ऊर्जा संसाधन

- विद्युत, समवर्ती सूची का विषय है।

राजस्थान स्थापना के समय पर राज्य में 15 विद्युत गृह थे, जिसमें 13.27 M.W. ऊर्जा का उत्पादन किया जाता था।

- वर्तमान (दिसम्बर, 2019) में राजस्थान में 21175 M.W. विद्युत ऊर्जा का उत्पादन किया जा रहा है।

-   वर्तमान  (दिसम्बर, 2019) में राजस्थान में 4637 M.W. सौर ऊर्जा का उत्पादन किया जा रहा है।

राजस्थान में 74,199 गाँवों का विद्युतीकरण किया जा चुका है।

-   पंडित दीनदयाल उपाध्याय योजना के तहत (ग्रामीण ज्योति योजना) 104 गाँवों का विद्युतीकरण किया गया है, तथा

-   92 लाख घरों को विद्युतीकरण की सुविधा उपलब्ध करवाई जा चुकी है।

-   2800 M.W.  की तीन इकाइयाँ छबड़ा (बाराँ), सूरतगढ़ (श्री गंगानगर) तथा रामगढ़ (जैसलमेर) में स्थापित की गई।

-   मोगा (पंजाब) से बनासकांठा (गुजरात) तक ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है, जिसका एक विद्युत स्टेशन जलालसर (बीकानेर) में स्थापित किया गया।

-   दिसम्बर, 2019 में राजस्थान सरकार द्वारा नई सौर ऊर्जा तथा पवन ऊर्जा नीति की घोषणा की गई।

-   नाथद्वारा तथा पुष्कर दो शहरों में भूमिगत विद्युत लाइन की स्थापना की गई है।

बजट 2020-21

-   किसानों की अनुपयोगी भूमि पर सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना करना।

-   राज्य में अल्ट्रा मेगा सोलर पॉवर प्लांट की स्थापना करना।

-   राजस्थान  राज्य विद्युत उत्पादन निगम द्वारा 800 M.W. सौर ऊर्जा का उत्पादन करना।

-   जिला स्तर पर  'ग्रीन एनर्जी सिटी' की स्थापना करना।

-   50 हजार विद्युत कनेक्शन कृषि में प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराना।

विद्युत संगठन

-   1 जुलाई, 1957 को राजस्थान राज्य विद्युत मंडल की स्थापना की गई।

-   वर्ष 1991 में निजी क्षेत्र को विद्युत उत्पादन की अनुमति प्रदान कर दी गई। (देश का प्रथम राज्य जिसने निजी क्षेत्र को विद्युत उत्पादन की अनुमति) प्रदान की।

-   2 जनवरी, 2000 को 'राजस्थान राज्य विद्युत नियामक आयोग' की स्थापना की गई।

-   1 जून, 2000 को 'राजस्थान राज्य विद्युत सुधार अधिनियम-1999' को पारित किया गया।

-   इस अधिनियम के तहत 19 जून, 2000 को 5 विद्युत कंपनियों की स्थापना की गई।

जयपुर में  उत्पादन कार्य हेतु

1 (राजस्थान  राज्य विद्युत उत्पादन निगम)

जयपुर में प्रसारण कार्य हेतु

1 (राजस्थान  राज्य विद्युत वितरण निगम लिमिटेड)

वितरण कार्य हेतु

(a) 3 (अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड )

 

(b) जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड

 

(c) जोधपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड

-   4 दिसम्बर, 2015 को 'राजस्थान राज्य विद्युत विकास निगम लिमिटेड' की स्थापना की गई।

-   14 अक्टूबर, 2015 को 'राजस्थान विद्युत फाइनेन्स कॉर्पोरेशन एण्ड फाइनेंशियल सर्विसेज' की स्थापना की गई।

नवीकरणीय ऊर्जा

-   राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम (RREC)

-   स्थापना = 9 अगस्त, 2002 जयपुर में

-   यह दो इकाइयों राजस्थान ऊर्जा विकास एजेन्सी (REDA) तथा राजस्थान स्टेट पॉवर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (RSPCL) को मिलाकर स्थापित किया गया।

ऊर्जा के स्रोत-  

  1. परम्परागत ऊर्जा स्रोत
  2. गैर-परम्परागत अथवा ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोत

राजस्थान की ऊर्जा नीतियाँ 

     सौर ऊर्जा नीति 

-   प्रथम सौर ऊर्जा नीति 19 अप्रैल, 2011 में लागू की गई।

-   सौर ऊर्जा नीति लागू करने वाला भारत का प्रथम राज्य राजस्थान है।

-   सौर ऊर्जा नीति, 2014 में 25 G.W. सौर ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य रखा गया।

-   राज्य सरकार द्वारा 19 दिसम्बर, 2019 को 'सौर ऊर्जा नीति-2019' की घोषणा की गई।

1. सौर ऊर्जा के मामलें में  राज्य को अग्रणी बनाना।

2. व्यक्तिगत, P. P. P. तथा निजी स्तर पर सौर ऊर्जा का विकास करना।

-   अगले पाँच- वर्षों (2024-25 तक) में 52 G.W. सौर ऊर्जा का उत्पादन करना।

-   सौर ऊर्जा नीति-2019 का लक्ष्य

  1. जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता को कम करना।
  2. पर्यावरण संरक्षण हेतु कार्बन उत्सर्जन को कम करना।
  3. किसानों की बेकार बड़ी भूमि पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित कर आय में वृद्धि करना।
  4. सौर ऊर्जा क्षेत्र में रोजगार सृजन करना।
  5. सौर ऊर्जा उपकरण उत्पादित करने वाले उद्योगों को प्रोत्साहन प्रदान करना।
  6. सौर ऊर्जा क्षेत्र में अनुसंधान को बढ़ावा देना आदि।

-   सौर ऊर्जा उत्पादन में राजस्थान का देश में तीसरा स्थान है। (प्रथम- कर्नाटक तथा दूसरातेलंगाना का है।)

-   राज्य का सर्वाधिक सौर उत्पादक जिला जोधपुर है।

-   सौर ऊर्जा अनुसंधान केन्द्र की स्थापना ITI जोधपुर में की गई है।

-   सौर ऊर्जा के विकास हेतु तीन कंपनियों का गठन किया गया है-

  1. एस्सेल और ऊर्जा कम्पनी राजस्थान लिमिटेड
  2. अडाणी रियूएबल एनर्जी कंपनी लिमिटेड
  3. अडाणी कंपनी  राज्य सरकार द्वारा स्थापित

पवन ऊर्जा नीति, 2012-

बायोमास पॉलिसी,2010-

कैप्टिव पॉवर प्लांट नीति-

पवन तथा हाइब्रिड ऊर्जा नीति -2019

-     19 दिसम्बर, 2019 को राजस्थान सरकार द्वारा पवन तथा हाइब्रिड ऊर्जा नीति जारी की गई।

-     लक्ष्य

-     पवन ऊर्जा, उत्पादन में  राज्य को अग्रणी बनाना।

-     अनुपयोगी भूमि पर पवन ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना करना।

-     हाइब्रिड ऊर्जा तकनीकों के माध्यम से उत्पादन क्षमता में वृद्धि करना।

-     पवन ऊर्जा क्षेत्र में निवेश को प्रात्साहन देना।

-     4000 M.W. पवन ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना करना

राज्य में अक्षय ऊर्जा के स्रोतों के विकास हेतु जारी नीतियाँ-

गैर-परम्परागत ऊर्जा स्रोत से विद्युत उत्पादन प्रोत्साहन नीति (1999)-

पवन ऊर्जा प्रोत्साहन नीति (2000 2003)-

गैर-परम्परागत ऊर्जा स्रोतों से विद्युत उत्पादन को बढ़ावा देने की नीति (2004)-

नई निजी निवेश नीति (2007)-

ऊर्जा योजनाएँ-

1.पं. दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना

-   शुभारम्भ = 3 दिसम्बर, 2014

-   उद्देश्य = ग्रामीण विद्युतीकरण तथा 24 x7 विद्युत उपलब्ध कराना।

-   योजना = प्रसारण तंत्र में सुधार करना।

-   वितरण प्रणाली के दो भाग

  1. घरेलू कनेक्शन (24 घंटे)
  2. कृषि कनेक्शन (3 घंटे)

2. राजीव गाँधी ग्रामीण विद्युतीकरण मिशन -2005

-   उद्देश्य = शहरी क्षेत्रों 24x7 विद्युत उपलब्धता सुनिश्चित करना।

-   योजना = विद्युत प्रसारण तंत्र में सुधार करना।

                    ट्रांसफार्मर, मीटर आदि में परिवर्तन।

3. उदय (Uday)          

-   शुभारम्भ- 20 नवम्बर, 2015

उद्देश्य

  1. वितरण कंपनियों के घाटे में कमी।
  2. विद्युत की लागत को कम करना।
  3. विद्युत कंपनियों के ब्याज दायित्व में कमी।
  4. प्रसारण तंत्र में सुधार आदि।

 

-   योजना = विद्युत कंपनियों का वित्तीय सशक्तीकरण करना।

-   प्रभाव

  1. विद्युत लागत में कमी
  2. उपभोक्ता को सस्ती दरों पर विद्युत की उपलब्धता
  3. विद्युत तंत्र में सुधार नये मीटर, ट्रांसफार्मर आदि।

4. उजाला (उन्नत ज्योति अफोर्डेबल LED फॉर ऑल)

-   शुभारंभ = जनवरी, 2015

-   उद्देश्य = विद्युत खपत में कमी करना।

-   योजनाप्रत्येक घर में LED लाइटों का वितरण।

-  संचालन = एनर्जी एफिसिएन्सी लिमिटेड

5. मु. विद्युत सुधार कार्यक्रम – 2016

-   उद्देश्य = कृक्षि क्षेत्र में सस्ती दरों पर विद्युत उपलबधता  सुनिश्चित करना।

-   योजना = (i) प्रसारण तंत्र में सुधार कर विद्युत लागत में 15 प्रतिशत की कमी करना।

-   (ii) ट्रांसफार्मर बदलाव वितरण व्यवस्था में सुधार

-   (iii) नए विद्युत उपकरणों का इस्तेमाल

6. सौभाग्य योजना

-   शुभारंभ = वर्ष 2017

-   लक्ष्य = 'सहज बिजली, हर घर बिजली'

-   उद्देश्य = मार्च, 2019 तक सभी घरों में विद्युत सुविधा की उपलब्धता।

-   योजना = दूरस्थ पहाड़ी क्षेत्रों जहाँ विद्युत वितरण व्यवस्था नहीं है, वहाँ सौर ऊर्जा विद्युत बैटरी की सुविधान उपलब्ध करवाना।

7. सौलर तापीय कार्यक्रम

-   इसके तहत घर की छत पर गर्म पानी सौर संयंत्र की स्थापना 30% की सब्सिडी।

-   बिजली के बिल में प्रति यूनिट 25 पैसे की छूट (अधिकतम छूट 300 रुपए तक)

8. रुफ-टॉप सौलर फोटो वाल्टिक कार्यक्रम-

-   नवीन नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा संचालन

-   100 K.W. का सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने पर 30% सब्सिडी।

9. जवाहर लाल नेहरू सोलर मिशन-2010

-   इस मिशन में 100 G.W. सौर उत्पादन का लक्ष्य रखा, जो वर्ष 2022 तक के लिए है।

अन्य

-   सोलर सीटी = जयपुर, अजमेर, जोधपुर (रोड लाईट सौर ऊर्जा से)

-   सौलर एनर्जी एन्टरप्राइजिंग जॉन = जोधपुर, जैसलमेर, बाड़मेर।

-   आदित्य सौलर शॉप = सौर ऊर्जा से संबंधित उपकरण सस्ती दरों पर उपलब्ध करवाने के लिए स्थापित दुकानें

-   देश की सबसे बड़ी सौलर दूरबीन ‘MAST’ (बहुपयोगी सौर दूरबीन) को वर्ष, 2015 में उदयपुर में स्थापित किया गया।

-   सौलर पार्क हेतु  राज्य सरकार तथा क्लिंटन फाउण्डेशन के मध्य वर्ष , 2010 में समझौता हुआ।

-   राज्य का प्रथम सौलर पार्क भड़ला, जोधपुर में स्थापित किया गया।