किसी व्यक्ति, वस्तु, संदेश को एक स्थान से दूसरे स्थान तक लाने व ले जाने की प्रक्रिया परिवहन कहलाती है।
परिवहन के प्रकार:-
- स्थल परिवहन
- जल परिवहन
- वायु परिवहन
1. स्थल परिवहन:-
(i) सड़क परिवहन
(ii) रेल परिवहन
(iii) पाईप परिवहन
2. जल परिवहन:-
(i) अन्तर्देशीय
(ii) महासागरीय
3. वायु परिवहन:-
(i) घरेलू वायु सेवा
(ii) अन्तर्राष्ट्रीय वायु सेवा
राजस्थान में परिवहन:-
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सड़क परिवहन
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रेल परिवहन
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वायु परिवहन
1. सड़क परिवहन:-
- भारतीय इतिहास में सड़क निर्माता ‘शेरशाह सूरी’ को कहा जाता है।
- शेरशाह सूरी द्वारा 1504 ई. में चटगाँव/ढाका (बांग्लादेश) से काबुल (अफगानिस्तान)/पेशावर तक 2500 कि.मी. तक सड़क का निर्माण करवाया जिसे ‘ग्राण्ड ट्रंक रोड़’ कहा जाता है।
- मौर्य काल में ग्राण्ड ट्रंक रोड़ को उत्तर पथ कहा जाता था।
- शेरशाह सूरी के समय ग्राण्ड ट्रंक रोड़ को ‘शाह रोड़ ए अमीर/आजम’ कहा जाता था।
- मुगल काल में ग्राण्ड ट्रंक रोड़ को ‘सड़क-ए-आजम’ कहा जाता था।
- ब्रिटिश काल में इस सड़क को ‘ग्राण्ड ट्रंक रोड़’ कहा गया।
- विश्व में आधुनिक सड़क का जनक – जॉन लाउडन मैकएडम (मैकाडम) को कहा जाता है जो स्कॉटलैण्ड के निवासी थे।
- भारत में सड़कों के आधुनिकीकरण हेतु प्रथम सड़क विकास योजना वर्ष 1943-1961 के मध्य बनी जो ‘नागपुर योजना’ के नाम से जानी जाती है जो 20 वर्षीय सड़क विकास योजना थी।
- नागपुर योजना के अन्तर्गत भारत में सड़कों का वर्गीकरण किया गया-
- राष्ट्रीय राजमार्ग
- राज्य राजमार्ग
- जिला सड़कें
- ग्रामीण सड़कें
वर्तमान में राजस्थान में सड़कों के प्रकार:-
- एक्सप्रेस-वे (द्रुतगामी मार्ग)
- राष्ट्रीय राजमार्ग
- राज्य मार्ग
- मुख्य जिला सड़कें
- अन्य जिला सड़कें
- ग्रामीण सड़कें
1. एक्सप्रेस-वे:-
- राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात के दबाव को कम करने हेतु उन्हें 6 से 8 लेन में परिवर्तित कर दिया जाता है, ‘एक्सप्रेस-वे’ कहलाता है।
- वर्तमान में भारत में कुल 25 एक्सप्रेस-वे तथा राजस्थान में 1 एक्सप्रेस-वे है।
- एक्सप्रेस-वे का निर्माण, रख-रखाव एवं संचालन केन्द्र सरकार तथा भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) करता है।
- भारत का पहला एक्सप्रेस-वे राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 8 को बनाया गया जिसे जयपुर, गुड़गाँव (हरियाणा) एक्सप्रेस-वे कहा जाता है।
- वर्तमान में राष्ट्रीय राजमार्ग-8 का नया क्रमांक – 48 है।
राष्ट्रीय राजमार्ग – 8 (प्रथम एक्सप्रेस-वे):-
- यह भारत का प्रथम एक्सप्रेस-वे था।
- राष्ट्रीय राजमार्ग-8 दिल्ली से गुड़गाँव (हरियाणा), बहरोड़ (अलवर), जयपुर, अजमेर, राजसमंद, उदयपुर, रतनपुर (डूँगरपुर) के रास्ते मुम्बई में समाप्त हो जाता है।
- यह राष्ट्रीय राजमार्ग राजस्थान के 6 जिलों- अलवर, जयपुर, अजमेर, राजसमंद, उदयपुर, डूँगरपुर तथा 4 जिला मुख्यालयों जयपुर, अजमेर, राजसमंद, उयदपुर से गुजरता था।
- राजस्थान में इसकी कुल लम्बाई 704.85 कि.मी. थी।
- यह राजस्थान का सबसे व्यस्ततम राष्ट्रीय राजमार्ग था।
- वर्तमान में राष्ट्रीय राजमार्ग-8 को दो भागों में राष्ट्रीय राजमार्ग-58 व राष्ट्रीय राजमार्ग-48 में विभाजित कर दिया गया है।
राष्ट्रीय राजमार्ग – 48:-
- वर्तमान में राजस्थान का एकमात्र एक्सप्रेस-वे राष्ट्रीय राजमार्ग-48 है।
- यह राष्ट्रीय राजमार्ग दिल्ली-मुम्बई-चेन्नई तक स्थित है।
- राजस्थान में यह बहरोड़ (अलवर), जयपुर, अजमेर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, उदयपुर व रतनपुर (डूँगरपुर) से होकर गुजरता है।
- यह राष्ट्रीय राजमार्ग राजस्थान के 7 जिलों एवं 5 जिला मुख्यालयों जयपुर, अजमेर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, उदयपुर से गुजरता है।
- इस राष्ट्रीय राजमार्ग की राजस्थान में कुल लम्बाई 774 कि.मी. है।
- यह राष्ट्रीय राजमार्ग उदयपुर, चित्तौड़गढ़ के मध्य देबारी दर्रा (उदयपुर) से होकर गुजरता है।
- यह राष्ट्रीय राजमार्ग स्वर्णिम चतुर्भुज योजना और दिल्ली-मुम्बई औद्योगिक गलियारा का भाग है।
- इस राष्ट्रीय राजमार्ग पर राजस्थान का एकमात्र घूमता-फिरता ट्रोमा हॉस्पीटल स्थित है।
राष्ट्रीय राजमार्ग (NH):-
- वे राजमार्ग जो राज्य/केन्द्रशासित प्रदेश की राजधानियों, प्रमुख औद्योगिक शहरों, पर्यटन, धार्मिक स्थलों, विदेशी मार्गों, बन्दरगाहों एवं सामरिक महत्त्व के प्रमुख स्थलों आदि को जोड़ते हैं।
- राष्ट्रीय राजमार्ग का संचालन केन्द्र सरकार द्वारा एवं निर्माण व रख-रखाव भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा किया जाता है।
- राष्ट्रीय राजमार्ग में मील के पत्थर पर पीले रंग का प्रयोग किया जाता है।
- वर्तमान में राजस्थान में कुल 47 राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित है।
- राजस्थान में राष्ट्रीय राजमार्ग की कुल लम्बाई 10,600 कि.मी. है लेकिन आर्थिक समीक्षा के अनुरूप अधीनस्थ बोर्ड के आकड़े के अनुसार 9,585.13 कि.मी. है।
- राजस्थान से गुजरने वाला सबसे लम्बा राष्ट्रीय राजमार्ग 15 था जिसकी कुल लम्बाई 893.50 कि.मी. थी।
- वर्तमान में राजस्थान से गुजरने वाला सबसे लम्बा राष्ट्रीय राजमार्ग 62 है जिसकी कुल लम्बाई 748 कि.मी. है।
- राजस्थान से गुजरने वाला सबसे छोटा राष्ट्रीय राजमार्ग 71B था जिसकी कुल लम्बाई 4.7 कि.मी. थी।
- वर्तमान में राजस्थान से गुजरने वाला सबसे छोटा राष्ट्रीय राजमार्ग 919 है, जिसकी कुल लम्बाई 4.7 कि.मी. है।
- पूर्णत: राजस्थान में सबसे लम्बा राष्ट्रीय राजमार्ग-112 था जिसका वर्तमान समय में परिवर्तित क्रमांक 25 है जिसकी कुल लम्बाई 318.81 कि.मी. है।
- राजस्थान में पूर्णत: सबसे छोटा राष्ट्रीय राजमार्ग-79A था जिसका वर्तमान में परिवर्तित क्रमांक 448 है जिसकी कुल लम्बाई 38 कि.मी. है।
- राजस्थान में सर्वाधिक राष्ट्रीय राजमार्ग पाली व अजमेर जिले से होकर गुजरते हैं।
- राजस्थान में राष्ट्रीय राजमार्गों की सर्वाधिक लम्बाई उदयपुर व न्यूनतम लम्बाई हनुमानगढ़ व करौली जिलों में हैं।
- राष्ट्रीय राजमार्गों के अंकों का निर्धारण दो प्रकार से किया गया है-
- सम संख्या:- वे राष्ट्रीय राजमार्ग जो उत्तर से दक्षिण के स्थानों को जोड़ते है। जब हम उत्तर से दक्षिण की ओर आते हैं तब राष्ट्रीय राजमार्ग की विषम संख्या में वृद्धि होती है।
- विषम संख्या:- वे राष्ट्रीय राजमार्ग जो पूर्व से पश्चिम के स्थानों को जोड़ते है और जब हम पूर्व से पश्चिमी की ओर आते है तब राष्ट्रीय राजमार्ग की सम संख्या में वृद्धि होती है।
राजस्थान के प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग:-
राष्ट्रीय राजमार्ग-15 (पुराना क्रमांक):-
- इसे तीन भागों में विभाजित किया गया है-
- राष्ट्रीय राजमार्ग-68
- राष्ट्रीय राजमार्ग-11
- राष्ट्रीय राजमार्ग-62
- यह राष्ट्रीय राजमार्ग पठानकोट (पंजाब), श्रीगंगानगर, रंगमहल (हनुमानगढ़), बीकानेर, जैसलमेर, फलोदी (जोधपुर), बाड़मेर, सांचौर (जालोर) व कांडला (गुजरात) से होकर गुजरता था।
- यह राजस्थान से गुजरने वाला सबसे लम्बा राष्ट्रीय राजमार्ग था।
- यह राजस्थान के 7 जिलों व 4 जिला मुख्यालय- श्रीगंगानगर, बीकानेर, जैसलमेर, बाड़मेर से होकर गुजरता था।
- यह राष्ट्रीय राजमार्ग थार के मरुस्थल से गुजरने वाला सबसे लम्बा राष्ट्रीय राजमार्ग था।
- यह राष्ट्रीय राजमार्ग रेडक्लिफ रेखा के समांतर गुजरने वाला राजमार्ग था।
- राजस्थान का सबसे बड़ा राष्ट्रीय मरु उद्यान जैसलमेर व बाड़मेर के मध्य स्थित है जहाँ से राष्ट्रीय राजमार्ग-15 गुजरता था।
राष्ट्रीय राजमार्ग-68:-
- यह राष्ट्रीय राजमार्ग जैसलमेर, बाड़मेर, सांचौर (जालोर) व कुवादरा (गुजरात) से होकर गुजरता है।
- यह राजस्थान के तीन जिलों व दो जिला मुख्यालय जैसलमेर व बाड़मेर से होकर गुजरता है।
- इस राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे जैसलमेर व बाड़मेर के मध्य राजस्थान का सबसे बड़ा मरु उद्यान स्थित है।
राष्ट्रीय राजमार्ग-11:-
- यह राष्ट्रीय राजमार्ग हिसार (हरियाणा), चूरू, फतेहपुर (सीकर), रतनगढ़ (चूरू), बीकानेर, फलोदी (जोधपुर) व जैसलमेर से होकर गुजरता हैं।
- यह राष्ट्रीय राजमार्ग राजस्थान के 5 जिलों- चूरू, सीकर, बीकानेर, जोधपुर, जैसलमेर तथा 3 जिला मुख्यालय चूरू, बीकानेर, जैसलमेर से होकर गुजरता है।
राष्ट्रीय राजमार्ग-62:-
- यह राष्ट्रीय राजमार्ग अबोर (पंजाब), श्रीगंगानगर, रंगमहल (हनुमानगढ़), बीकानेर, नागौर, जोधपुर, पाली, सिरोही व पिण्डवाड़ा (सिरोही) तक जाता है।
- श्रीगंगानगर व बीकानेर में यह पहले राष्ट्रीय राजमार्ग-15 और नागौर व पिण्डवाड़ा (सिरोही) मे इसे राष्ट्रीय राजमार्ग-65 के नाम से जाना जाता था।
- यह राष्ट्रीय राजमार्ग वर्तमान में राजस्थान से गुजरने वाला सबसे लम्बा राष्ट्रीय राजमार्ग है।
- यह राष्ट्रीय राजमार्ग राजस्थान के 7 जिलों तथा 6 जिला मुख्यालयों- श्रीगंगानगर, बीकानेर, नागौर, जोधपुर, पाली, सिरोही से गुजरता है।
राष्ट्रीय राजमार्ग-11 (पुराना क्रमांक):-
- यह राष्ट्रीय राजमार्ग बीकानेर, रतनगढ़ (चूरू), फतेहपुर (सीकर), सीकर, जयपुर, दौसा, भरतपुर और आगरा तक जाता था।
- इस राष्ट्रीय राजमार्ग का नया क्रमांक – 11, 52 व 21 हैं इसे तीन भागों में बाँट दिया गया है।
राष्ट्रीय राजमार्ग-52:-
- इस राष्ट्रीय राजमार्ग का पुराना क्रमांक राष्ट्रीय राजमार्ग-12 था।
- यह राष्ट्रीय राजमार्ग संगरूर (पंजाब), हरियाणा, चूरू, रतनगढ़, फतेहपुर (सीकर), सीकर, जयपुर, टोंक, बूँदी, कोटा, झालावाड़ व अंकोला (कर्नाटक) तक जाता है।
- यह राष्ट्रीय राजमार्ग राजस्थान 7 जिलों व 7 जिला मुख्यालयों में क्रमश: चूरू, सीकर, जयपुर, टोंक, बूँदी, कोटा व झालावाड़ से गुजरता हैं।
- इस राष्ट्रीय राजमार्ग पर बूँदी में बूँदी सड़क सुरंग गुजरता है जो राजस्थान की सबसे लम्बी सड़क सुरंग है जिसकी लम्बाई 1,076.5 मी. है।
- इसी राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे मुकुन्दरा हिल्स राष्ट्रीय उद्यान स्थित है।
- रतनगढ़ (चूरू) व फतेहपुर (सीकर) के मध्य यह राष्ट्रीय राजमार्ग-11 के नाम से जाता था।
- सीकर से झालावाड़ तक ये पहले पुराना राष्ट्रीय राजमार्ग-12 के नाम से जाना जाता था।
राष्ट्रीय राजमार्ग-21:-
- इस राष्ट्रीय राजमार्ग का पुराना क्रमांक -11 था।
- यह राष्ट्रीय राजमार्ग जयपुर, दौसा, भरतपुर से आगरा और बरेली (उत्तर प्रदेश) तक जाता है।
- यह राजस्थान के 3 जिलों और 3 जिला मुख्यालयों- जयपुर, दौसा, भरतपुर से होकर गुजरता है।
- इस राष्ट्रीय राजमार्ग को स्वर्णिम त्रिभुज (गोल्डन ट्रांइगल) कहा जाता है।
- पर्यटन की दृष्टि से दिल्ली, जयपुर, आगरा को विकसित करने के उद्देश्य से जो एक परिपथ (सर्किट) बनाया गया उसे स्वर्णिम त्रिभुज की संज्ञा दी गई है।

- इस राष्ट्रीय राजमार्ग पर जयपुर में एक सुरंग का निर्माण किया गया है जिसे ‘घाट का घूणी’ सुरंग कहा जाता है जो भारत की पहली प्रदूषण रहित सुरंग है।
- इस राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे राजस्थान का दूसरा सबसे बड़ा राष्ट्रीय उद्यान ‘केवलादेवी घना पक्षी विहार’ स्थित है।
- इस राष्ट्रीय राजमार्ग पर आगरा में ताजमहल व फतेहपुर सीकरी स्थित हैं।
राष्ट्रीय राजमार्ग-27:-
- इस राष्ट्रीय राजमार्ग का पुराना क्रमांक -76 था।
- यह राष्ट्रीय राजमार्ग पोरबंदर (गुजरात), पिण्डवाड़ा (सिरोही), गोगुन्दा, उदयपुर, चित्तौड़गढ़, बिजौलिया (भीलवाड़ा), बूँदी, कोटा, बाराँ सिलचर (असम) तक जाता है।
- इस राष्ट्रीय राजमार्ग पर पूर्व-पश्चिम गलियारा (कोरिडोर) है जो पोरबंदर (गुजरात)- सिलचर (असम) को जोड़ता है।
- यह राष्ट्रीय राजमार्ग राजस्थान के 7 जिलों- सिरोही, उदयपुर, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, बूँदी, कोटा व बाराँ से होकर गुजरता है।
- पूर्व-पश्चिम गलियारा राजस्थान के 7 जिलों एवं 4 जिला मुख्यालयों उदयपुर, चित्तौड़गढ़, बाराँ, कोटा से होकर गुजरता हैं।
- यह राष्ट्रीय राजमार्ग राजस्थान के दो दर्रों- हाथी दर्रा (उदयपुर), देबारी दर्रा (उदयपुर) से होकर गुजरता है।
- इस राष्ट्रीय राजमार्ग पर राजस्थान का पहला हैगिंग ब्रिज है जो कि चम्बल नदी पर कोटा में स्थित है।
राष्ट्रीय राजमार्ग-44:-
- इस राष्ट्रीय राजमार्ग का पुराना क्रमांक 3 था।
- यह राष्ट्रीय राजमार्ग भारत का सबसे लम्ब राष्ट्रीय राजमार्ग है जिसकी कुल लम्बाई 3,745 कि.मी. है।
- यह राष्ट्रीय राजमार्ग श्रीनगर (जम्मू एण्ड कश्मीर) को कन्याकुमारी (तमिलनाडु) से जोड़ता है।
- यह राष्ट्रीय राजमार्ग उत्तर-दक्षिण गलियारा के अन्तर्गत आता है।
- यह राष्ट्रीय राजमार्ग राजस्थान के धौलपुर जिले से गुजरता है जिसकी कुल लम्बाई 28.29 कि.मी. है।
राष्ट्रीय राजमार्ग-58:-
- इस राष्ट्रीय राजमार्ग का पुराना क्रमांक 8 था।
- यह राष्ट्रीय राजमार्ग रतनगढ़ (चूरू) से प्रांरभ होकर नागौर, मेड़ता, अजमेर, राजसमंद, उदयपुर से खेडब्रह्म (पालनपुर) गुजरात तक जाता है।
- इस राष्ट्रीय राजमार्ग पर राजसमंद व उदयपुर के मध्य चिरवा घाट सुरंग (उदयपुर) में तथा अजमेर व राजसमंद के मध्य कामलीघाट दर्रा (राजसमंद) स्थित है।
- यह राष्ट्रीय राजमार्ग राजस्थान के 5 जिलों व 4 जिला मुख्यालय नागौर, अजमेर, राजसमंद व उदयपुर से गुजरता है।
राष्ट्रीय राजमार्ग - 919:-
- इस राष्ट्रीय राजमार्ग का पुराना क्रमांक 71B था।
- यह राष्ट्रीय राजमार्ग रेवाड़ी (हरियाणा), अलवर, और परवल (हरियाणा) तक जाता है।
- यह राष्ट्रीय राजमार्ग से गुजरने वाला सबसे छोटा राष्ट्रीय राजमार्ग है जिसकी राजस्थान में कुल लम्बाई 4.7 कि.मी. है।
राष्ट्रीय राजमार्ग – 448:-
- इस राष्ट्रीय राजमार्ग का पुराना क्रमांक 79A है।
- यह राष्ट्रीय राजमार्ग किशनगढ़ (अजमेर) से नसीराबाद (अजमेर) तक जाता है इसकी कुल लम्बाई 38 कि.मी. है।
- यह पूर्णत: राजस्थान में सबसे छोटा राष्ट्रीय राजमार्ग है।
- यह राष्ट्रीय राजमार्ग राजस्थान के एक ही जिले अजमेर से प्रारंभ होकर अजमेर में ही समाप्त हो जाता है।
राष्ट्रीय राजमार्ग – 25:-
- इस राष्ट्रीय राजमार्ग का पुराना क्रमांक 112 था।
- यह राष्ट्रीय राजमार्ग बाड़मेर से शुरू होकर जोधपुर और जैतारण (पाली) तक जाता है इसकी कुल लम्बाई 318.81 कि.मी. है।
- यह पूर्णत: राजस्थान में सबसे बड़ा व लम्बा राष्ट्रीय राजमार्ग है।
- इस राष्ट्रीय राजमार्ग पर बाड़मेर में पचपदरा रिफाइनरी स्थित है।
राष्ट्रीय राजमार्ग – 56:-
- इस राष्ट्रीय राजमार्ग का पुराना क्रमांक 113 था।
- यह राष्ट्रीय राजमार्ग निम्बाहेड़ा (चित्तौड़गढ़) से शुरू होकर प्रतापगढ़, बाँसवाड़ा और दाहोद (गुजरात) तक जाता है।
- इस राष्ट्रीय राजमार्ग पर प्रतापगढ़ में सीता माता अभयारण्य स्थित है।
राष्ट्रीय राजमार्ग – 162:-
- यह राष्ट्रीय राजमार्ग पाली, ब्यावर से होकर गुजरता है।
- इस राष्ट्रीय राजमार्ग पर पाली व ब्यावर के मध्य बर दर्रा स्थित है।
राष्ट्रीय राजमार्ग - 552:-
- यह राष्ट्रीय राजमार्ग टोंक से सवाई माधोपुर तक जाता है।
राष्ट्रीय राजमार्ग - 125:-
- यह राष्ट्रीय राजमार्ग पोकरण (जैसलमेर) से जोधपुर तक जाता है और इस राष्ट्रीय राजमार्ग पर प्रमुख धार्मिक स्थल रामदेवरा स्थित है।
राष्ट्रीय राजमार्ग – 752:-
- यह राष्ट्रीय राजमार्ग किशनगढ़ (बाराँ) से अकरोल (झालावाड़) तक जाता है।
राज्य राजमार्ग (स्टेट हाइवे):-
- वे राजमार्ग जो राज्य की सीमा के भीतर राज्य राजधानी क्षेत्र, प्रमुख औद्योगिक नगरों, पर्यटन एवं धार्मिक स्थलों, प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों, सामरिक महत्त्व के स्थलों को जोड़ते हैं।
- राज्य राजमार्ग के मील के पत्थर पर हरे रंग का प्रयोग किया जाता है।
- राज्य राजमार्ग के संचालन का कार्य राज्य सरकार एवं इनके निर्माण/रख-रखाव का कार्य सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) करता है।
- वर्तमान में राजस्थान में कुल 170 राज्य राजमार्ग है। वर्ष 2019-20 के आंकड़ो के अनुसार इनकी कुल लम्बाई 15,452.21 कि.मी. है।
- राजस्थान का सबसे लम्बा राज्य राजमार्ग-1 है जिसकी कुल लम्बाई 441 कि.मी. है।
- राजस्थान का सबसे छोटा राज्य राजमार्ग-111A है जिसकी कुल लम्बाई 8 कि.मी. है।
- राजस्थान का दूसरा सबसे छोटा राज्य राजमार्ग-9B है जिसकी कुल लम्बाई 11 कि.मी. है।
जिला सड़कें:-
- इन्हें दो भागों में विभाजित किया गया है-
- मुख्य जिला
- अन्य जिला सड़क
- मुख्य जिला व अन्य जिला सड़क के मील के पत्थर पर काले रंग का प्रयोग किया जाता है।
- इन सड़को का संचालन राज्य सरकार द्वारा एवं रख-रखाव का कार्य सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) करता है।
ग्रामीण सड़कें:-
- इनके मील के पत्थर पर लाल रंग का प्रयोग किया जाता है।
- इनका संचालन राज्य सरकार द्वारा एवं रख-रखाव का कार्य सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) करता है।
- राजस्थान में मार्च, 2019 के आंकड़ों के अनुसार सड़कों की कुल लम्बाई 2,64,244.05 कि.मी. है।
- राजस्थान में सड़क घनत्व 77.21 कि.मी. प्रति 100 वर्ग कि.मी. है।
- राष्ट्रीय राजमार्गोँ की दृष्टि से भारत में, राजस्थान का प्रथम स्थान है।
- राजस्थान में सर्वाधिक सड़कों की लम्बाई बाड़मेर एवं न्यूनतम सड़कों की लम्बाई धौलपुर जिले में है।
- राजस्थान में सर्वाधिक सड़क घनत्व वाला जिला राजसमंद एवं न्यूनतम सड़क घनत्व वाला जिला जैसलमेर है।
- राजस्थान में प्रथम राजकीय बस सेवा की शुरूआत वर्ष 1952 में टोंक जिले से आरंभ की गई।
- राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम की स्थापना 1 अक्टूबर, 1964 को जयपुर में की गई।
- राजस्थान में ग्रामीण रोडवेज बस सेवा की शुरूआत 14 दिसम्बर, 2012 को उदयपुर जिले से की गई।
- राजस्थान लोक परिवहन सेवा की शुरूआत 13 नवम्बर, 2015 को की गई।
- महिलाओं की सुरक्षा व यात्रा हेतु निर्भया बस सेवा की शुरूआत 25 मई, 2016 को की गई।
- राजस्थान में प्रथम सड़क नीति वर्ष 1994 में बनाई गई।
- राजस्थान सड़क विकास अधिनियम 28 अप्रैल, 2002 को बनाया गया।
- राजस्थान सड़क विकास नीति वर्ष 2013 में बनाई गई।
- राजस्थान राज्य राजमार्ग अधिनियम वर्ष 2014 लाया गया जिसे 1 मई, 2015 को लागू किया गया।