ब्रिटिश साम्राज्य का विस्तार

 

आंग्ल - मैसूर युद्ध

आंग्ल-मराठा युद्ध

प्रथम आंग्ल-मराठा युद्ध (1775-1782 ई.) :-

द्वितीय आंग्ल-मराठा युद्ध (1803-1806 ई.):-

तृतीय आंग्ल-मराठा युद्ध (1817-1818 ई.) :-

सहायक संधि-लॉर्ड वेलेजली

सहायक संधि स्वीकार करने वाले प्रमुख राज्य

डलहौजी की व्यपगत नीति(Doctrine of lapse):-

अंग्रेजों की पंजाब विजय

अंग्रेजों एवं भारतीय राज्यों के बीच हुई प्रमुख संधियाँ-

संधि

          वर्ष

संधिकर्ता

अलीनगर की संधि

9 फरवरी, 1757

बंगाल के नवाब सिराजुद्दौला और ईस्ट इंडिया कंपनी के बीच। इस संधि में अंग्रेजों के प्रतिनिधि के रूप में क्लाइव और वॉटसन शामिल थे।

अमृतसर की संधि

28 अप्रैल, 1809

महाराजा रणजीत सिंह और ईस्ट इण्डिया कंपनी के बीच। इस संधि के समय भारत के गवर्नर जनरल लॉर्ड मिन्टो थे जिन्होंने ईस्ट इण्डिया कंपनी की ओर से प्रतिनिधित्व किया था।

इलाहाबाद की संधि

1765 ई.

क्लाइव और मुगल बादशाह शाहआलम-II के बीच।

उदयपुर की संधि

1818 ई.

उदयपुर के राजा राणा और अंग्रेजों के बीच।

गंडमक की संधि

1879 ई.

वायसराय लॉर्ड लिटन और अफगानिस्तान के अपदस्थ अमीर शेर अली के बीच।

देवगाँव की संधि

17 दिसम्बर, 1803 ई.

रघुजी भोसले और अंग्रेजों के बीच।

पुरंदर की संधि

मार्च, 1776 ई.

मराठों और ईस्ट इंडिया कंपनी के बीच।

पूना की संधि

1817 ई.

पेशवा बाजीराव-II और अंग्रेजों के बीच।

बड़गाँव की संधि

1779 ई.

मराठों और कंपनी के बीच (प्रथम आंग्ल-मराठा युद्ध के समय )। इस संधि पर अंग्रेजों की ओर से कर्नल काकवर्न ने हस्ताक्षर किया था।

बनारस की संधि

प्रथम संधि - 1773 ई.

अवध के नवाब शुजाउद्दौला और अंग्रेज ईस्ट इण्डिया कम्पनी के बीच।

 

द्वितीय संधि - 1776 ई.

काशी नरेश चैत सिंह और ईस्ट इण्डिया कंपनी के बीच।

बसीन की संधि

31 दिसम्बर, 1802 ई.

मराठा पेशवा बाजीराव-II और अंग्रेजों के बीच।

सालबाई की संधि

1782 ई.

महाराजा शिन्दे और ईस्ट इण्डिया कंपनी के बीच।

सुर्जीअर्जन गाँव की संधि

1803 ई.

अंग्रेजों और दौलत राव के बीच।