गैर निष्पादन परिसम्पत्तियाँ (N.P.A.):-
बैंक के द्वारा प्रदान की गई वह ऊधारी जिसका 90 दिनों तक भुगतान नहीं किया जाता है अर्थात 90 दिनों लॉन की किसी प्रकार की किश्त जमा नहीं कराई जाती है।
कृषि ऋण के लिए यह अवधि
1. अल्पकालिक फसल चक्र-दो फसल चक्र
2. दीर्घकालिक फसल चक्र-फसलचक्र
आर.बी.आई. दिशा निर्देश के अनुसार NPA को तीन भागों में बांटा गया है।
1. अवमानक परिसम्पत्तियाँ (Substandard Assets):-यदि
कोई एन.पी.ए. लगातार 12 महिनों से एन.पी.ए. बना हुआ है।
2. संदिग्ध परिसम्पतियाँ (Doubtful Assets):-यदि कोई अवमानक परिसम्पत्ति लगातार 12 महिने तक बनी रहे।
3. हानि सम्पत्तियाँ (Loss Assets):-संदिग्ध परिसम्पत्तियाँ जो लगातार 12 महिने तक बनी रहती है, हानि संपत्तियाँ कहलाती है
यह ऋण लगभग असंग्रहणीय माना जाता है
NPA के कारण:-
1. उधारकर्ता के स्तर के पर
2. बैंक स्तर पर
1. व्यापार में घाटा होना।
2. पूंजी गैर उत्पादक कार्यों में खर्च करना :-जिस उद्देश्य के लिए उधार ली गई थी उसके अन्यत्र खर्च करना।
3. ऋण जानबूझकर ना चुकाने की प्रवृत्ति
4. उत्पादन में अनिश्चित्ता होना तथा कृषि कार्यों में प्राकृतिक आपदा का प्रभाव-बाढ़, अतिवृष्टि, ओला वृष्टि।
5. रियल स्टेट क्षेत्र का खराब प्रदर्शन।
संस्थागत कारण:-
1.उधारकर्ता के बारे में पूर्ण जानकारी प्राप्त नहीं करना।
2.बैंक कर्मियों की रिश्वतखोरी के कारण घोटालेबाजी।
3.सार्वजनिक क्षेत्रों के बैंकों में सरकार के हस्तक्षेप के कारण एन.पी.ए. की प्रवत्ति।
4.चुनावी मुद्दे
4.लोक कल्याण भावना
अन्य कारण
1.वैश्विक मंदी के कारण
2.महामारी का प्रभाव- कोविड़-19(कोरोना वायरस)
एन.पी.ए. के प्रभाव
वित्तीय संगठनों के द्वारा ऋण उपलब्ध कराने की क्षमता में कमी
1. निवेश दर
2. आर्थिक उत्पादन
3. रोजगार
4. आय-जीवन स्तर
बैंक द्वारा घाटे की पूर्ति करने हेतु ब्याज दरों में वृद्धि की जाएगी।
1. निवेश महंगा
2. उत्पादन लागत
3. उत्पाद कीमत
4. मुद्रास्फीति
एन.पी.ए. की समस्या समाधान के उपाय:-
(1) DRT
(2) SARFAESI ACT
(3) ARC
(4) Bad Bank
(5) मिशन इन्द्रधनुष
(6) IBC
(7) भगौड़ा कानून
(8) प्रोजेक्ट सशक्त
(9) उत्कर्ष 2022
ऋण वसूली अधिकरण-Debt Recovery Tribunal (DRT)
1. वित्तीय विवादों से सम्बंधित मामलों की सुनवाई करने हेतु।
2. जिला सम न्यायाधीश के रूप में कार्य।
3. इससे मामलों का निपटारा सही समय पर होगा जिससे एन.पी.ए में कमी।
(SARFAESI ACT-2002)
Securitization and Reconstruction of Financial Assets and enforcement of Security Interest Act-2002
इस अधिनियम के तहत बैंकों को बिना कानूनी कार्यवाही के सम्पत्ति नीलामी का अधिकार दिया गया।
प्रक्रिया :-
1 लाख रूपये से अधिक के मामलों पर SARFAESI ACT लागू।
केवल बैंक पूर्व सूचना के रूप में नोटिस जारी किया गया।
नोट :-
केवल उन्हीं सम्पत्तियों नीलामी की जा सकती है जिन्हें गिरवी रखकर ऋण दिया गया है।
नीलामी प्रक्रिया केवल उन्ही ऋणों के लिए संभव जो कुछ सम्पत्ति गिरवी रखकर उपलब्ध कराए गए है।
मिशन इन्द्रधनुष -2015
ये बैंक सुविधा के लिए 7 सूत्रीय कार्य योजना
1. नियुक्ति
2. बैंक बोर्ड ब्यूरो
3. पूंजीकरण
4. सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के बोझ को कम करना
5. सुशासन
6. जवाबदेहता
7. सशक्तिकरण
अक्षमता व दिवालियापन संहिता (Insolancy and Bankruptcy Code)
Insolant- जिसमें ऋण भुगतान समय पर नहीं किया जा रहा।
Bankrupt- कोर्ट द्वारा दिवालिया घोषित
एन.पी.ए समाधान हेतु कानून की जगह एक संहिता -(IBC)
मामले का निपटारा 180 दिन तथा 90 दिन अतिरिक्त में करेंगी
IBC 2020 Reform
1. समाधान सीमा बढ़ाकर 1 वर्ष कर दी गई।
2. 1 लाख रूपये की न्यूनतम सीमा को बढ़ाकर 1 करोड़ कर दिया गया।
भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम-2018
(Fugitive Economic Offender Act-2018)
100 करोड़ रूपये से अधिक के गबन वाला व्यक्ति जिसे कोर्ट द्वारा अपराधी घोषित किया जाए और वह जब देश छोड़कर चला जाए और वापस आने से मना कर दे तो -
1. भगोड़ा घोषित व्यक्ति की सम्पत्ति नीलाम की जा सकती है।
2. कोर्ट में पेश होने पर भगोड़ा नहीं माना जाएगा।
3. नीलामी 180 दिन बाद की जाएगी।
प्रोजेक्ट सशक्त:-
NPA की समस्या को दूर करने हेतु 50 करोड़ तक मामलो के समाधान हेतु प्रोजेक्ट सशक्त नामक एक समग्र नीति- सुनील मेहता की अध्यक्षता मे गठित समिति की रिपोर्ट के आधार पर तय की गयी।