Subsidy (अनुदान)
- सरकार द्वारा प्रदान की जाने वाली वित्तीय सहायता :-
सरकार बुनियादी वस्तुओं व सेवाओं की उपलबधता सभी लोगों के लिए सुनिश्चित करने हेतु आर्थिक लागत से कम लागत पर उपलब्ध कराती है तथा आर्थिक लागत व रियायती लागत के मध्य मूल्य का भुगतान जो सरकार द्वारा किया जाता है। सब्सिडी कहलाती है।
सब्सिडी = आर्थिक लागत - रियायती दर
सब्सिडी वस्तुओं तथा सेवाओं की लागत में कमी करती है।
उद्देश्य:-
1. बुनियादी वस्तुएँ व सेवाएँ सभी के लिए उपलब्ध कराना।
2. आर्थिक व सामाजिक आधार पर असमानता को समाप्त करना।
3. अर्थव्यवस्था में मुद्रास्फीति के प्रभाव को कम करना।
4. सरकार द्वारा मांग को बढ़ाकर उत्पादन क्षेत्र में प्रोत्साहन दिया जाता है।
5. खाद्य सुरक्षा प्रदान कर पोषण स्तर को बनाए रखना।
6. स्वास्थ्य तथा शिक्षा की उपलब्धता से मानव संसाधन का विकास।
7. उत्पादन लागत को कम करना तथा आय में स्थिरता प्रदान करना।
8. अन्तर्राष्ट्रीय स्तर तैयार मानकों के लक्ष्यों को प्राप्त कर वैश्विक मंचों पर साख मजबूत करना।
9. आर्थिक व सामाजिक न्याय के साथ गरिमामय जीवन के संवैधानिक लक्ष्यों को प्राप्त करना।
10. घरेलू उत्पादन को सब्सिडी प्रदान कर आयात हतोत्साहित व निर्यात को प्रोत्साहित किया जाता है।
सब्सिडी के प्रकार (Types of Subsidy) :-
1. प्रभाव के आधार (On the basis of Impact)
1. मैरिट आधारित सब्सिडी
2. नॉन मैरिट सब्सिडी
2. आवंटन ⁄ वितरण के आधार पर (On the basis of Distribution)
1. प्रत्यक्ष (Direct)
2. अप्रत्यक्ष (Indirect)
3. अन्तरण के आधार पर (On the basis of transfer)
1. तिरछी सब्सिडी (Cross Subsidy)
2. प्रत्यक्ष लाभ अन्तरण (Direct Benefit Transfer)
3. यू.बी.आई. (U.B.I.)
उपादेयता आधार :-
1. मेरिट बेस :-
जब सब्सिडी का लाभ समाज के सभी वर्गों को प्राप्त होता है।(प्राथमिक शिक्षा व स्वास्थ्य)
2. नॉन मेरिट बेस
जब सब्सिडी का लाभ सभी वर्गों को प्राप्त नहीं होकर कोई विशेष वर्ग लाभंवित होता है। (उच्च शिक्षा अल्पसंख्यक कल्याण)
आवंटन के आधार पर (On the basis of distribution)
1. प्रत्यक्ष सब्सिडी (Direct Subsidy) :-
यदि बजट के किसी मद प्रत्यक्ष रूप से वित्त का आवंटन कर सहायता उपलब्ध कराई जाती है। उर्वरक सब्सिडी, नि:शुल्क शिक्षा, खाद्यान सब्सिडी।
2. अप्रत्यक्ष सब्सिडी (Indirect Subsidy)
यदि बजट में किसी वस्तु या मद पर प्रत्यक्ष रूप से सहायता नहीं उपलबध कराकर अप्रत्यक्ष रूप से लाभ प्रदान किया जाता है। रियायती दरों पर ऋण बिजली की दरों में छूट।
अन्तरण के आधार पर (On the basis of transfer)
1. तिरछी सब्सिडी (Cross Subsidy)
2. प्रत्यक्ष लाभ अन्तरण (D.B.T.)
3. यू.बी.आई. (U.B.I.)
तिरछी सब्सिडी (Cross Subsidy) :-
जब किसी एक आर्थिक क्रिया में मूल्यों को कम करने के लिए किसी दूसरी आर्थिक क्रिया के मूल्य को बढ़ाकर उस पर पहली गतिविधी का बोझ डाला जाता है।
प्रत्यक्ष लाभ अन्तरण (Direct Benefit Transfer) :-
लाभार्थी को सीधे बैंक खाते में प्रत्यक्ष रूप से उपलब्धता। अन्तर मूल्य का भुगतान सीधे खाते (आर्थिक लागत - रियायती लागत)
सब्सिडी भुगतान प्रक्रिया में लीकेज को समाप्त करना तथा भ्रष्टाचार को मिटाना।
पहली योजना-एल.पी.जी. गैस सब्सिडी ट्रांसफर
Universal Basis Income (U.B.I) :-
सब्सिडी की इस अवस्था को बुनियादी आवश्यकताओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए
न्यूनतम आय उपलब्ध कराई जाती है :-उददेश्य एक निश्चित जीवनस्तर की उपलब्धता सुनिश्चित्ता। सरकार द्वारा अलग-अलग स्थानों पर उपलब्ध कराई जा रही सब्सिडी दायित्व समाप्त।
यू.बी.आई. (U.B.I.) दोष :-
1. युवाओं में काम न करने की प्रवृत्ति का पैदा होना।
2. अनावश्यक राजकौषीय भार में वृद्धि होना।
3. श्रम की दरों में होने वाली वृद्धि उत्पादन लागत में वृद्धि करेगी।
4. अर्थव्यवस्था में बढ़ी मुद्रा तरलता मांग वृद्धि, मुद्रास्फीति।