पृष्ठभूमि

संविधान में उल्लेख

संविधान  संशोधन की प्रक्रिया

संविधान संशोधन के  प्रकार

  1. संसद के विशेष बहुमत द्वारा।
  2. संसद के विशेष बहुमत द्वारा व आधे राज्यों द्वारा साधारण बहुमत के माध्यम से संस्तुति द्वारा।

साधारण बहुम त द्वारा

  1. नए राज्यों का प्रवेश या गठन
  2. नए राज्यों का निर्माण और उसके क्षेत्र, सीमाओं या संबंधित  राज्यों के नामों का परिवर्तन
  3. राज्य विधानपरिषद का निर्माण या उसकी समाप्ति।
  4. दूसरी अनुसूची- राष्ट्रपति, राज्यपाल, लोकसभा अध्यक्ष,  न्यायाधीश आदि के लिए परिलब्धियाँ, विशेषाधिकार  आदि।
  5. संसद में गणपूर्ति।
  6. संसद सदस्यों के वेतन एवं भते।
  7. संसद में प्रक्रिया नियम
  8. संसद व इसके सदस्यों और इसकी समितियों को  विशेषाधिकार
  9. संसद में अंग्रेजी भाषा का प्रयोग।
  10. उच्चतम न्यायालयों में अवर न्यायाधीशों की संख्या।
  11. उच्चतम न्यायालय के न्यायक्षेत्र को ज्यादा महत्व प्रदान करना।
  12. राजभाषा का प्रयोग
  13. नागरिकता की प्राप्ति एवं समाप्ति
  14. संसद एवं राज्य विधानमंडल के लिए निर्वाचन
  15. निर्वाचन क्षेत्रों का पुनर्निधारण।
  16. केंद्रशासित प्रदेश
  17. पाँचवी अनुसूची
  18. छठी अनुसूची

विशेष बहुमत  द्वारा

  1. मूल अधिकार
  2. राज्य की नीति के निदेशक तत्व

विशेष बहुम त एवं आधे राज्यों की स्वीकृति द्वारा

  1. राष्ट्रपति का निर्वाचन एवं इसकी प्रक्रिया।
  2. केंद्र एवं राज्य कार्यकारिणी की शक्तियों का विस्तार।
  3. उच्चतम न्यायालय एवं उच्च न्यायालय।
  4. केंद्र एवं राज्य के बीच विधायी शक्तियों का विस्तार।
  5. सातवीं अनुसूची से संबद्व कोई विषय।
  6. संसद में राज्यों का प्रतिनिधित्व
  7. संविधान का संशोधन करने की संसद की शक्ति और इसके लिए प्रक्रिया

संविधान सं शोधन की सीमा

 भारतीय  संविधान  का अनुच्छेद-368

  1. इस संविधान में किसी बात के होते हुए भी, संसद अपनी संविधायी शक्ति का प्रयोग करते हुए इस संविधान के किसी उपबंध का परिवर्धन, परिवर्तन या निरसन के रूप में संशोधन इस अनुच्छेद में अधिकथित प्रक्रिया के अनुसार कर सकेगी।
  2. इस संविधान के संशोधन का आरंभ संसद के किसी सदन में इस प्रयोजन के लिए विधेयक पुनरःस्थापित करके ही किया जा सकेगा और जब वह विधेयक प्रत्येक सदन में उस सदन की कुल सदस्य संख्‍या के बहुमत द्वारा तथा उस सदन के उपस्थित और मत देने वाले सदस्यों के कम से कम दो-तिहाई बहुमत द्वारा पारित कर दिया जाता है तब वह राष्ट्रपति के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा, जो विधेयक को अपनी अनुमति देगा और तब संविधान उस विधेयक के निबंधनों के अनुसार संशोधित हो जाएगा :
  1. अनुच्छेद 54, अनुच्छेद 55, अनुच्छेद 73, अनुच्छेद 162 या अनुच्छेद 241 में, या
  2. भाग 5 के अध्याय 4, भाग 6 के अध्याय 5 या भाग 11 के अध्याय 1 में, या
  3. सातवीं अनुसूची की किसी सूची में, या
  4. संसद में राज्यों के प्रतिनिधित्व में, या
  5. इस अनुच्छेद के उपबंधों में, कोई परिवर्तन करने के लिए है तो ऐसे संशोधन के लिए उपबंध करने वाला विधेयक राष्ट्रपति के समक्ष अनुमति के लिए प्रस्तुत किए जाने से पहले उस संशोधन के लिए कम से कम आधे राज्यों के विधान-मंडलों द्वारा पारित इस आशय के संकल्पों द्वारा उन विधान-मंडलों का अनुसमर्थन भी अपेक्षित होगा।
  1. अनुच्छेद 13 की कोई बात इस अनुच्छेद के अधीन किए गए किसी संशोधन को लागू नहीं होगी।
  2. इस संविधान का (जिसके अंतर्गत भाग 3 के उपबंध हैं) इस अनुच्छेद के अधीन संविधान (बयालीसवाँ संशोधन) अधिनियम, 1976 की धारा 55 के प्रारंभ से पहले या उसके पश्चात्‌ किया गया या तात्पर्यित कोई संशोधन किसी न्यायालय में किसी भी आधार पर प्रश्नगत नहीं किया जाएगा।
  3. शंकाओं को दूर करने के लिए यह घोषित किया जाता है कि इस अनुच्छेद के अधीन इस संविधान के उपबंधों का परिवर्धन, परिवर्तन या निरसन के रूप में संशोधन करने के लिए संसद की संविधायी शक्ति पर किसी प्रकार का निर्बन्धन नहीं होगा।

संविधान संशो धन के सन्दर्भ में-