सांकेतिक भाषा परीक्षण के अंतर्गत किसी बात को कूट भाषा में कहने की रीति को 'कोड'(Code) तथा उस कूट भाषा के उसके वास्तविक अर्थ में कहने की प्रक्रिया को 'डिकोड' (Decode)   कहा जाता है।

यह सांकेतिक भाषा कुछ विशेष नियमों के अनुसार परिवर्तित होती है। सबसे पहले दिए गए उदाहरण के द्वारा उस नियम को ज्ञात कर प्रश्न का हल किया जता है।

इसके अंतर्गत पूछे जाने वाले प्रश्न अंग्रेजी वर्णमाला तथा संख्याओं पर आधारित होते हैं। अंग्रेजी वर्णमाला तथा संख्याओं का प्रयोग सामान्यत: अंग्रेजी वर्णमाला में अक्षरों के क्रम स्थानों के आधार पर किया जाता है। अत: इसके अंतर्गत पूछे जाने वाले प्रश्नों को हल करने के लिए यदि हम अंग्रेजी वर्णमाला के 26 अक्षरों के क्रम को याद कर लेते हैं तो प्रश्न आसानी से तथा शीघ्रतम हल हो सकेंगे।

सांकेतिक भाषा परीक्षण के प्रश्नों को हल करने के लिए निम्न मूलभूत तथ्यों एवं सुझावों पर ध्यान दें-

1. अंग्रेजी वर्णमाला में अक्षरों की स्थिति

2. वर्णमाला के प्रत्येक अक्षर के विपरीत  अक्षर का ज्ञान

3. वर्णमाला के क्रम में एक अक्षर या वर्ण के आगे या पीछे के अक्षर को ज्ञात करने की विधि का ज्ञान

1. अंग्रेजी वर्णमाला में अक्षरों की स्थिति

अंग्रेजी वर्णमाला में कुल 26 अक्षर होते हैं जो कि AB.........Z  तक होते हैं इस वर्णमाला में अक्षरों के स्थान निर्धारित होते हैं, जैसे A के बाद B आता है तथा x के बाद  Y आता है तथा इनके स्थान को यदि अंकों में व्यक्त किया जाए तो A का स्थान पहला तथा Z का स्थान 26वाँ होगा।

अंग्रेजी वर्णमाला के अक्षरों का उनके क्रम स्थान के आधार पर निरूपण निम्न है-

अक्षर

A

B

C

D

E

F

G

H

I

J

K

L

M

क्र.स.

1

2

3

4

5

6

7

8

9

10

11

12

13

(1)  याद करने के लिए निम्न नियम को अपनाया जा सकता है

जैसे - एक शब्द है 'इजोटी' (EJOTY)

E

J

O

T

Y

5

 

10

 

15

 

 

20

 

25

(EJOTY) शब्द को यद करने पर आप वर्णमाला के 5वें, 10वें, 15वें, 20वें, और 25वें वर्ण को याद कर सकेंगे। यह शब्द याद करके आप उस वर्ण के पहले और बाद के वर्णों को आसानी से जान लेते हैं। जैसे - यदि हम J को लें तो  J = 10, J के पहले I आता है। अत: I = 9 तथा J के बाद  K आता है। अत: K = 11 होगा। इसी प्रकार अन्य चार अक्षरों से समस्त वर्णों  या अक्षरों को ज्ञात किया जा सकता है।

(2)  उपरोक्त के अलावा हम निम्न विधि से और अक्षरों की स्थिति को भी ज्ञात कर सकते हैं।

जैसे -

अर्थात् यदि F अक्षर के नीचे के भाग को मिला दें तो यह अंक 6 जैसा बनता है। अत: F का वर्णमाला में स्थिति 6 होगा।

H के ऊपर तथा नीचे के भाग को यदि मिला दिया जाए तो यह अंक 8 जैसा बनता है। अत: H का वर्णमाला में स्थिति 8 होगा।

I को 9 जैसा लिखा जा सकता है। अत: = I = 9

M का उल्टा W होता है। अत: =  W = 23

यह अंग्रेजी वर्णमाला के द्वितीय अर्द्धांश का प्रथम अक्षर है।

यदि R के निचले हिस्से को जोड़ दिया जाए तो यह अंक 8 की तरह बनता है। H = 8 आप पहले ही देख चुके हैं, और वर्णमाला में 28 अक्षर नहीं होते हैं। अत: R = 18 होगा।

यदि S के ऊपर के खुले भाग को जोड़ दिया जाये तो यह अंक 9 के समान बनता है।

I = 9 आप पहले ही देख चुके हैं और वर्णमाला में 29 अक्षर नहीं होते हैं। अत: S = 19 ही होगा।

इसी प्रकार अब जो अक्षर बच गये हैं उनको भी हम याद कर सकते हैं।

वर्णमाला के प्रथम अर्द्धांश में अक्षरों A, B, C, D, E की स्थितियों को याद करने में कोई परेशानी नहीं होती तथा आपको F, H, I, J की स्थितियों के बारे में ऊपर बताया जा चुका है, अब प्रथम अर्द्धांश में केवल G,K और L अक्षर बचे हैं। G वर्णमाला में क्रम संख्या 7 पर है, अत: G = 7 याद रखें और  K = 11 तथा L = 12

वर्णमाला के द्वितीय अर्द्धांश में N(14), O(15), R(18), S(19), T(20), W(23), Y(25), Z(26) आप देख चुके हैं।

अब बचे अक्षरों P = 16, Q = 17 तथा U और V जो कि (T = 20) के बाद लगातार आते हैं U = 21 तथा  V = 22 और X = 24 को याद किया जा सकता है।

2.  विपरीत वर्ण (Opposite Letters)

सांकेतिक भाषा (Coding-Decoding) के प्रश्नों में कभी-कभी विपरीत वर्णों से Coding की जाती है। अत: सबसे पहले हमें यह जानना आवश्यक है कि विपरीत वर्ण क्या है।

स्पष्टत: वर्णमाला क्रम में प्रारंभ में  xवें तथा अन्त से xवें अक्षर एक-दूसरे के विपरीत वर्ण कहलाते हैं। उदाहरण के तौर पर प्रारंभ से (बाएँ) तीसरा वर्ण C तथा अन्त से (दाएँ) तीसरा वर्ण x एक-दूसरे के विपरीत हैं।

इसी प्रकार बाएँ से या प्रारंभ से चौथा अक्षर D तथा अन्त या दाएँ से चौथा अक्षर W एक-दूसरे के विपरीत है।

विपरीत वर्ण ज्ञात करने की दो विधियाँ है:-

(1) ऊपर दिए गए उदाहरण में हमने बताया कि C और X एक-दूसरे के विपरीत हैं। हमें ज्ञात है कि C = 3 तथा X = 24, अब दोनों को जोड़ा जाए, तो (3+24) = 27, अत: इससे यह ज्ञात होता है कि दो विपरीत वर्णों का योगफल 27 होता है।

अत: यदि यह पता लगाना हो कि दिए गए वर्णों का जोड़ा एक-दूसरे के विपरीत हैं या नहीं, तो हम उस वर्णों की बाएँ से स्थिति लिखकर जोड़ेंगे, यदि उनका योग 27 आएगा तो वर्ण एक-दूसरे के विपरीत हैं अन्यथा नहीं। जैसे

घटाव विधि द्वारा विपरीत वर्ण ज्ञात करना-

यदि आपको एक वर्ण दिया हो तथा आपको उसका विपरीत वर्ण ज्ञात करना हो तो आप दिए गए वर्ण की वर्णमाला में बाएँ से स्थिति को 27 से घटा दें तो जो भी अंक आए उस अंक से वर्णमाला में स्थित वर्ण को ज्ञात कर लें। वही वर्ण प्रारंभ में दिए गए वर्ण का विपरीत वर्ण होगा।

उदाहरण के लिए माना आपको F का विपरीत वर्ण ज्ञात करना है। F की बाएँ से स्थिति 6ठीं है, अत: F का विपरीत वर्ण 27 - 6 = 21, 21 के क्रम पर U आता है, तो F का विपरीत वर्ण U होगा। इसी प्रकार L का विपरीत वर्ण ज्ञात करने के लिए

L का वर्णमाला में बाएँ से स्थिति  = 12

अत: L का विपरीत वर्ण = 27 - 12 = 15

15वें स्थान पर O आता है, अत: L का विपरीत वर्ण  O होगा।

2.  विपरीत वर्ण पता लगाने का दूसरा तरीका एक तालिका (Table) बनाकर किया जा सकता है जो निम्न प्रकार से होगा

इसके लिए पूरी वर्णमाला के 26 अक्षरों को दो भागों में बाँट लेते हैं। पहले प्रथम अर्द्धांश (A से लेकर M तक) को ऊपर से नीचे की ओर लिखते हैं, इसके बाद वर्णमाला के द्वितीय अर्द्धांश (N से लेकर Z तक) को नीचे से ऊपर की ओर लिखते हैं।


इस प्रकार हम प्रत्येक वर्ण के विपरीत वर्ण को ज्ञात कर सकते हैं। जैसे K का विपरीत (Opposite) P तथा P का विपरीत (Opposite) K होगा।

3.  वर्णमाला क्रम में एक अक्षर या वर्ण के आगे या पीछे के अक्षर को ज्ञात करने की विधि

वर्णमाला क्रम में किसी वर्ण या अक्षर के आगे या पीछे की स्थिति जानने के लिए आप दिए गए र्वा के वर्णमाला के क्रम में जोड़कर या घटाकर उस नए वर्ण स्थान के मान को प्राप्त करते हैं और उस वर्ण को ज्ञात करते हैं।

जैसे :- B + 4 = F,            L - 7 = E,

D  + 5 = I,                      R - 6 = L

परन्तु उपरोक्त नियम तभी काम करता है जब किसी वर्ण से किसी संख्या को जोड़ने पर या घटाने पर उसका योगफल 26 से ज्यादा न हो।

यदि योगफल 26 से ज्यादा होगा तो आप उस स्थान को कैसे ज्ञात करेंगे -

जैसे यदि हमें Z  + 10 ज्ञात करना हो या A - 5 ज्ञात करना हो तो यह रेखीय क्रम व्यवस्था द्वारा पता लगाना संभव नहीं है। अत: हम वर्णमाला को रेखीय क्रम में न लेकर वृत्तीय क्रम में लेते हैं। जैसा चित्र में दर्शाया गया है। इस प्रकार व्यवस्थित करने पर हम Z + 10 पता लगाने के लिए Z  के बाद पुन: A से वर्णमाला की शुरूआत करते हैं, इसलिए Z + 10  = J होगा तथा A - 5 = V होगा।

शार्टकट विधि - वर्णमाला क्रम में किसी वर्ण से आगे या पीछे के वर्ण स्थान पर जाने के लिए यदि वह स्थान  Z या A  के पीछे (पहले) आता हो तो निम्न शार्टकट विधि द्वारा ज्ञात किया जा सकता है:-

(1)  यदि किसी वर्णमाला के आगे का वर्ण ज्ञात करना हो अर्थात् जोड़ने की क्रिया में यदि वह 26वें स्थान से ज्यादा आता है तो निम्न सूत्र का प्रयोग करेंगे।

संगत वर्ण की स्थान संख्या

= [दिए हुए वर्ण संखय + दी गई संख्या] - 26

जैसे -

x + 8 = [x का वर्णमाला में स्थान + दी गई संख्या] - 26

= [24 + 8] - 26

= 32 - 26 = 6 ⇒ F

(2) यदि वर्णमाला में किसी वर्ण या अक्षर के पीछे का वर्ण ज्ञात करना हो और वह स्थान A के पीछे आता हो तो शार्टकट के अंतर्गत निम्न सूत्र का प्रयोग करेंगे -

संगत वर्ण की स्थान संख्या

= [दिए हुए वर्ण की स्थान संख्या + 26] - दी गई संख्या

जैसे -

B - 6 = [B का वर्णमाला में स्थान + 26] - 6

= [2 + 26] - 6

= 28 - 6 = 22 ⇒ V

सांकेतिक भाषा (Coding-Decoding)  के अंतर्गत प्रश्नों के प्रकार :-

1. अक्षरों या वर्णों का कोड अक्षरों या वर्णों के आधार पर

2. अक्षरों का कोड उनके वर्णमाला में स्थानों (क्रमांकों) के आधार पर

3. अक्षरों का कोड मिश्रित रूप में (अर्थात् अक्षर और अंक दोनों के आधार पर)

4. शब्दों का कोड शब्दों या अंकों के आधार पर

5. शब्दों के प्रतिस्थापन द्वारा स्थापित कोड

A. अक्षर का कोड अक्षरों के रूप में

A–1 अक्षरों की कोडिंग आगे बढ़ते हुए क्रम में –

उदा.     यदि किसी सांकेतिक भाषा में TEACHER को VGCEJGT लिखा जाए तो उसी सांकेतिक भाषा में CHILDREN का कोड क्या होगा?

(a) EJKNTFGP          (b) EJKFNTGP

(c) EJKNFTGP           (d) EKJNFTGP                      [c]

व्याख्या

प्रत्येक अक्षर के कोड को 2 अक्षर बढ़ाकर लिखा गया है। अत: CHILDREN का कोड EJKNFTGP होगा।

आरोही और अवरोही क्रम में –

उदा.     यदि किसी सांकेतिक भाषा में LOSE का कोड MQVI लिखा जाता है तो उसी सांकेतिक भाषा में GAIN का कोड क्या होगा?

(a) HLCR                   (b) GCLR

(c) HCLS                   (d) HCLR

(e) इनमें से कोई नहीं                                         [d]

व्याख्या

इस प्रकार LOSE में प्रत्येक अक्षर को क्रमश: +1, +2, +3 और +4 के क्रम में बढ़ाकर कोड बनाया गया है।

अत: GAIN का कोड HCLR होगा।

क्रमागत सम तथा विषम संख्याओं में बढ़ते क्रम में –

उदा.     यदि किसी सांकेतिक भाषा में CLAIM  का कोड EPGQW हो तो उसी सांकेतिक भाषा में FIGHT का कोड क्या होगा?

(a) HHMNPD            (b) HMMPD

(c) MHMPD              (d) HMMPE  [b]

व्याख्या

अत: FIGHT का कोड HMMPD होगा।

गुणा और भाग के द्वारा कोडिंग करना –

उदा.     यदि किसी सांकेतिक भाषा में ABCD का कोड ADIP हो तो उसी सांकेतिक भाषा में HGFE का कोड क्या होगा?

(a) TRNH                  (b) HMRT

(c) HNSU                  (d) HNRT   [d]

व्याख्या

अत: HGFE का कोड HNRT होगा।