँ विभिन्न वस्त्रों के निर्माण उद्योग अधिक संख्या में स्थित हैं । टेक्सास राज्य में डलेस, फोर्टवर्थ, आस्टीन. सेन अन्तोनियो आदि केन्द्रों पर वस्त्र तथा वायुयान निर्माण उद्योगों की प्रधानता है । जलपोत निर्माण उद्योग के लिए नयू आर्लियन्स फेस्कागूला, हाउसटन प्रमुख औद्योगिक केन्द्र हैं जो गल्फ तटीय क्षेत्र में स्थित हैं ।
ओहियो-इण्डियाना लघु औद्योगिक प्रदेश : यह प्रदेश ओहियो के दक्षिण पश्चिम तथा इण्डियाना राज्य के पूर्वी भाग में सिनसिनाटी, इण्डियानापोलिस, कोलम्बिया नगरों के मध्य एक त्रिभुजाकार आकृति में स्थित है जहाँ मशीनरी, वायुयान, कागज निर्माण उद्योग की प्रधानता है । औद्योगिक केन्द्रों के मध्य समतल उपजाऊ मैदानी भाग है जहाँ प्रमुख कृषि फसलों का उत्पादन किया जाता है । ओहियो नदी द्वारा जल तथा जल यातायात की सुविधा, कृषि प्रदेश से औद्योगिक कच्चे माल की प्राप्ति, मध्यवर्ती स्थिति आदि कारणों से यहाँ उपभोक्ता उद्योगों का अधिक विकास हुआ है। सिनिसिनाटी, डटेन, हैमिल्टन, मिडलटाउन, इण्डियानापोलिस एन्डर्सन, लुइजविले प्रमुख उद्योग केन्द्र है।
कन्हावा घाटी औद्योगिक प्रदेशः यह लघु औद्योगिक क्षेत्र पश्चिमी वर्जीनिया राज्य की कन्हावा नदी घाटी में स्थित है । इस क्षेत्र में गाउलेब्रिज से निट्रो तक नवीनतम उद्योगों की स्थापना की गई है । नाइलान, प्लास्टिक, रबर तथा लौह मिश्रित उद्योगों की स्थापना की गयी है। चार्ल्सटन में लौह मिश्रित धातु उद्योगों का प्रमुख केन्द्र पिओरिया में ट्रैक्टर निर्माण, रॉक आकलैण्ड और डेवेनपार्ट में मशीन निर्माण तथा ओगहा में मांस उद्योग की प्रधानता
पश्चिमी तटीय औद्योगिक प्रदेशः संयुक्त राज्य अमेरिका के पश्चिमी भाग में प्रशांत महासागर के तटीय क्षेत्र में स्थित लॉस एंजिल्स, सेन फ्रंासिस्को, सेन डीगो, सेंक्रामेण्टो, सीएटल. पोर्टलैण्ड प्रमुख औद्योगिक केन्द्र हैं । इस औद्योगिक प्रदेश का अनाहीम उद्योग केन्द्र मोटरकार निर्माण के लिए सेनफास्सिको, टेकोमा, सिएटल जलपोत निर्माण के लिए अपना प्रमुख स्थान रखते हैं। पूर्वी भाग में सघन जनसंख्या तथा अधिक औद्योगिक संस्थानों की स्थापना के कारण अमेरिकी सरकार पश्चिमी क्षेत्र को आधुनिक समय में एक प्रमुख औद्योगिक प्रदेश के रूप में विकसित करने की दृष्टि से नवीन उद्योगों की स्थापना कर रही है ।
कनाडा के औद्योगिक प्रदेश
पर्याप्त मात्रा में प्राकृतिक संसाधन की उपलब्धता तथा उन्नत कृषि के विकास के कारण कनाडा में अधिकतम उद्योगों की स्थापना दक्षिणी पूर्वी भाग में की गयी है । कनाडा में अधिकतर रासायनिक तथा इजिनयरिंग उद्योगों की प्रधानता है । कोणधारी वनीय पेटी की स्थिति के कारण कागज एवं लुग्दी निर्माण उद्योग भी अधिक संख्या में स्थित हैं । कनाडा के पूर्वी भाग में सेण्टलारेन्स नदी की घाटी तथा आन्टेरियो झील के समीपवर्ती क्षेत्र में स्थित क्यूबेक एवं विन्डसर नगरों के झील के मध्यवर्ती भाग में उद्योगों की सर्वाधिक स्थापना हुई है । अतः यह क्षेत्र कनाडा का मुख्य औद्योगिक प्रदेश है । कनाडा का यह प्रदेश लौह इस्पात उद्योग के लिए प्रसिद्ध है । लौह इस्पात का अत्यधिक विकास ओण्टेरियो तथा क्वेबेक प्रान्तों में हुआ है जहाँ हैमिल्टन, साल्ट सेंट मेरी पोर्ट, कोलबोर्न प्रमुख लौह इस्पात औद्योगिक केन्द्र हैं ।
सेन्ट लारेंस नदी घाटी के तटीय क्षेत्र में अधिकांश मशीनी निर्माण से सम्बन्धित उद्योगों की अधिकता पायी जाती है । इन उद्योगों का विस्तार क्यूबेक से मांट्रियल नगर के मध्यवर्ती क्षेत्र है । इस क्षेत्र का वेलेण्ड उद्योग केन्द्र मशीनी औजारों के निर्माण का प्रमुख केन्द्र है । कनाडा के वैंकूवर तथा विनिपेग नगरों में भी उद्योगों की स्थापना की गई है । इस लघु क्षेत्र में रासायनिक, इंजीनियरिंग, मशीनी औजारों के निर्माण से सम्बन्धित उद्योगो की स्थापना की गयी है । कनाडा के विंडसर तथा ओटावा परिवहन से सम्बन्धित सामान के निर्माण उद्योगों के मुख्य केन्द्र हैं जहाँ मोटर-गाड़ियाँ, वायुयान, रेल तथा रेल यातायात से सम्बन्धित विविध सामानों का निर्माण होता है ।
मांट्रियल, क्युबेक, ओंण्टेरियो, हेमिल्टन, विण्डसर, बाण्टफोर्ड, वाटरलू ` ओटावा, शेरब्रुक, संट केथरीन प्रमुख मशीन निर्माण उद्योगों के केन्द्र हैं । यहाँ कृषि यन्त्र ` बिजली के उपकरण, वैज्ञानिक यन्त्र, कम्प्यूटर आदि पदार्थों का निर्माण किया जाता है । कनाडा के सडबरी, कोबाल्ट, किक्रलैण्ड नोराण्डा में निकल-ताँबा निर्माण उद्योग, मांट्रियल, सेलकक्र, वेलेण्ड, एडमण्टन, सिडनी, हेमिल्टन में लौह इस्पात उद्योगों की स्थापना की गयी है । औद्योगिक विकास की दृष्टि से कनाडा का केवल दक्षिण एवं दक्षिण पूर्वी भाग ही अधिक विकसित हुआ है जहाँ कनाडा की दो तिहाई जनसंखा निवास करती है कनाडा के बाकी प्रदेश प्रतिकूल जलवायु परिस्थितियों के कारण मानवीय निवास के अनुकूल नहीं हैं ।
रूस के औद्योगिक प्रदेश
मध्यवर्ती भाग में स्थित औद्योगिक प्रदेश ( मास्को- इवानोवा- गोर्की-टुला औद्योगिक प्रदेश ): रूस की राजधानी मास्को के चारों ओर यह औद्योगिक प्रदेश विस्तृत है । जहाँ मास्को, कालिनन, यागोस्ताव, इवानोवो, गोर्की, पेन्जा, रियाजान, तुला, स्मोलन्स्क, ताम्बोक, लियेत्स्क, बारोनेझ, ओरेल तथा कुर्स्क प्रमुख औद्योगिक केन्द्र हैं । यहाँ लौह, इस्पात, मशीन निर्माण, परिवहन साधनों का निर्माण, इलेक्ट्रॉनिक सामान, रासायनिक, कागज निर्माण, वस्त्र, चमड़ा तथा कृत्रिम रबर निर्माण उद्योग सर्वाधिक संख्या में पाए जाते हैं । मास्को में लगभग सभी प्रकार की धातुओं के निर्माण उद्योग स्थित हैं । लौह इस्पात के लिए तुला, जमीन के अन्दर चलने वाली गाड़ी के डिबे का निर्माण, ट्राम तथा माइटिश्ची में, रेलवे इंजन, कोलाम्ना में मशीनों का निर्माण, इवानोवो में (रूस का मैनचेस्टर-इवानोवा ) तथा पोडोल्सक में मशीन तथा सिलाई मशीनों के निर्माण से सम्बन्धित उद्योगों की प्रधानता है।
यूरॉल औद्योगिक प्रदेश : यूरॉल पर्वत के दक्षिणी क्षेत्र में उत्तर में ओराक, मैनीटोगोर्स्क से लेकर दक्षिण में निझनीतागील, क्रास्मोपार्स्क तक विस्तृत है । यूरॉल पर्वत पर सोवियत संघ का खनिज भण्डारों की दृश्टि से एक विकसित प्रदेश है जहाँ लोहा, तांबा, जस्ता, शीशा, निकल, प्लेटीनम, पेट्रोलियम तथा कुछ मात्रा में खनिज भण्डारों को दृष्टि से , इस प्रदेश में लौह इस्पात, विद्यूत के सामान, वायुयान, इलेस्ट्रोनिक सामान, खाद्य पदार्थ, वस्त्र, रासायनिक पदार्थें के निर्माण से सम्बन्धित उद्योग भारी मात्रा में पाए जाते हैं । स्वर्डेलोवस्क इस औद्योगिक प्रदेश का केन्द्र है जहाँ चारों ओर से विभिन्न परिवहन मार्ग यहाँ तक फैले हैं। रूस का सबसे बड़ा फेरोएल्वाय का कारखाना चेलियाविंस्क में स्थित है। यहाँ लौह इस्पात इंजीनियरिंग` उद्योगों की प्रधानता है । इस क्षेत्र के मैनीतोगोस्क्र स्वर्दलोवस्क, चेलियाविंस्क, निजनी तागीलखालिलोव में लौह इस्पात उद्यगे, ओमस्क में निकल, सोने तांबा-उद्योग, पर्म, उफा, क्रास्त्रोयार्स्क में पेट्रो रसायन उद्योगों की प्रधानता है।
मध्यवोल्गा प्रदेशः वोल्गा नदी घांटी के तटवर्ती क्षेत्र में स्थित, कुइवाशेव-काजान क्षेत्र में मुख्य रूप से रेल का सामान, कागज तथा लुग्दी निर्माण, लकड़ी चीरने के कारखाने, फर्नीचर तथा दियासलाई निर्माण रासायनिक पदार्थों के निर्माण से सम्बन्धित उद्योग स्थित हैं। ये औद्योगिक प्रदेश रूस के यूराल तथा मास्को औद्योगिक प्रदेशों के मध्यवर्ती क्षेत्र में स्थित है । जिसके कारण निर्मित माल के लिए बाजार तथा कच्चे पदार्थें की प्राप्ति इन दोनों प्रदेशों से हो जाती है । वोलोग्रेडे साराटोस, मार्क्स, क्रास्जोआर-मीस्क तथा कार्मसथाई इस क्षेत्र के प्रमुख औद्योगिक केन्द्र हैं। पेट्रोल उत्पादन, जल विद्युत, यूरॉल-वोल्गा नदियों द्वारा जल परिवहन तथा स्वच्छ जल की प्राप्ति आदि सुविधाओं के कारण यह क्षेत्र रूस का मुख्य औद्योगीक प्रदेश बन गया है ।
लेनिनग्राद औद्योगिक प्रदेशः इसका विस्तार रूस, के साथ ही सोवियत संघ के पृथक् लातविया व एस्तोनिया, तक है । समुद्र तटीय स्थित, जल परिवहन की सुविधा, कुशल श्रमिक तथा रूस का दूसरा सबसे बड़ा मेट्रोपोलिटन नगर होने के कारण स्थानीय बाजार आदि सुविधाओं के कारण यह क्षेत्र कोयला तथा अन्य कच्चे पदार्थों की कमी होते हुए भी एक औद्योगिक प्रदेश के रूप में विकसित हो गया है । लेनिनग्राद, तल्लिन, रीगा (लातविया ), कन्दालक्ष, किरोवस्क, मुरमान्स्ल, बोलावोब ` कोलपिनो, पाब्लोवस्क, पुश्किन, गाटचीना, एस्टोनिया आदि इस क्षेत्र के प्रमुख औद्योगिक केन्द्र हैं । रूस के औद्योगिक उत्पादन में जलपोतों के उत्पादन का 75% बिजली के सामान का 50% तथा कागज निर्माण का 30% उत्पादन लेनिनग्राद औद्योगिक प्रदेश से होता है ।
कुजनेटस्क औद्योगिक प्रदेशः कुजनेत्स्क क्षेत्र रूस का एक प्रमुख कोयला उत्पादक क्षेत्र है लेकिन यहाँ लौह अयस्क की कमी पायी जाती है । 1932 के बाद सोवियत रूस की नीति के द्वारा इसमें यहाँ से कोयला की यूरॉल प्रदेश में तथा यूरॉल का लौह अयस्क कुजनेटस्क में लाने की प्रक्रिया के द्वारा लौह इस्पात की स्थापना की है । इस क्षेत्र का प्रमुख उद्योग भी लौह इस्पात निर्माण है । उद्योगों की अधिकतम संख्या नोवोंकुजनेटस्क, कैसरोवो तथा नोवोसीविस्क के मध्यवर्ती त्रिभुजाकार क्षेत्र में है जहाँ मुख्य रूप से लौह इस्पात, रसायन, सीमेंट, रेलवे इंजन का निर्माण, मशीन निर्माण, सूती वस्त्र निर्माण आदि उद्योग अवस्थित है । नोवोंकुजनेटस्क, मे लौह इस्पात, नौवोसिविस्क्र में मशीन उत्पादन, तथा केमेराप में रासायनिक उद्योग तथा सेमिपालातिन्स्य में ऊनी तथा कृत्रिम रेशों के द्वारा वस्त्र निर्माण उद्योगों की प्रधानता है ।
बैकाल झील औद्योगिक प्रदेश : ट्रांस साइबेरिया रेलमार्ग के समीप बैकाल झील के दक्षिणी भाग में इस औद्योगिक प्रदेश की स्थिति है जहाँ इरकुटस्क, उलानउदे, क्रास्त्रोयार्स्क प्रमुख औद्योगिक केन्द्र हैं । रेलमार्ग द्वारा परिवहन, खनिज प्राप्ति, स्थानीय बाजार तथा झील द्वारा स्वच्छ जल की उलब्धता के कारण इस क्षेत्र में उद्योगों का अधिक विकास हुआ है।
इस क्षेत्र में लौह इस्पात, मशीनी निर्माण, कृषि उपकरण तथा रसायनिक पदार्थें के निर्माणाधीन उद्योगों की प्रधानता है । नगर विशेष में अलग-अलग उद्योगों का विशिष्टकरण पाया जाता है जैसे इस्कूटस्प में पेट्रोल साफ करने के कारखाने तायाशेत में लौह इस्पात तथा उलानउदे में शीशा निर्माण उद्योग तथा चीता में चमड़े एवं फर उद्योग की अवस्थिति है ।
रूस के सुदूर पूर्व में तटीय क्षेत्र में स्थित औद्योगिक प्रदेशः रूस के पूर्वी भाग में प्रशान्त महासागर के तटवर्ती क्षेत्र में ब्लाडीवॉस्टक. ट्रांस साइबेरियन रेलमार्ग के समीप एक छोटा औद्योगिक क्षेत्र स्थित है जहाँ जलपोत निर्माण. मत्स्य व्यवसाय, फर्नीचर, दियासलाई, पेट्रोल शोधन शालाएं, चमड़े के सामान, वायुयान निर्माण, साबुन तथा मशीनी निर्माणों के कारखाने स्थित हैं। इस क्षेत्र में ब्लाडीवोस्टक खाबरोवस्क, प्रमुख औद्योगिक केन्द्र हैं जिनमें मोटर निर्माण खाबरोवस्क में ` तथा जलयान निर्माण ब्लाडीवोस्टक में खाद्य पदार्थ के निर्माण में सम्बन्धित उद्योग बोरोशीलोव में केन्द्रित है।
यूक्रेन औद्योगिक प्रदेश
पूर्व सोवियत संघ से पृथक् यूक्रेन का यह औद्योगिक प्रदेश कच्चे माल की स्थानीय प्राप्ति के कारण औद्योगिक विकास की दृष्टि से अपना महत्वपूर्ण स्थान रखता है । इस प्रदेश का विस्तार कीव, खारकोव डोनत्स तथा ओडेसा के मध्यवर्ती भाग में पाया जाता है । उद्योगों में काम आने वाली लगभग सभी कच्चे पदाथों का इस क्षेत्र में पर्याप्त भण्डार पाया जाता है जैसे डोनबास क्षेत्र में कोयला, क्रिबोइराग से लौहा, नीपर, नीस्टर तथा डोनेत्स नदियों पर जल विद्यूत का निर्माण, निकोपोल, खनन क्षेत्र से मैंगनीज तथा कोबाल्ट, कर्च से वेनेडियम, जस्ता, सीसा, बॉक्साइट, रुचिर, डीन, वोल्गा। नदियों द्वारा आन्तरिक जल परिवहन, उपजाऊ कषि क्षेत्र जहाँ से कृषिगत कच्चा माल पर्याप्त होता है, सघन जनसंख्या आदि अनुकूल दशाओं के कारण यूक्रेन एक प्रमुख औद्योगिक प्रदेश के रूप में विकसित हुआ है । इस क्षेत्र को निम्नांकित लघु प्रदेशों में विभाजित किया गया है-
(अ) डोनबास प्रदेश (डोनेत्स्क क्षेत्र) : इस क्षेत्र में अधिकतर भारी धातुओं के निर्माण तथा मशीनों एवं ट्रेस्टरों के निर्माण उद्योगों की प्रधानता है । लुगान्स्य में मशीनों का निर्माण, वाल्गोग्राद में ट्रैस्टर, डोनेत्स्क में मशीन, लौह इस्पात आदि उद्योग अवस्थित हैं ।
(ब) नीपर-कैम्पाइन प्रदेश : यह एक लघु औद्योगिक प्रदेश है जो नीपर नदी के पश्चिमी क्षेत्र में स्थित है । नीपर नदी पर बने बांध से जल विद्यूत शक्ति का निर्माण किया जाता है जिसके द्वारा इन क्षेत्रों को ऊर्जा की पूर्ति की जाती है । यहाँ एल्युमीनियम, लौहा, इस्पात, रसायन, मशीनी निर्माण से सम्बन्धित उद्योगों की प्रधानता है ।
(स) अजोव सागर के तटीय क्षेत्र में स्थित उद्योगः यह प्रदेश यूक्रेन एवं रूस दोनों में फैला है, रोस्टाव रूस में है। यहाँ लौह इस्पात, बिजली के सामान, वैज्ञानिक उपकरण, खाद्य सामाग्री तथा रसायन उद्योगों की प्रधानता है।
(य) कीव-खारकोव औद्योगिक क्षेत्रः यी एक लघु औद्योगिक क्षेत्र है जो यूक्रेन के उत्तर-पश्चिम में स्थित है । कीव रूस का मशीन निर्माण का प्रमुख केन्द्र है ।
(र) काला सागर के तटवर्ती क्षेत्र में स्थित उद्योगः मशीन निर्माण उद्योग इस क्षेत्र का प्रमुख उद्योग है जहाँ विविध मशीनों का निर्माण होता है। कर्च, ओडेसा इस क्षेत्र के प्रमुख औद्योगिक केन्द्र हैं।
कारागंडा औद्योगिक प्रदेश
कारागंडा कजाखिस्तान का एक प्रमुख कोयला उत्पादक क्षेत्र है। कोयले की प्राप्ति तथा यूराल लौह अयस्क क्षेत्र से कच्चे लौह के आयात के आधार पर इस क्षेत्र में लौह इस्पात उद्योगों की स्थापना की गयी है । वर्तमान में कारागंडा एक प्रमुख औद्योगिक केन्द्र के रूप में विकसित है जहाँ लौह इस्पात के अतिरिक्त इंजीनियरिंग तथा कृषि यन्त्रों के निर्माण से सम्बन्धित उद्योगों की स्थापना की गयी है ।
काकेशस औद्योगिक प्रदेश
यह प्रदेश रूस से स्वतन्त्र आर्मीनिया, अजरबेजान व जार्जिया में फैला हुआ है । काकेशस क्षेत्र में उद्योगों की स्थापना का प्रमुख कारण पेट्रोल खनिज के साथ मैंगनीज, लौहा, कोबाल्ट, कोयला, मैगनेटाइट खनिजों की प्राप्ति है । इस क्षेत्र में पेट्रोलियम खनिज की मात्रा पर्याप्त मात्रा में है जिसके कारण बाकू, ग्रोजनी में पेट्रोल साफ करने के लिए पेट्रो शोधन शालाओं की स्थापना की गयी है । पेट्रोल-रासायनिक उद्योगों की प्रधानता के साथ-साथ कच्चे पदार्थों की प्राप्ति के कारण धातु उद्योगों की स्थापना भी की गयी है ।
मध्य एशिया औद्योगिक प्रदेश
यह प्रदेश तजाकिस्तान ( दुशान्वे ), उज्बेकिस्तान (ताशकन्द ) व कजाखिस्तान ( आल्माता ) में है । यह क्षेत्र कृषि उत्पादन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है जिसका विस्तार दुशाम्बे, ताशकन्द तथा आल्पाआता के मध्यवर्ती क्षेत्र में स्थित है । कृषि फसलों में कपास का उत्पादन सर्वाधिक होता है जिसके कारण यह क्षेत्र उद्योगों की स्थापना की दृष्टि से रूस में प्रमुख स्थान रखता है । ताशकन्द, समरकन्द, परगना, आल्माआता, कान्दाज, दच्क्लीज, दुशाम्बे, फुले ऊनी तथा सूती वस्त्र उद्योग के प्रमुख केन्द्र हैं जहाँ वस्त्र उत्पादन मिलें अधिकाधिक संख्या में सम्पूर्ण क्षेत्र में फैली हुई हैं ।
जापान के औद्योगिक प्रदेश
विविध खनिज पदाथों की कमी होते हुए भी जापान विदेशों से आयातित कच्चे पदार्थों के आधार पर एक विकसित औद्योगिक देश बन गया है जिसके लिए द्विपीय स्थिति के कारण सुस्ता जल परिवहन, कुशल श्रमिक, सघन जनसंख्या, तटीय स्थित आदि सुविधाओं का प्रमुख योगदान है ।
जापान में उद्योगों के लिए कच्चा माल अन्य देशों से आयात करने के कारण उद्योगों की स्थापना महासागर के तटवर्ती क्षेत्र में अधिक हुई है । जापान के निम्नांकित औद्योगिक प्रदेश प्रमुख हैं-
क्वान्तो औद्योगिक प्रदेश : क्वान्तो प्रदेश जापान के दक्षिण पूर्व में स्थित जापान का सबसे बड़ा मैदान है जो प्रशान्त महासागर के तटवर्ती क्षेत्र में स्थित है । क्वान्तो जापान का सबसे बड़ा औद्योगिक प्रदेश है जहाँ टोकियो, याकोहामा, कावासाकी, चीबा, इस क्षेत्र के प्रमुख औद्योगिक नगर हैं । टोकियो, कावासाकी, तथा चीता में लौह इस्पात, योकोहामा जवासाकी में भारी धातु निर्माण उद्योग, टोकियो-याकोहामा कावासाकी में जलपोत निर्माण उद्योगों की प्रधानता है ।
नगोया औद्योगिक प्रदेश : क्वान्तो औद्योगिक प्रदेश के पश्चिम में जापान के दक्षिणी तटवर्ती क्षेत्र में नगोया औद्योगिक प्रदेश स्थित है। नगोया-वाकाेयामा जापान के वस्त्र निर्माण के प्रमुख केन्द्र है जहाँ वर्तमान में वस्त्र निर्माण के अतिरिक्त मशीन निर्माण उद्योगों की स्थापना भी की गयी है । वायुयान निर्माण मिताका तथा इनाबागून में, जलपोत निर्माण उरागा में, मिट्टी के बर्तन गनोया में तथा यातायात के साधनों के निर्माण से सम्बन्धित उद्योग नगोया तथा शिगा में स्थित हैं। इस क्षेत्र में उद्योग स्थापित होने का प्रसुख कारण समतल भूमि, तटीय स्थिति तथा सघन जनसंखा है ।
किंकी औद्योगिक प्रदेश : इसे कोबे-ओसाका-क्योटो औद्योगिक प्रदेश भी कहते हैं । ओसाका, कोबे-क्योटो, वाकाेयामा, यवाता, इस क्षेत्र के प्रमुख औद्योगिक केन्द्र हैं । इस क्षेत्र में लौह इस्पात उद्योगों की
प्रधानता हैं । इसके अतिरिक्त ओसाका में सूती, वस्त्र निर्माण उद्योगों की प्रधानता है जिसके कारण इसे जापान का मैनचेस्टर कहा जाता है।