बैंकिंग सुधार
जुलाई 1969 को 14 बैंकों का राष्ट्रीकरण जिनकी पूंजी 50 करोड़ रूपये से ज्यादा थी।
सन 1969 लीड़ बैंक योजना लायी गयी जो जिला स्तरीय जिला स्तरीय कार्य योजना थी अर्थात जिले के सबसे बड़े बैंक को प्रमुख बनाया गया
15 अप्रैल 1980- 6 बैंकों का राष्ट्रीकरण जिनकी पूंजी 200 करोड़ रूपये थी।
2 अक्टूबर 1975 को क्षेत्रीय ग्रामीण बैंको की स्थापना।
नरसिम्हन समिति-I- 1991
प्रावधान
- SLR की दर 38 प्रतिशत से घटाकर 25 प्रतिशत तक की जाए
- CRR की दरों को 15 प्रतिशत से घटाकर 8 प्रतिशत तक किया जाएं।
- PSL की सीमा 40 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत तक की जाए।
- ब्याज दरों का निर्धारण बाजार के आधार पर।
- एन.पी.ए. (गैर निष्पादन परिसम्पत्ति) को कम करने हेतु DRT
- विदेशी व निजी क्षेत्र को बैंक क्षेत्र में प्रवेश
- बेसल नियमों को लागू किया जाए।
नरसिम्हन समिति II-1997
बैंक परिसम्पत्ति गुणवत्ता में सुधार करके बैंक जोखिम को कम करना।
प्रावधान
1 बैंक विलय की प्रक्रिया पर जोर
2. सार्वजनिक बैंकों में सरकार की हिस्सेदारी 33 प्रतिशत से कम की जाए।
3. व्यावसायिक कुशलता के आधार पर नियुक्ति।
4. एन.पी.ए. की समय सीमा 180 दिनों से घटाकर 90 दिन कर दी
गई।
5. सार्वभौमिक बैंकिंग की कल्पना तथा कम्प्यूटरीकरण पर जोर।
मालेगांव समिति-2010
(सूक्ष्म क्षेत्रों में वित्तीय सुधार हेतु)
दामोदरन समिति-2010
(ग्राहक सेवा स्तर में सुधार हेतु)
उषा थारोट समिति-2010
(एन.बी.एफ.सी कम्पनियों में सुधार हेतु)
उर्जित पटेल समिति-2013
(मौद्रिक नीति में सुधार हेतु)
सिफारिश
1. मुद्रा स्फीति गणना करने का आधार थोक मूल्य सूचकांक
(W.P.I) की जगह उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (C.P.I) को आधार
माना जाए।
2. मुद्रा स्फीति की दर 4 प्रतिशत के स्तर पर जिसमें 2 प्रतिशत का
उतार-चढ़ाव सम्भव।
विमल जालान समिति-2012
नये बैंको को लाईसेंस प्रदान करना
दो नए बैंक (वर्ष 2015) 1. आई.डी.एफ.सी. 2. बंधन फाईनेंस
नचिकेता मोरे समिति-2013
सूक्ष्म क्षेत्रों में बैंकिंग सुधार रिपोर्ट 2014
दो नए प्रकार के बैंक (विभेदीकृत बैंकिंग)
1. पेमेन्ट बैंक ⁄ भुगतान बैंक
1. पूंजी आवश्यकता-100 करोड़
2. 1 लाख तक की जमा स्वीकार
3. ऋण सुविधा उपलब्ध नहीं
4. डेबिट कार्ड सुविधा उपलब्ध कराता
परन्तु क्रेडिट कार्ड सुविधा नहीं
5. कुल सम्पत्ति का 75 प्रतिशत सरकारी परिसम्पत्ति में निवेश तथा 25 प्रतिशत बैंक को उपलब्धता
2. स्मॉल फाईनेंस(लघु वित्त बैंक)
1. पूंजी आवश्यकता 100 करोड़
2. 1 लाख से अधिक की जमा स्वीकार्य
3. ऋण सुविधा उपलबध कराता है
4. क्रेडिट तथा डेबिट दोनों प्रकार के कार्ड उपलब्धता
5 75 प्रतिशत वित्तीय सुविधा सूक्ष्म क्षेत्रों में उपलब्धता
पी.जे. नायक समिति
बैंक प्रबंधन में सुधार हेतु
बैंक विलय प्रस्ताव दिया
1. एस.बी.आई. में मार्च 2017 में 5+1 बैंको का विलय
1.स्टेट बैंक पटियाला
2. स्टेट बैंक मैसूर
3. स्टेट बैंक दावनकोर
4. स्टेट बैंक हैदराबाद
5. बीकानेर व जयपुर
2. 2018 में बैंक ऑफ बडौ़दा में देना बैंक तथा विजया बैंक का विलय किया गया।
अप्रैल 2020 में 10 बैंकों को मिलाकर 4 बैंक
1. पी.एन.बी. = ओ.बी.सी. + यूनाइटेड बैंक
2. केनरा बैंक + सिंडीकेट बैंक
3. इण्डियन बैंक + इलाहाबाद बैंक
4. यूनियन बैंक = आंध्रा बैंक + कॉरपोरेशन बैंक
घरेलू महत्वपूर्ण बैंक (Domestic Systematically Important Bank)
1. ये बैंक बड़े आकार वाले।
2. जी.डी.पी. की लगभग 2 प्रतिशत इनकी पूंजी
3. विस्तृत ग्राहक आधार
4. टू बिग टू फेल
बेसल मानक-3 लागू करना
बैंक आफॅ इनटरनेशनल सेटलमेंट (बी.आई.एस)
1930 मुख्यालय बेसल (स्वीटजरलैण्ड)
विश्व के केन्द्रीय बैंकों का समूह 60 बैंक
विभिन्न देशों के केन्द्रीय बैंक सदस्य
विश्व में वित्तीय स्थिरता लाना।
विनियमन के मानकों का निर्धारण
इस समिति द्वारा निर्धारित मानक 'बेसल नियम' तीन बार निर्धारण
बेसल प्रथम-1998
बेसल द्वितीय-2004
बेसल तृतीय-2011
भारत में 31 मार्च 2019 तक बेसल तृतीय लागू किए गए
परिसम्पत्ति जोखिम अनुपात 9 प्रतिशत