राज्य निर्वाचन आयोग
1. संवैधानिक स्थिति
- 73 वें संविधान संशोधन के तहत अनुच्छेद 243(K) पंचायती राज संस्थाओं हेतु तथा अनुच्छेद 243 (ZA) शहरी स्थानीय स्वशासन संस्थाओं के चुनाव करवाने हेतु राज्य निर्वाचन आयोग का गठन किया गया।
2. संरचना
- राज्यों में राज्य निर्वाचन आयोग को बहुसदस्यीय न बनाकर एक सदस्यीय बनाया गया है।
- राज्य निर्वाचन आयोग का प्रमुख राज्य निर्वाचन आयुक्त कहलाता है।
3. नियुक्ति एवं कार्यकाल
- राज्य निर्वाचन आयुक्त की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है।
- राज्य निर्वाचन आयुक्त का कार्यकाल कार्यग्रहण की तिथि से 5 वर्ष या 65 वर्ष की आयु (जो भी पहले हो) होता है।
4. पद से हटाना
- राज्य निर्वाचन आयुक्त को उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की भाँति ही हटाया जाता है।
5. कार्य
- राज्य के पंचायतों एवं नगरपालिकाओं के चुनावों के लिए मतदाता सूचियों को तैयार करता है।
- राज्य की पंचायतों एवं नगरपालिकाओं के लिए निर्वाचन करवाता है।
नोट :-
- राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग का गठन जुलाई 1994 में किया गया।
- राजस्थान में राज्य निर्वाचन आयुक्त के पद पर भारतीय प्रशासनिक सेवा के ऐसे अधिकारी नियुक्त किए जाते हैं जो कि किसी विभाग में सचिव के पद पर हो।
- राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग से लेकर वर्तमान तक के आयुक्तों का विवरण–
1. अमरसिंह राठौड़ [1 जुलाई, 1994 से जुलाई 2000]
2. एन. आर. भसीन
3. इन्द्रजीत खन्ना
4. अशोक कुमार पाण्डे
5. राम लुभाया
6. प्रेमसिंह मेहरा (जुलाई 2017 से वर्तमान)
- राजस्थान पंचायतीराज अधिनियम 1994 की धारा 119 के अनुसार बी.बी. मोहन्ती को प्रथम मुख्य निर्वाचन अधिकारी एवं सचिव नियुक्त किया गया।
नोट :- राज्य निर्वाचन आयोग व भारतीय निर्वाचन आयोग दोनों पृथक् संस्थाएँ है।